motivational hindi story सफलता का रहस्य हमेशा पोजिटिव सोचे रखे ...☆☆☆☆

कई बार हम अपनी जिंदगी से निराश होकर, किसी काम को लेकर इतनी निराशा से भर जाते हैं कि हम उसे करने के लिए हमारे पास ना तो हिम्मत होती है ना ही जुनून .किसी काम को करने के लिए हिम्मत और जुनून जरूरी है. यह तभी संभव है अगर हमें कोई अपना इस बात के लिए मोटिवेट करें और हमारा हौसला बढ़ाएं .आज मैं आपके लिए कुछ ऐसी ही कहानियां लेकर आई हूं, जो शिव खेड़ा की एक किताब से ली गई है किताब का नाम जीत आपकी से ली गई है. आपको उनको पढ़कर अपने काम को फिर से करने का जुनून भर जाएगा. मेरी हर कहानी में एक मैसेज छिपा हुआ है ,कि कई बार हमारे अंदर इतनी ताकत होती है कि हमें पता ही नहीं होता कि हमारे पास क्या है ,इसलिए अपनी शक्ति को पहचानो और सफल होने के लिए अपने अंदर एक ऐसा जुनून पालो जो कोई और नहीं सिर्फ वह हमारे अंदर है. बस जरूरत है उसे पहचानने की और जानने की फिर कोई हमें सफल होने से नहीं रोक सकता.

Hindi motivationl कहानियां 👇🏻

हीरो से भरा हुआ खेत..hindi story 

हाफिज अफ्रीका का एक किसान था .वह अपनी जिंदगी से बहुत खुश और संतुष्ट था.हाफिज खुश इसलिए था कि वह संतुष्ट था, और वह संतुष्ट इसलिए था क्योंकि वह खुश था एक-दिन उसके पास आया एक अकलमंद आदमी आया और उसको हीरो से भरे के खेतो का महत्व और उनसे जुड़ी ताकत के बारे में पूछा। उसने हाफिज से कहा अगर आपके पास अंगूठे जितना भी बड़ा हीरो हो तो तुम पूरा शहर खरीद सकते हो, और अगर तुम्हारे पास अंगूठे जितना बड़ा हीरा हो तो शायद तुम पुरा शहर खरीद सकते हैं हो।और अगर आपके पास मुठी जितना हीरा हो तो शायद दुनिया के कई शहर  खरीद सकते हो। अब वह अकलमंद आदमी इतना कहकर चला गया और उस रात हाफिज सो नहीं सका। कयोंकि वह सारी रातअसंतुष्ट रहा। इसलिए उसी खुशी भी खत्म हो चुकी थी। दूसरे दिन सुबह होते ही हाफिज ने अपने खेतों को बेचने सोच ली,और अपने परिवार की देखभाल का इंतजाम किया और हीरे खोजने के लिए रवाना हो गया। वह हीरो की खोज में पूरे अफ्रीका में भटकता रहा और उन्हें कहीं भी हीरे नहीं मिले। उसने हीरे युरोप में भी ढूँढे पर, हिरे कही भी नहीं मिले।अब सपेन पहुंचते-पहुंचते वह मानसिक, शारीरिक और आर्थिक स्तर पर पूरी तरह थक चुका था। इतना मायूस हो चुका था उसमें बर्सिलोना की एक नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली थी ।

इधर जिस आदमी ने हाफिज के खेत खरीदे थे वह एक दिन उन खेतों में सै होकर पास से बहने वाले नाले मे से अपने ऊंटो को पानी पीला रहा था, तभी सुबह के पहली सूर्य की पहली किरण नाले के दुसरी और उस पत्थर पर पडी। वो पत्थर इंद्रधनुष की तरह जगमगा रहा था और वो किसान यह सोचकर पत्त्थर घर उठा लाया कि उसकी बैठक में रखेगा और सबको देखने में अच्छा लगेगा,और उस पत्थर को उठाकर ले आया। और उसी दिन हाफीज को हीरों की जानकारी देने वाला इन्सान खेतों के नये मालीक के पास पहूच गया ।और उसने जगमगाते हुए पत्थर को देखकर नये खेतों के मालिक को पुछा हाफिज के बारे में पूछा कया हाफिज वापिस लोट आया है ? नए मालिक ने जवाब दिया नहीं लेकिन उसने कहा आपने यह सवाल क्यों पूछा अकलमंद आदमी ने जवाब दिया कयोंकि यह हीरा है और मैैंने हाफीज को हीरे के बारे में बताया था ,और मै उन्हें देखते ही पहचान जाता हूं।अब नये मालिक ने कहा नहीं यह तो महज एक पत्थर है।मैंने इसी नाले के पास से उठाया है।आइए मैं आपको दिखाता हूं वहां पर ऐसे बहुत सारे पत्थर पड़े हुए हैं,उन्होंने वहां से नुमने के तौर पर बहुत सारे पत्थर उठाये और जाँच परख के लिए भेज दिए और वह सारे पत्थर हीरे साबित हूए। उनको पता चला हाफिज के सारे खेतों में हीरे दबे हुए थे।

• इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है...... कि जब हमारा नजरिया सही होता है, तो हमें महसूस होता कि हम हीरो से भरी हुई जमीन पर चल रहे हैं .ऐसे मौके हमेशा हमारे पास ही होते हैं और हमें उनकी तलाश कहीं जाने की जरूरत नहीं केवल उनको पहचान लेना की जरूरत होती है।

2. दुसरो के खेत हमेशा हरे भरे  दिखाईं देते है।

3. हमें दूसरों के पास मौजूद चीजों को देखकर उनकी तरफ भागते हैं और जो हमारे पास मौजूद चीजों है उन्हे देखकर अनदेखा कर जाते हैं .

••••••••••••••••••••••••••••••••••••
 Motivational Hindi story 
दुसरी कहानी .....
रगों का महत्व 

एक बार एक आदमी मेले में गुब्बारे बेचकर अपनी जिंदगी का गुजारा कर रहा था। उसके पास कई रगं के नीले, हरे,लाल और पीले बहुत सारे गुब्बारे थे जब उसकी बिक्री कम होने लगती तो वो हीलियम गैस से भरा हुआ एक काले रगं बड़ा गुब्बारा हवा में उड़ा देता था। बच्चे जब उड़ते हुए गुब्बारे को देखते तो बच्चे गुुुब्बारे खरीदने के लिए उसके पास पहुंच जाते और उस आदमी की बिक्री फिर से बढ़ने लगती। उस आदमी की बिक्री जब भी घटती तो हर बार बिक्री बढाने के लिए गुब्बारे उड़ाने का यह तरीका अपनाता।

 एक दिन के गुबबारे वाले को महसूम हुआ कि उसकी कोई जैकट खींच रहा है ।उसने पलट कर देखा तो वहां एक बहुत छोटा बच्चा खड़ा था बच्चे ने से पूछा अगर आप हवा में किसी और रगं का रगं का गुब्बारा छोड़ दें तो क्या वह भी उड़ेगा, बच्चे के इस सवाल ने के गुब्बारे वाले का मन को छू लिया ।तब गुब्बारे वाले ने बच्चे के मुड कर जवाब दिया बेटा गुब्बारा रगं की वज़ह से नहीं वह उसके अंदर भरी हुई हवा की वजह से उड़ता है।

इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है ....की यही उसूल हमारी जिंदगी पर भी लागू होता है .हमारी असली पहचान अदरूनी शख्सीयत होनी चाहिये ना की बाहरी दिखावा,जो हमारा नजरिया बनता है. यही आदत हमारी वजह से बनता है जो हमें ऊपर उठाता है..!!••••••••••••••••••••••••••••••••••••

Motivational hindi story 
तीसरी कहानी...दो भाई
डेेेविड और गोलियथ

हम सब बाइबल में बताई गई डेविड और गोलियथ की कहानी सभी जानते हैं। गोलीयथ एक राक्षस था । उसने हर आदमी के दिल में अपने दहशत बिठा रखी थी। सभी गांव वाले उससे डरते थे एक दिन 17 साल का एक भेड़ चराने वाला लड़का अपने भाइयों के साथ उनसे मिलने के लिए आया और उसने सभी गांव वालों से पूछा कि तुम लोग राक्षस से इतना डरते क्यों हो। तुम उससे लड़ते क्यों नहीं हो ।उसके भाई गोलियथ से सब डरते थे उन्होंने जवाब दिया क्या तुम्हें नहीं देखा तो वह कितना बड़ा है,कि उसे मारा ही नहीं जा सकता। इस पर डेविड ने कहा बल्कि यह बात नहीं है कि बड़ा होने की वजह से उस राक्षस को मारा नहीं जा सकता। असली सच्चाई तो यही है कि इतना बड़ा होने पर उस पर लगाया गया निशाना चूक ही नहीं सकता, और उसके बाद जो हुआ वह सबको मालूम है डेविड ने उस राक्षस को एक गुलेल से मार डाला।

राक्षस भी वहीं था,लेकिन उसके बाद डेविड का नजरिया बस सबसे अलग था। 

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है ...कि हमारे नजरिए से  हम क्या कर सकते है और कया नही कर सकते। 

हमें क्या करना है यही सोच आदमी के लिए रास्ते का रोड़ा भी बन सकती है और वही रोड़ा कई बार हमारे चलने का रास्ता भी बन सकता है।

○○○○○○○○○○○○○

Hindi story 👇🏻
चौथी कहानी ....सोनेे की तलाश 

सोने की तलाश मे अपने बचपन  से ही दो भाई अपने बचपन के दिनों में स्कॉटलैंड से अमरीका चले गए उन्होंने उन्होंने छोटे-मोटे कामों से अपने काम की शुरुआत की और आखिरकार अमेरिका में स्टील की एक बड़ी कंपनी के मालिक बन गए, एक ऐसा वक्त आया जब उनके लिए 43 करोड़पति काम करते थे ।करोड रुपए इस जमाने में बहुत होते थे लेकिन सन् 1920 के आसपास उनको बहुत ज्यादा कीमत थी किसी ने उन से पुछा कि आप लोगों से कैसे पेश आते हो ? उन्होंने जवाब दिया लोगों से पैश आना काफी हद तक सोने की खुदाई करने जैसा है ।हमको एक तोला सोना खोदकर निकालने के लिए कई टन मिट्टी हटानी पड़ती है। तब जाकर कहीं एक तोला सोना प्राप्त होता है, लेकिन खुदाई करते समय हमारा ध्यान मिट्टी पर नहीं बल्कि सोने पर रहता है। उनके इस जवाब में एक बहुत महत्वपूर्ण संदेश छिपा हुआ था, कि किसी  इंसान के हालात में कोई अच्छी बात साफ तौर पर दिखाई ना दे रही हो ऐसे हालात में हमें उसे गहराई में जाकर तलाशना होगा। हमारा मकसद कया है ? 

सोने को तलाशना या मिट्टी को देखकर पिछे हटना।अगर हम किसी इंसान या किसी चीज में कमियां ढूंढ लेंगे तो हमको ढेर सारी कमियां दिखाई देंगी ,लेकिन जिस चीज की तलाश है ,हमें सोने की यह मिट्टी की। कमियां ढूंढने वाले तो भगवान और स्वर्ग में भी कमियां निकाल लेते हैं।अधिकतर लोगों को वही मिलता है जिसकी उन्हें तलाश होती है।

 इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है की बात सारी हमारे नजरिए की है अगर हम positive सोच रखते हैं, तो हमें positive ही मिलेगा अगर हम नेगेटिव सोच रखते हैं तो हमारे साथ नेगटिव ही होगा। इसलिए हमेशा अच्छा सोचे ,अच्छा बोले, और आपके साथ फिर अच्छा ही होगा। कभी भी भूल कर गलत बात ना बोले ,ना सोचे ना आपके साथ फिर कभी गलत होगा। इसलिए हमेशा अपने नजरियों को हमेशा पोजिटिव रखें। लोगों का तो काम है ,दूसरे के कामों में नुक्स निकालना। उनकी कभी प्रवाह ना करें,और हमेशा आगे बढ़ने के लिए अपनी अंतरात्मा की आवाज सुने।

 मेरी इन तीनों कहानियों में यही बात छिपी हुई है कि हमेशा अपनी सोच अपने काम के प्रति positive सोचे फिर कोई भी आपको सफल होने से नहीं रोक सकता।

सफलता आपकी सोच पर निर्भर करती है, कि आप किस तरह की सोच रखते हो। अगर आप हमेंशा अपने लिए सही सोचोगे तो आपके साथ सही होगा। सही सोचने वालों के साथ भगवान भी हरदम साथ होते हैं,और जिनके साथ भगवान है उनके साथ कभी कुछ गलत नहीं होता।

••••••••••••••••••••••••••••••••••••

अंतिम शब्द .... अगर आपको मेरी यह कहानियां अच्छी लगी हो तो प्लीज अपने फ्रेंडस, फेसबुक और व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें, और कमेंट बॉक्स में अगर आपको कोई कमी लगी हो तब भी लिखें और अगर अच्छी लगी हो तो प्लीज शेयर करें thankyou for everyone


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ