Dil ke alfaz समय का सदउपयोग

Motivational topic and Quotes in hindi👇🏻

इंसान को अपने जीवन और समय को अमूल्य और क्षणिक समझ कर उत्तम से उत्तम काम में व्यतीत करना चाहिए। इनसान को अपने जीवन को अधिक खर्चीला नहीं बनाना चाहिए। कभी भी आप सब ने देखा होगा  ऋषि मुनियों का जीवन खर्चीला नहीं होता था। अधिक खर्चीला जीवन मनुष्य को पाप करने के लिए उकसाता है और दूसरे पुरुषों का दास बना देता है ।जिसके कारण अनेक पाप करने पड़ते हैं और वह दर-दर भटकने लगते हैं। सोते समय भी भगवान के नाम रूप का ध्यान करना चाहिए । जिससे समय व्यर्थ ना जाए सयन के समय  सब साधनो को भुलकर के प्रभाव को भूलकर भगवान के नाम रूप ,गुण और प्रभाव क्षेत्र का चिंतन करते हुए  सोना चाहिए । भगवान के सामने कोई और हितेषी नहीं है, अपने अधीन सब पदार्थों को अपने आपको राजा बलि की भांति भगवान के सामने समर्पण कर देना चाहिए। सबसे पहले श्री भगवान को भोग लगाकर फिर उसके बाद भोजन करें । तुलसी दल के सिवाय चलते फिरते हुए  खड़े हुए कोई और भोजन ना करें । हमेशा न्याय से पैसा कमाये। भले ही भूखा मरने पड़े । ईश्वर की भक्ति और धर्म को कभी नहीं छोड़े, प्राण भले ही चले जाए।  दूसरों को दुख पहुंचाने के समान कोई और पाप नहीं और सुख के समान कोई धर्म  नहीं । इसलिए हर समय दूसरों के हित के लिए प्रयत्न करते रहना चाहिए किसी को काम करके उस पर एहसान ना करें ,ना ही किसी को कहे और मन में अभिमान भी ना करें नहीं तो किया हुआ उपकार क्षीण हो जाता है ।ऐसे समझो कि भगवान  करवाते हैं मैं तो निमित्त मात्र हूं। ऐंकात में  भगवान के आगे करुणा भावपूर्वक छुकते हुए स्तुति प्रार्थना करने से भी श्रद्धा पड़ती है । जिस प्रकार सूर्य के सामने अधंकार नहीं आ सकता उसी प्रकार बुद्धिमान के इंसान के सामने कभी अहंकार नहीं आ सकता। हमेशा भगवान को याद रखते हुए याद करो कि खाने के लिए धन कमाना तो सही है पर पाप करने के लिए कमाना गलत है। मनुष्य को जो भोजन मिलता वह कर्म से नहीं श्री ठाकुर जी की कृपा से मिलता है। हमेशा जब सोचता है कि मुझे औरों से कम मिला है तभी वह पाप करता है ।इसलिए जो भी मिला है वह मेरी योगिता से अधिक ऐसा सोचकर संतोष रखो। जिसे के कारण कोई पाप ना करना पड़े ।जो लोग संतोष रखता है उसकी बुद्धि भगवान में स्थिर रहती है। परमात्मा व्यापक है, वह तुम्हारे अंदर भी है और पास भी है। भाग्य को सिर्फ कर्म हीन व्यक्ति ही कोसते हैं। प्रभु के न्याय में देर भी नहीं है और अंधेर भी नहीं है । धैर्य  से आज नहीं मिला तो क्या हुआ कल तो अवश्य मिल जाएगा यही तो सबसे बड़ा सुख और आनंद है। ईमानदारी के साथ पूरी मेहनत करते रहने पर भी पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं हो तो समय लेना चाहिए। पहले जन्म का कर्म भी आज के जीवन को प्रभावित कर रहा है ।दुख से घर को त्यागने को कभी नहीं सोचना चाहिए। धर्म से ममता का आसक्ति का त्याग कर करके भगवान को घर मानकर भगवान को समरण करते  हुए कर्तव्य का पालन करो।⚘⚘⚘⚘


संतो की वाणी :- MOTIVATION QUOTES IN HINDI ⚘⚘⚘

1: इन्सान का भलाई करने से धन और शक्ति ,समय का खर्चा होता है ,और  बुराई ना करने से कुछ भी खर्च नहीं होता।

2:  किसी का बुरा ना समझने से, बुरा ना चाहने से, बुरा ना करने से वासुदेव सब कुछ भगवान ही का अनुभव सुगमता से मिल जाता है। मानव जीवन सफल हो जाता है।


 3: निश्चित समय पर चलने वाली गाड़ी के लिए पहले से सावधानी रखी जाती है, फिर जिस मौत रूपी गाड़ी को कोई समय निश्चित नहीं उसके लिए तो हरदम सावधानी रखनी चाहिए।

4:  आप भगवान को नहीं देख सकते पर वह आपको निरंतर देख रहे हैं।


5: आप उसे कुछ नहीं देते पर वह हजार हाथों से आपको दे रहे हैं फिर भी आपको अगर संतोष नहीं है तो फिर दोस्त किसका है? एक बार गहराई से सोच कर देखो।

6: कोई भी मनुष्य परमात्मा को पा सकता है, बस जरूरत है विश्वास की।

 7: किसी बीमारी के लिए राम नाम सर्वोत्तम दवा है।

8:  भगवान के सामने रो लो लोगों के सामने नहीं।

 9: आपती मनुष्य को देव और दौलत दानव बना देती है।

10:  क्रोध आग से भी तेज है।

11: दिमाग की गति हवा से भी तेज है।

12: ऐसी कोई जगह नहीं है जहां भगवान नहीं है 

13: मनुष्य अपने भाग्य का विधाता आप है ।

 14: थोडा सा झूठ इंसान को नष्ट कर देता है जैसे दूध में एक बूंद जहर।


15:  जो काम श्रद्धा से ना किया जाए वह ना इस लोक में काम आता है, ना परलोक में।

16:  निरंतर बहती हुई वायु और नदियां हमें यह संदेश देती हैं कि हमेशा गतिशील बने रहो।


17:  मानव को अपने गुणों के सहारे आगे बढ़ते रहना चाहिए ना कि दूसरों की कृपा से।

 18: अगर जिंदगी में सफलता चाहते हो तो अपने काम को सूरज की तरह निस्वार्थ बना दो।

19: अपना कर्तव्य पूरा करने में ही जीवन की मिठास है।

20;  जिसने अपने हाथ पैर जीभ को नियंत्रित कर लिया वही साधु है।

21:  असत्य को भी अपने अस्तित्व के लिए सत्या का सहारा लेना पड़ता है।


22: अत्यधिक क्रोध वाला मनुष्य आंख वाला होते हुए भी अंधा ही होता है।

23:  अनुभव सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है पर इसकी फीस बहुत है। 
 
 24: इज्जत अमूल्य रत्न है, जिसको खोकर इंसान के पास कुछ नहीं रहता।

25:  आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन आदमी का घमंड है।

26 :भुखे का पेट भरना सबसे बड़ा योग है ।

  27: अपनी बुराई हमेशा सुने लेकिन अपने स्तुति कभी ना सुने ।

 28:  इसान उसी काम में सफल हो सकता है जिसमें उसका मन लगता है।

30:  जीने के लिए खाओ ना कि खाने के लिए जियो।

 31: डरना और डराना दोनों पाप हैं।

32: हमारा मुखमंडल हृदय का दर्पण है।

सुविचारो से हमेशा  घर में शान्ति रहती है  :- ⚘⚘⚘

 जिस घर में हमेशा पूजा-पाठ भजन कीर्तन नाम जब आराधना भवन निर्माण अधिकार होता है उस घर में के परिवार में सच्ची सुख शांति का वास हमेशा रहता है हर दिन हर पल शुभ होता है प्रत्येक दिन को प्रत्येक क्षण को शुभ मनाना चाहिए उसका हंसकर स्वागत करना चाहिए भी किसी प्रकार की आपको शिकायत है किसी बात का दुख है किसी बात को लेकर रोना आता है तो एकांत में प्रभु के सामने रो उसका ही अपना दोहरा सुनाना वह जरूर सुनेगा और आप के कष्टों को जरूर दूर भी करेगा मगर संसार के सामने ना रहे किसी को अपना दुख ना बताए गए उल्टा आप पर हंसेगा और आपके कष्ट बनाने की ही काम ना करेगा मिटाएगा नहीं मनुष्य जीवन में मनो को स्थिति या हम जैसा चाहते हैं वैसा कभी कभी तो हो सके है मगर वैसी मनो कोल्ड सिटी लंबे समय तक नहीं रहेगी और ज्यादा समय तक दुख मिला तो और चिंता ही रहेगी और 9
 में अधिक समय तक दुखी ही रहेंगे प्रभु हमें जैसे रखना चाहते हैं उसी के अनुसार मानकर हंसते रहना ही आनंददायक रहेगा जब तुम आनंद के पीछे भागते हो दुख तुम्हारा पीछा करता है जब तुम ज्ञान के पीछे चलते हो अनंत तुम्हारा पीछा करता है जब तुम्हें दुख का अनुभव होता है यह समझो कि तुम्हारा विवेक दब गया है हमारा मन अजीत मन की धारा में बहता है इसमें सकारात्मक जगना का प्रभाव अति आवश्यक है इसलिए इस फर्स्ट ग्रेड में सकारात्मक विचारों से अपनी दिनचर्या शुरू करें मानसिक संकल्प करें कि मुझे अपने में अपने व्यवहार में तथा अपने काम में जो भी मैं कर रहा हूं पूर्ण विश्वास है मैं अपना हर का व्यवहार दृढ़ता वह अटूट विश्वास से कर रहा हूं इसलिए मैं विजय और सकारात्मक बनूंगा इधर उधर भटकते रहने से तो तो दूसरों को खुश करते रहने से अच्छा यही है कि मनन आत्मा को देश रूपी नाभि में छुपी कस्तूरी को पहचाने अपने बच्चों को शुरू से यही शिक्षा सिखाएं मन को हमेशा किसी ना किसी कार्य में लगाए रखें खाली मन में शैतान का प्रवेश हो जाते हैं और हमारा मन पाप कर्म अनिष्ट कर्म में प्रवेश करता है।


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