सतांन का रगं गोरा करने के लिए घेरेलू उपाय

गोरा संतान पैदा करने के लिये उपाय और कुछ जुड़े मिथक:-


हमारे समाज में आज भी लोग गोरे रंग वाले लोगों को बहुत पसंद करते हैं .जैसे कि फिल्मों में देखने वालों को अधिकतर सुंदर चेहरे गोरे होते हैं .इसलिए लोग अपने दिमाग में यह बात उठा लेते हैं कि गोरा रंग होना ही लोगों की सुंदरता की पहचान है . इतना ही नहीं गर्भवती महिला को प्रेग्नेंट होते ही, गोरा बच्चा होने के उपाय को खोजना शुरू कर देते हैं. घर की बुजुर्ग महिलाएं भी सुंदर संतान पाने के लिए गर्भवती महिला को कई तरह की चीजें खाने की सलाह देनी शुरु कर देती हैं।
गोरा रंग सबको अच्छा लगता है खासकर महिलाओं के लिए. गोरा बच्चा पैदा करने के लिए आयुर्वेद मे भी टिप्स और जड़ी बूटियों बताई जाती हैं .
लेकिन बच्चे के जन्म से पहले उसके रंग को लेकर निर्धारित करने का कोई तरीका मौजूद नहीं है. गोरा बच्चा करने वाले उपायों को हम 100%सही नही कह सकते .सिर्फ कोशिश कर सकते हैं क्योंकि इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं है.

किसी भी व्यक्ति की त्वचा का रंग निर्धारित करने के लिए मेलेनिन जिम्मेदार होता है. जो त्वचा की कोशिकाओं द्वारा त्वचा की निचली परत पर बनता है. जब यह प्रोटीन निकलकर त्वचा की ऊपरी परतो में जमा होता है ,तो इससे त्वचा का रंग गहरा होने लगता है. कम मेलेनिन की तुलना में अधिक मेलेनिन वाले व्यक्तियों की रंग काला होता है।

मानव शरीर में प्रोटीन द्वारा निर्मित या निरंतर की जाने वाली सभी चीजें अनुवांशिक आधार पर तय होती हैं. यही तरीका मेलेनिन के लिए भी लागू होता है. जिनसे व्यक्ति की त्वचा का रंग दो तरह से प्रभावित हो सकता है. पहले में अगर जींस की मदद से बनने वाला एंजाइम नाम से जाना जाता है, तो उसके निर्माण में बाधा होने लगे. क्योंकि फैमिली history को रगं बदलने की अंतिम प्रक्रिया होती है. बच्चे का रगं गोरा होना माँ बाप पर भी तय करता है.

केसर के उपाय ....

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को केसर वाला दूध पीने का एक सामान्य बात है. आप इसको बच्चे का रगं गोरा करने के लिए पी सकते हैं ,लेकिन यदि आपका गोरा बच्चा पैदा करने के उपाय तहत केसर वाला दूध पी रही हैं, तो आपको बता देंगे है एकमात्र मिथक है। लोगों का मानना है कि केसर वाला दूध पीने से पैदा होने वाले बच्चे और उसकी मां का रंग गोरा होता है इसी कारण महिला गर्भवती होते ही केसर वाला दूध पीने की सलाह देने लगते हैं. केसर की तासीर गर्म होती है।
इसका एक या दो तीन तिनके मात्रा ही बहुत है दूध में डाल कर पि ले। इससे ज्यादा पीने से आपको कोई नुकसान हो सकता है.
ज्यादा पिने से गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है इसलिए गोरा बच्चा पैदा करने के उपाय में केसर वाला दूध पीने से अपने डॉक्टर से जरूर सलाह कर लें की कितनी मात्रा में ले इस बात को पहले सुनिश्चित कर लेना चाहिए.


संतरा के उपाय .....
गर्भवती महिलाओं को अपने घर के बुजुर्गों इस बात को कहते सुना है .संतरा खाने से होने वाले बच्चे का रंग गोरा होता है. इस बात को सच मानकर अपनी प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाएं संतरे का सेवन शुरू कर देती हैं. गर्भावस्था के दौरान संतरा खाने से महिलाओं के शरीर में विटामीन सी की कमी नहीं होती।

इसके अलावा इससे आपका बच्चा स्वस्थ और रगं साफ होगा। इतना ही नहीं संतरे का सेवन करने से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है. जिससे गर्भवती महिला को कोई संक्रमण नहीं होता .
संतरा खाने से महिलाओं को गर्भ काल में होने वाली कब्ज से मुक्ति मिलती है .इतने फायदों के चलते अपनी प्रेगनेंसी के दौरान महिलाएं संतरे का सेवन कर सकती हैं .बच्चे का रंग भी गोरा हो जाए तो इसको खाने का कोई भी नुकसान नहीं है.संतरा गर्भवती महिलाओं के लिए रामबाण का काम करता है. क्योंकि इसमें विटामिन सी पाया जाता है जो बच्चे को तंदुरुस्ती और मां को दोनों को तंदुरुस्ती पैदा करता है.और विटामिन सी हमारे शरीर में सटोर नही।हो सकता इसको हररोज लेना पड़ता है।

नारियल का प्रयोग .... 

गोरा बच्चा पाने की इच्छा रखने वाली महिलाएं इस उपाय को जानने के बाद नियमित रूप से कच्चा नारियल कच्ची गिरी सेवन भी करती है . नारियल के सेवन से बच्चा गोरा पैदा होता है यह बात 100% सही तो नहीं होती लेकिन गर्भावस्था के दौरान नारियल की गिरी या नारियल का पानी का सेवन करने से आपका शरीर निर्जलीकरण की समस्या से बचा रहता है .साथ ही गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान सामान्य बना रहता है. नारियल का सेवन करने से आपका जी मचलना और मॉर्निंग सिकनेस की समस्या नहीं आती. यह भी गर्भवती महिला के लिए एक बहुत अच्छा टॉनिक है.


सौफं और मिसरी के उपाय:- 
गर्भवती महिलाओं को गोरा बच्चा पैदा करने के लिए सोंप और मिश्री खाने की सलाह दी जाती है धीरे-धीरे सौंफ और मिश्री चबाकर खाने से बच्चे का रंग गोरा होता है जबकि ऐसा माना जाता है कि सोंप की तासीर ठंडी होती है और एसिड नही बनने देती.इसलिए इसके खाने के कोई नुकसान नहीं है .

सुखे मेवे:-
प्रेगनेंसी में सूखे मेवे खाने से महिलाओं के कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं रात में 7,8 बादाम को पानी में भिगोकर सुबह उनका छिलका उतार कर दूध के साथ खाने से गर्भ में पलने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव नही पड़ता इनके खाने से मां और बच्चे को प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम मिलता है. इनको खाने से कोशिकाओं से बच्चे का दिमाग का तंत्रिका तंत्र सही होता है. लेकिन बच्चा गोरा पैदा करने के लिए बादाम का सेवन करने की सलाह के विषय में कोई तथ्य मौजूद नहीं है .
अनार का जुस:-
अनार का जूस गर्भवती महिला के लिए बहुत ही अच्छा होता है, पर ऐसा माना जाता है कि ज्यादा अनार का जूस पीने से बच्चा काले रंग का पैदा होता है कुछ महिलाएं डर के मारे अनार के जूस को अपने खाने में शामिल नहीं करती। जबकि डॉकटर अनार का जूस पीने की सलाह देते हैं .गर्भवती महिलाओं को अनार का जुस पिने से खुन की कमी होती है. गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी चीज का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

इसके साथ ही किसी भी कई सुनी बात पर यकीन कर गोरा बच्चा पाने के उपाय करने से आपको बचना चाहिए इस दौरान बिना सोचे समझे कुछ भी नहीं खाना चाहिए बच्चे की सेहत पर बुरा असर हो सकता है. क्योंकि इस टाइम आप अकेले नहीं है, एक नन्ही जान आपके अंदर पल रही होती है. अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लो। बच्चा गोरे हो चाहे काले बच्चे तो बच्चे होते हैं, वह सबको प्यारे लगते हैं.
मैंने जो भी उपाय बताये है अगर आपको करने है अपनी डाकटर की राय जरूर ले लेकिन संतरे खाने से आपको कोई साइड इफेक्ट नही है .इसका जरूर सेवन करें यह अनूभुत प्रयोग है।

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