तनाव से कैसे बचें | तनाव के लिए आयुर्वेदिक उपाय कया करें |

Tittle- तनाव से कैसे ठीक करें- 
तनाव के बारे में सोचते रहना अमंगल की भावना रखना यह सभी बीमारी जैसा है। जो मनुष्य को अंदर ही अंदर खोखला कर देती है,और अनेक बीमारियां शरीर में पैदा कर देती हैं। जिसके कारण दिमाग कमजोर हो जाता है। जो मनुष्य आधा पागल जैसा हो जाता है, और इन कमजोरियों में फंसा हुआ आदमी कुछ भी कर सकता है।इसी वजह से कई बार तो भयंकर से भयंकर परिणाम भी हो सकते हैं जैसे रक्तचाप बढ़ जाना, पेट में गैस का होना,  कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, ब्रेन हेमरेज, हार्ट अटैक जैसी बिमारी भी इसी के कारण आता है।इसलिए ऐसी स्थिति वालों को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए हयथिर जैसी कोई वस्तु उनके हाथो से दूर रखे।
तनाव से दूर रहने के लिए कुछ उपाय करने के लिए आज मैं आपके साथ  कुछ उपाय शेयर कर रही हुँ।
तनाव को कम करने के लिए कुछ घेरेलू और आसान उपाय,अपनी रूचि के अनुसार काम करें और घूमना फिरना, पढना लिखना, पूजा-पाठ, टीवी देखना, मिलना जुलना करते रहना चाहिए। 5 मिनट योग करने से   बड़ी शांति नहीं मिलती। अपने अंदर की हीन भावना को हमेशा के लिए निकाल दें, और यह सोचे कि मैं कभी किसी से कम और कमजोर नहीं हूं। किसी से भी किसी तरह की बात में कम नहीं हूं। मंदिर धार्मिक स्थान के दर्शन में जाने से तनाव बहुत जल्दी दुर होता है। भोजन से तनाव का बहुत बड़ा संबंध है अपनी पसंद का जल्दी पचने वाला हल्का खाना खाए। मगर कई बार खाना खाए जैसे ताजा खजूर, कम से कम 9 या 10 घंटे के बाद सोने से पहले राम नाम महामंत्र की या गायत्री मंत्र की एक माला का जाप जरूर करके सोएं।हररोज  दोपहर में सोकर आराम करना बहुत जरूरी है। शहरी जीवन आधुनिक रहन-सहन की बजाय बहुत खर्चीला होता है। कुछ लोग जरूरत से ज्यादा  खर्च करते है, सिर्फ दिखावे के लिए  और कुछ लोग इसी कारण तनाव में आ जाते हैं।हो सके तो कम से कम खर्च करे यह आपके हाथ में है। यदि फिर भी आप अपने ऊपर काबू नहीं कर पा रहे हैं। सबसे बढ़िया उपाय हैं विश्वास के साथ नारायण प्रभू पर सब कुछ छोड़ दें। सोचो इस तरह की क्यों हो रहा है जो होने वाला है वह प्रभु कृपा से हो रहा है और मेरी अच्छाई के लिए ही हो रहा है, इसी मे मेरा मंगल अरोगय भलाई है, और परिस्थितिया कभी किसी की एक जैसी नहीं रहती और यह भी नही रहती।जब पहली वाली ही नहीं रही यह भी नहीं रहेगी टेंशन ,तनाव ,चिंता करने से परिस्थति और ज्यादा बीगडेगी इसलिए सोचना और अपने जीवन में जो चल रहा है उसको सवीकार करें कोई भी समस्या हमेशा के लिए नहीं रहती एक दिन अवश्य खत्म हो जाती है समय आने पर।

तनाव से बचने के लिए क्या करे और क्या खाये-

तुलसी-

तुलसी के पत्ते तनाव की स्थिति को बेहतर करने में आपकी मदद करते है। आप सुबह में तुलसी के पत्ते चबा सकते हैं। आप कुछ तुलसी की पत्तियाँ गर्म पानी में डालकर ताज़ा काढा तैयार करके पि सकते हैं, जिससे आपको tension se मुक्ति मिलेगी। तुलसी कई शारीरिक विकारों के इलाज में भी बहुत प्रभावी है। दिन में एक कप तुलसी की चाय जरूर पिये।

तनाव के लिए आयुर्वेदिक उपचार-
लैवेंडर तेल:- 

लैवेंडर तेल अन्य इसेन्शॅल तेलों की तरह आपके मूड को तुरन्त अच्छा करने में मदद करता है। यह आपके तनाव को कम करने और दिमाग और शरीर को आराम देने के लिए शरीर और सिर की  इस तेेेल से मालिश कर सकते हैं।

दुध-
तनाव को खत्म करने के लिए दूध काफी फायदेमंद है। इसके लिए रोजाना 5 बादाम के साथ गर्म दूध पीएं। आप दिन में 2 या 3 बार दूध पी सकते हैं। इसके अलावा दूध में आप बादाम का पाउडर मिक्स करके पेस्ट बना कर पि सकते हैं।


कैमोमाइल--- 

कैमोमाइल पीने से मानसिक समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। इसमें एपिजेनिन और ल्यूटोलिन है जो आपकी tension or stress को बहुत कम करता है। दिन  में एक बार कैमोमाइल चाय का एक कप ज़रूर पिएं।

ब्राह्मी पावडर - 

 ब्राह्मी को ग्रेस हर्ब के रूप में भी जाना जााता है, ब्राह्मी एक लाभकारी जड़ी बूटी है जो आपके मस्तिष्क को शांत करने के लिए बहुत अच्छी होती है। यह तनाव से आपको राहत प्रदान करती है। यह यदाशत और बुद्धि को सुधारने के लिए भी बहुत अच्छी है। दिन में 1बडा चम्मच इस जड़ी बूटी का पाउडर खुराक के रूप में नियमित रूप मे तीन महीने तक ले सकते हैं। 

शंखपुष्पी-

शंखपुष्पी मानसिक रोगों के लिए एक प्रसिद्ध जड़ी बूटी है। यह तनाव से राहत देती है और नींद को बढ़ाती है। यह आपके दिमाग़ को आराम देती है। यह मेमोरी में सुधार लाने के लिए बहुत अच्छी औषधि है। एक निश्चित समय पर आप एक चम्मच शंखपुष्पी पाउडर दिन में दो बार ले सकते हैं।

म्यूजिक सुने-
संगीत सुनकर तनाव से बचें : जब काम के दौरान बहुत ज्यादा तनाव हो तो टी ब्रेक लें और चाय पीते हुए अपने पसंद के गाने सुनें। कुछ देर के लिए अपने कंप्यूटर और काम से दूर रहें। इससे आप कुछ देर बाद तरोताज़ा महसूस करेंगे और आप फिर काम करने के लिए फिर तैयार हो जाएंगे।

योग और मेडीटैशन -
मेडिटेशन करना बहुत जरूरी :-
योग हमारे जीवन में तनाव को दुर करने के लिए सबसे सस्ता और रामबाण उपाय है। इसलिए अपने जीवनशैली योग और मेडीटैशन जरूर करें। कहीं एकान्त में जाकर 20 मिनट मेडिटेशन करें। धयान की मुद्रा में बैठें और आंखें बंद करके मेडिटेशन करें। इस तरह हररोज 20 मिनट योग, मेडीटैशन के लिये समय जरूर निकाले।

तेल मसाज:-
नारियल तेल से मालिश करने से भी तनाव कम होता है और इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। चाहे तो आप नारियल तेल की जगह बादाम तेल और धन्वन्तरी तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

हरी चाय :-

हरी चाय में एल-थियमाइन होता है जो तनाव खत्म करने में मदद करता है। इसलिए तनाव कम करने के लिए पर ग्रीन टी पीएं और अच्छा सोचे और अच्छी बातें करें इससे आपको एनर्जी भी मिलेगी और तनाव मुक्त हो जायेगे।
इन प्राकृतिक उपचारों के साथ, तनाव से निपटने के लिए अपने आहार और जीवन शैली में भी कुछ बदलाव करें। कयोंकि स्वास्थ्य की असली धन है। तनाव से बचने के लिए फास्ट फूड से दूर रहें और अच्छा सोचे और अच्छा ही करें। जैसा आप सोचोगे वैसा ही होगा यह भी एक मंत्र है जीवन मैं तनाव मुक्त रहने का।


तनाव से बचने के लिए आत्म विश्वास होना सबसे अच्छा उपाय-

2.आत्मविश्वास एक अद्भुत शक्ति है।
आत्मविश्वास एक अद्भुत शक्ति है नाम कोई कुछ भी रख लो लेकिन  मन के विचार शक्ति,  मानसिक शक्ति इच्छाशक्ति,आत्मविश्वास एक महान और आचार्य अद्भुत शक्ति है ।जो कि नारायण प्रभु के हरेक इंसान औरत हो या मर्द सबके अंदर भर रखे हैं। मगर उसकी जानकारी सिर्फ किसी किसी को है ,हमारी इस प्रबल विचारो को जगाकर हम संसार में बड़े से बड़े काम कर सकते हैं,और सफलता प्राप्त करते हैं उन बीमारियों को मिटा सकते हैं जो असाध्य हैं और जिनको डॉक्टरों ने जवाब दे दिया है इस प्रकार सफलताओं का एक मूल मंत्र है जिसका नाम है महान विचार शक्ति। शक्ति की ताकत से महान विचार से चार गुना ज्यादा होती है ।स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता प्राणी जीवन में ऐसी ताकत से महान विचार शक्ति वाला प्राणी जीवन में कहीं पर भी हार नहीं सकता। महान विचार शक्ति में ऐसी ताकत है वह सब प्रकार की विप्तीयो को अकेला मुकाबला कर सकता है। महान विचार शक्ति उन्नति की पहली सीढ़ी है मनुष्य की परम मित्र है। आत्मबल महान विचार शक्ति को बढ़ाने के लिए गायत्री मंत्र का जाप और शुद्ध शाकाहारी खानपान के लिए बहुत अच्छा है। इस महानतम आत्मविश्वास की महान शक्ति को पहचान कर कालिदास जैसा एक महा मूर्ख आदमी अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में और अल्प समय में ही महान विद्वान बन गया था। पत्नी को एक पल भी नहीं छोड़ने वाला और अप्रकृतिक रास्तों से उसके पास जाने वाला तुलसीदास जी बन गए थे। प्रभु राम के अनन्य भक्त बने और रामचरितमानस के रचयिता बने।  उंगली मार डाकू जो मुसाफिरों को मारकर उनकी उंगलियों की माला बनाकर गले में पहना करता था इसी शक्ति के सहारे अपनी नारकीय जीवन से मुक्त होकर वाल्मीकि ऋषि बनकर जन-जन के हृदय में सम्राट बने। आइंस्टाइन जैसा एक बुध छात्र भी अपने साहस पूर्ण विचार शक्ति के द्वारा विश्व के एक महानतम वैज्ञानिक बना। इस संसार की महानतम शक्ति मानव के विचार सकती है और विश्व की इस महानतम शक्ति के स्वामी आप भी हैं। प्रभु का एक नियम है कि समय से पहले और किस्मत का लिखे से ज्यादा नहीं मिल सकता। इसी तरह आप भी साधना से अपनी महान विचार शक्ति का सदुपयोग करके सफलता की ऊंचाई पर कंगाल से करोड़पति बन सकते हो। विचार शक्ति का दृढ़ आदमी एक ना एक दिन अवश्य ही समृद्ध बन जाएगा। अच्छे स्वास्थ्य और ईश्वर भगत के शरीर में विचार शक्ति मजबूत बन सकती है। उच्च शिक्षा स्तर ,संतुलित आहार, प्रभु सेवा, से स्वास्थ्य ठीक  रह सकता है। धन-संपत्ति बल बुद्धि से कहीं अधिक श्रेष्ठ है। इतिहास साक्षी है कि दुनिया की बड़ी से बड़ी दुविधा  का निवारण दृढ़ आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से प्राप्त किया जा सकता है।

बहुत से व्यक्ति आत्मविश्वास की कमी के कारण ही अपना कैरियर बर्बाद कर लेते हैं अपना जीवन बर्बाद कर लेते हैं आत्मविश्वास बढ़ता जाता है वैसे ही हमारी कार्यक्षमता भी बढ़ती जाती है। आत्मविश्वास के बल पर कोई इन्सान सिर्फ अपना ही नहीं सारे देश का भी भला कर सकता है। उदाहरण हमारे सामने अब्राहम लिंकन के रूप में है अब्राहम लिंकन एक साधारण परिवार में पैदा हुए थे ,और बड़ी कठिनाइयों से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन उनमें गजब का आत्मविश्वास था। अमरीका में अब्राहम लिंकन राष्ट्रपति के चुनाव में एक प्रत्याशी बनकर खड़े हो गए औ, उन्होंने लोगों को बताया कि संकट की इस घड़ी में विदेश का नेतृत्व कुशलतापूर्वक कर सकते हैं। जब लोगों ने उनका आत्मविश्वास देखा तो उन्हें राष्ट्रपति के रूप में चुन लिया और सपने में उन्होंने देश को उबारकर आगे बढ़ाया। इसलिए हम आत्मविश्वास के बल पर असंभव कार्य को भी संभव कर सकते हैं। संसार में जितने भी महान कार्य हुए हैं और जितने भी अविष्कार हुए वो सब आत्मविश्वास के बलबूते पर ही हुए हैं। आत्मविश्वास को जीवित रखने के लिए व्यक्ति को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए मन में संदेह रहने पर नकारात्मक सोच का जन्म होता है। प्रार्थना कीजिए कि ही परमात्मा यह   आपका ऐश्वर्यासाली हाथ है यह मेरे  दुसरे हाथ से अधिक सौभाग्यशाली हाथ है। यह मेरी सभी रोगों को दूर करने वाला है और यह हम सबका का कल्याण करने वाला है। जहां पर विश्वास है वहां श्री भगवान् हैं। जहां उत्साह और साहस है, वहां लक्ष्मी का निवास है। जितना एक हाथ में ऐश्वर्य है उसे अधिक ऐश्वर्या दूसरे हाथ में है और उसी प्रकार शरीर के सारे अंगों को एक-एक करके प्रभु के मानसिक दिल से प्रार्थना नित्य करें और आश्चर्य जनक परीवर्तन आपके शरीर मे अवश्य ही फर्क महसूस होगा।
इस प्रकार आपके सब बिगड़े काम भी बन जायेगे। 

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