दहेज प्रथा एक अभिशाप है. anti dowry motivational quotes in hindi

दहेज प्रथा ,अब प्रथा नहीं रही   एक अभिशाप बन गई है। जब भी किसी लड़की का जन्म होता है सबसे पहले हम सबके मन में यही विचार आता है,यह अपनी अमानत किसी और के घर में एक दिन  चली जायेगी और साथ में दहेज भी देना पडेगा और फिर भी कोई औरत की इज्जत नही करता। इस दर्द को एक औरत बहुत अच्छे समझ सकती है,जैसे ही हम सब के घरों में किसी लड़की की शादी की बात होती है तो सबसे पहले बात उसके बजट कि जाती है। शादी पर कितना खर्च करोगे अर्थात लड़के वालों का एक ही सोच होती है कि बेटी वाला कितना पैसा खर्च कर सकता है शादी पर ,लड़की वाले आजकल बड़ी गाड़ी मिलना और ज्यादा दहेज मिलना शान की बात समझने लगे हैं लगता है जैसे समाज में दहेज लेना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। कई बार मां बाप अपनी बेटी को खुश रखने के लिए अपने औकात से बढ़कर   दहेज देने में पर विवश करते है। अब यह विषय बहुत ही गंभीर होता जा रहा है।
दहेज एक सामाजिक बुराई बनती जा रही है। ऐसा माना जाता है पुराने समय में कुछ लोग जब अपनी बेटी की शादी करते तो अपनी बेटी को कुछ चीजें उपहार के रूप में देते थे कि ताकी अपनी बेटी के साथ मां बाप की यादें जुड़ी रहे,पर अब यह उपहार नहीं एक बहुत बड़ी बुराई का जन्म ले लिया है। यह उपहार अब उपहास बनकर रह गया है। पहले लोग खुशी के अनुसार ही अपनी जेब के अनुसार अपनी बेटी को कुछ चीजें गिफ्ट दे देते थे। पहले  बहुत कम पैसे में और शादी हो जाती थी। दोनों परिवारों के बीच एक प्रेम संबंध बने रहते थे।
 लेकिन आज इस कलयुग के दौर में लड़की पैदा होना मां-बाप के लिए बहुत ही चिंता वाला विषय बनता जा रहा है। जैसे ही किसी दम्पति के यहां बेटी जन्म लेती है तो वह अपनी जरूरतों को कम करके की शादी के लिए कुछ जमा पूंजी जोड़ने में लग जाते हैं। हमारे घर के बड़े बुजुर्ग भी हमें अक्सर याद दिलाते रहते हैं कि सोच समझकर खर्च किया करो आप एक बेटी के मां-बाप हो। कल इसकी शादी भी करनी है तो फिर इसकी शादी करने के लिए के पैसा कहां से लाओगे।
आज के इस दौर में लड़की के मां बाप अपने बेटी को एक अच्छी शिक्षा देते हैं ,लेकिन लगता है लोगों को शिक्षा की कोई कदर ही नहीं दहेज रूपी राक्षस उनके दिमाग से खत्म ही नहीं होता,और कई बार यही दहेज अक्सर लड़कियों की जान ले लेता है ।आजकल रिश्ते इस बात के मोहताज हो गए हैं कि आपको जिस तरह का लड़का चाहिए आपको उसी तरह के फिर पैसे खर्च करने होंगे,अगर आपको बड़े घर का लड़का चाहिए तो आप को दहेज के लिए बढ़-चढ़कर धन भी खर्च करना पड़ेगा। यह मेरा अपना अनुभव है आज के आज के इस दौर में लोगों को इस बात की कोई कदर नहीं की लड़की कितनी पढ़ी लिखी है, कितनी काबिल है। वह संस्कारी है या नहीं उसके अंदर सेवा भाव या सम्मान भाव है कि नहीं उससे कोई फर्क नहीं पड़ता ।बस बात केवल इतनी है कि लड़की के बाप की दहेज देने की औकात कितनी है। दहेज देने के लिए क्या वह उनकी मांग पूरी कर पाएंगे। कया वह हमारी समाज में इज्जत रख पाएगा। लोगों को लगता है बड़ी गाड़ी अगर दहेज में मिल रही है तो हमारी इज्जत बढ़ रही है। आजकल लोग लड़कियों से रिश्ते नहीं गाड़ियों से रिश्ते करने लगे हैं। मां बाप यह शर्ते पूरी करते हैं तो शादी पक्की वरना बाय बाय । लोग यह नहीं समझते जिस मां-बाप ने अपने जिगर का टुकड़ा आपको दे दिया है वह सारी जिंदगी आपके घर में एक नौकर की तरह काम करता है, फिर दहेज किस बात का।
 मेरा यह मानना है आप सब मिलकर हमे दहेज के खिलाफ एक ठोस कदम उठाना चाहिए तभी इस बुराई का अंत हो पाएगा वरना यह बुराई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।
 दहेज के नाम पर लड़कियों को शोषण होता है यह पीड़ा वह लोग बहुत अच्छे से समझ सकते हैं जो एक बेटी के मां बाप हैं और जिनके घर में बहने हैं। अगर आज के पढ़े-लिखे नवयुवक इस बात के लिए आगे आए शायद यह दहेज रूपी राक्षस हमेशा के लिए खत्म हो जाए ।इसके लिए पढ़े लिखे समाज को आगे आना होगा ।कुछ लोग अब थोड़ा समझने भी लगे हैं कि दहेज लेना एक बहुत बड़ी बुराई है। पढ़े-लिखे नवयुवक इसके लिए आगे आए और अपने मां-बाप का भी विरोध करें दहेज लेने पर और दहेज देने वालों का भी विरोध करें। तो यह बुराई हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। फिर शायद किसी भी बेटी की दहेज की बलि ना चढ़े और ना ही कोई बेटी कोख में मरवाई जाए।
 कुछ लोग तो इसी डर के मारे अपनी बेटियों को मार देते हैं कि इनकी शादी कैसे करेंगे यह एक बहुत ही बुरी प्रथा है। इस प्रथा पुरे समाज को बहिष्कार कर हमेशा के लिए खत्म करना होगा। कुछ लोग अपनी लड़कियों की शादी करने के लिए कर्जदार तक हो जाते हैं और वह कई बार कर्ज नहीं उतार सकते तो इसके चलते हुए कई बार अपनी जान भी खो देते हैं ।
लोगों का ऐसा मानना हो गया जैसे लड़की का बाप तो सिर्फ देहज देने के लिए ही पैदा हुआ है,और यह गंदा खेल 1 दिन में खत्म नहीं होता यह पूरी जिंदगी तक चलता रहता है कभी दिवाली तो कभी होली लड़की वालों का हमेशा शोषण होता रहता है। हमेशा अपने बाप के घर से कुछ लाने के लिए ही तत्पर रहती है ।शायद मेरी बेटी  की  इज्जत हो जाये और इन लोगों को यही समझ नहीं है कि शादियां दहेज के भरोसे नहीं दो परिवारों के मेल से चलती हैं ।अक्सर लड़कियों को  सुसराल में यही ताने सुनने को मिल जाते हैं अरे तेरे बाप ने दिया ही क्या है।  खाने तक के लोग ताने दे देते हैं तेरे बाप नहीं खाना भी ढंग का नही बनवाया था ।अगर कोई इनको पूछने वाला हो कया  तुम्हारे घर में कोई बहुत बड़ा कुक खाना बनाता है। लोग यह भूल जाते हैं , अगर तुम किसी और की बेटी का शोषण कर रहे हो कल तुम्हारे घर भी एक बेटी जन्म ले सकती है ।तुम्हें खुद एक बेटी के मां बाप बन सकते हो आपके साथ भी ऐसा कोई बुरा बर्ताव करे तो फिर आपके मन पर क्या बीतेगी।
 दहेज के कारण पता नहीं कितनी लड़कियों ने अपनी जान दे दी। यह हमारे समाज के लिए एक शर्म की बात है।
दहेज प्रथा का अंत.....▪︎▪︎
 इतिहास इस बात का गवाह है अगर किसी आन्दोलन को सफल बनाना है तो उसके लिए एक आंदोलन करना बहुत जरूरी है। और यह आंदोलन सिर्फ नौजवान मिलकर ही कर सकते हैं। इसमें नौजवानों की ही महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। आकंडौ के अनुसार  है कि आज हमारे देश में 70%आबादी लड़कों की है,और अगर लड़के इस बुराई को खत्म करने के लिए प्रण ले ले तो यह दहेज रूपी राक्षस हमारे  समाज से हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं।हमें इस सामाजिक बुराई को हमेशा के लिए खत्म करना होगा ।और मेरे साथ इस आंदोलन में आप सब को भी बढ़-चढ़कर भाग लेना होगा ।जिस तरह देश में से और गंदगी बुराइयों की सफाई की जाती है ।उसी तरह दहेज भी एक गंदगी है इसकी सफाई करना हमारा कर्तव्य है ।केवल सोचने से कुछ नहीं होगा इस बुराई  के लिए  एक आन्दोलन चलाना बहुत जरूरी है। और मेरा यह मानना है आज इंटरनेट का जमाना है अगर नौजवान इस बुराई के खिलाफ एक मुहिम चलाएं तो दहेज लेने वालों पर भी जो लोग दहेज देने का लालच देते उन पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए । कुछ लोग अपने पैसे के बलबूते पर अपनी बेटियों को जरुरत से ज्यादा दहेज देने का लालच देकर शादियां करवाते हैं ,ऐसे लोगों पर भी सख्ती बरतनी चाहिए।
 और कुछ लोग नहीं दे सकते वह मजबूर हैं वह कर्ज लेकर शादियां करते हैं ।इस विषय पर गहराई से सोचना चाहिए अगर हम सब मिलकर इस बुराई का अंत करना चाहे तो जरूर 1 दिन अच्छे दिन आएंगे और यह बुराई हमेशा के लिए जड़ से खत्म हो जाएगी।आइए आज हम सब मिलकर इस बुराई को जड़ से खत्म करने का एक नया संकल्प लें।
 इसलिए मैं आज आप से उम्मीद करती हूँ  मेरा यह लेख पढ़ने के बाद आप सब इस मुहिम में शामिल हो और इस बुराई को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए एक आंदोलन चलाए और इसमें बढ़-चढ़कर भाग लें ताकि किसी और की बेटी और बहन कभी दहेज की बलि ना चढ़े।

नया सक्लंप▪︎▪︎▪︎
 चलो अब एक नया कदम उठाते हैं दहेज रूपी राक्षस को हमेशा के लिए जड से मिटाते है।
समाज को इससे मुक्त करके एक नई शुरूआत नई निव बनाते है। 
किसी भी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक आंदोलन की जरूरत होती है और उस आंदोलन में अगर नवयुवक साथ दें तो शायद कोई ताकत नहीं इस बुराई को खत्म ना कर सके क्योंकि दहेज बुराई ही नहीं बल्कि एक बहुत बड़ी बीमारी समाजिक बीमारी है।
 चलो आज एक नए संकल्प लेते हैं।
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Anti dowry motivational quotes in hindi 

Quotes. 1
घर का खिलौना दे दिया ,
आंगन का चंदा दे दिया
 मन दे दिया धन दे दिया
 जो था अब तक अपना वह सब कुछ दे दिया.
 घर था रोशन जिससे मेरा 
उस घर का दिया दे दिया 
जिगर का टुकड़ा मैंने 
बेगानो के हाथों में सोंप दिया 
तब भी वह मुझसे पूछते हैं कि दहेज में आपने ऐसा क्या दिया....???

Quotes.  2
औरत कभी कोई खिलौना नहीं होती वह परमात्मा का स्वरुप है
 मां तो वह देवी है जो मौत को गले लगा कर  एक नई जिंदगी को जन्म देती है..!!

Quotes. 3
एक पिता ने दे दी जान से प्यारी गुड़िया,वो हवसी दहेज के बाजारू खिलौने मांग बैठे...!!
Quotes.4
कलयुग का दौर है साहब 
 एक वक्त की रोटी मांग कर खाने वाले भिखारी हो गए और बेटी के साथ दहेज मांगने वाले इज्जतदार हो गए....!!

Quotes. 5
दहेज क्या है उस बाप से पूछो जिसकी जमीन भी चली गई और जिगर का टुकड़ा भी...!!

Quotes. 6
दहेज के भूखे सुनो बाप ने हीरा दे दिया, फिर भी तू भूखा रह गया.
 मां ने दे दी अपनी गुड़िया
 तू खिलौनों का भूखा रह गया 
दे दी चिड़िया अपने आंगन की
 तू कोयल का भूखा रह गया 
पढ़ा-लिखा जिसे योग्य बनाया
 तु उससे  शिक्षा लेना भूल गया, तुझे चाहिए गाड़ी बंगला 
वो अपना गहना तेरे घर छोड़ गया, जा पुछ उस बाप से जा कर 
जो खुद टूट कर तुझे जोड़ गया 
अरे भूख मिटा दें इस दहेज की तू, बहू को अपने बेटी बना ले आज तू  दहेज कि भूख से हटकर कुछ
और सोच ले तू,
कुछ पल उस बाप की सोच ले तू
जिसके जिगर का टुकड़ा अपने घर ले आया तू..!! 

Quotes. 7
बुढ़ापे में माता-पिता का असली सहारा एक अच्छी बहू होती है,
ना कि बेटा इसलिए बहू के संस्कार देखो ना कि दहेज..!!

Quotes. 8
 बाप का दुख दर्द बांट लेते हैं बेटियां, बेटों को तो मैने जमीन बांटते हुए देखा है..!!

Quotes. 9
ना दान चाहिए ,ना दहेज चाहिए  जिस माँ बाप ने अपनी बेटी ससंकारो का दहेज दिया हो ऐसी एक संस्कारवान बहू चाहिए...!!

Quotes. 10
दहेज प्रथा नहीं भीख मांगने का एक सामाजिक तरीका है फर्क सिर्फ इतना है देने वालों की गर्दन झुकी है और लेने वालों की अकड बढी है...!!
Quotes. 11
चलो अब एक नई शुरुआत करें दहेज प्रथा का हमेशा के लिए नाश करें...!!
 Quotes. 12
वाह रे मर्द तू आज अपने पुरुषोत्व पर कितना इतरायाा, कि तू सरेआम अपने बेटे को दहेज वाली मंडी में बेचा आया ....!!


Quotes. 13
अपनी बेटी को दान दहेज थोड़ा दे देना ,लेकिन संस्कारों का दहेज जरूर देना....!!
Quotes.14
घर में नई बहू उस पौधे की तरह है जो एक जगह से उखाड़कर दूसरी जगह लगा दिया जाता है, फिर से पननने के लिए...!!


Quotes.15
देहज समाज पर एक ऐसा  अभिशाप है, जहां पर बाप पूछता है क्या बेटी का बाप होना एक पाप है...!!
Quotes .16
कलयुग के इस दौर में आज मैंने पढ़े-लिखे भिखारी देखें 
शादी के नाम पर दहेज मांगते हुए  देखें...!!

Quotes.17
मां-बाप का घर बिका तब जाकर कहीं बेटी का घर बसा, कितनी अभागी है ,यह दहेज प्रथा..!!

Quotes.18
 पहले दहेज मांग कर इतना बड़ा पाप करते हैं ,बुढ़ापे में यही लोग फिर गंगा स्नान करते हैं...!!


Quotes.19
दहेज में कार लेने की बड़ी ललक थी और जेब में कार मे तेल डलवाने की औकात नहीं थी...

Quotes .20
बेटी हूँ, बिकाऊ नहीं 
दहेज के भिखारीयो की चोखट पर जाना नहीं ...!!


 Last  message ▪︎▪︎▪︎▪︎
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