गर्भपात से बड़ा कोई पाप नही है। ( abortion is a sin)

गर्भपात से बडा कोई पाप नहीं 👇🏻

गर्भपात करवाना बहुत बड़ा पाप है गर्भपात अर्थात भ्रूण हत्या करवाने वाले अधिकांश व्यक्ति इस भ्रम के शिकार हैं कि गर्भपात के तीन चार माह बाद ही गर्भस्थ शिशु के प्राणों का संचार नही होता है। इससे पहले केवल वह मांस का पिंड ही होते हैं जिसमें जीव नहीं होता, यह केवल एक भ्रम है व दुराचार है। जैसे कि पहले बताया गया है कि बिना जीव के विकास के असंभव है गर्भधारण के समय ही पुरूष के शुक्राणु का स्त्री के डिबं से मेल होते ही एक नया जीव अस्तित्व में आ जाता है। उसी क्षण स्त्री व पुरुष गुणसूत्रों का मेल होते ही उसमें जीव के व्यक्तित्व की ऊंचाई, बौद्धिक स्तर, ब्लड ग्रुप,आदि निश्चत  हो जाते हैं। मां की कोख में बिताया हुआ 9 वर्ष का समय जीव के निरंतर प्रगति की कहानी है। 
 वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्रगति निम्न प्रकार से होती हैं पहले सप्ताह शैल्श का बंटवारा होता रहता है। एक नई जिंदगी मां की कोख में अपना स्थान बना लेती है वह एक नया पैदा हुआ जिव विकसित होने लगता है। 
दूसरा सप्ताह.....
 माता द्वारा किए गए भोजन से नया जीव पोषण पाने लगता है, उंगलियों पर नाखून होने लगते हैं। अब उसे केवल बढ़ने की आवश्यकता होती है। 
तीसरा सप्ताह :- इस अति सूक्ष्म प्राणी की आंखें ,रीढ, मस्तिक स्पाइनल कोई नर्वस सिस्टम के बड़े पेट, जिगर और गुर्दे आदि का निर्माण प्रक्रिया आरंभ हो जाती है। इस प्रकार उसके हर महीने कुछ ना कुछ बढता रहता है और धड़कन आने के बाद पूरा शरीर बन कर 7 महीने तक लगभग तैयार हो जाता है, और इसमें बच्चे का लिंग का पता भी लग सकता है ।
अब बच्चा अपने अंग हाथ पाव हिलाता है और गुदगुदाने से बच्चे में प्रतिक्रिया होती है । 8 सप्ताह बच्चा स्पर्श व दर्द का अनुभव करता है। मुट्ठी बंद कर सकता है,व सोने की क्रिया करने लगता है। किसी वस्तु को छुए जाने पर उसे बचने का प्रयत्न करता है। उसकी दिल की धड़कन अल्ट्रासोनिक स्टैथोस्कोप पर सुनी जा सकती है। उसके अंगूठे की छाप वैसी ही होती है जैसे 80 वर्ष की उम्र में होगी।
 महाभारत के अभिमन्यु की घटना से प्रभावित होकर कई देशों ने इस परीक्षण को सफल करने के लिए   सबसे पहले उड़ीसा सरकार ने गर्भवती माताओं को अपने गर्भवती शीशू को गर्भ में ही शिक्षा देने का कार्यक्रम प्रारंभ करने का काम शुरू किया है। यह प्रोग्राम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हैबिटल मैनेजमेंट भुवनेश्वर के द्वारा शुरू किया जा रहा है ।जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को चौथे व 5 महीने से शिक्षित किया जाएगा। डाकटरो के अनुसार इस समय  भ्रूण का मस्तिष्क इतना विकसित हो चुका होता है कि वह मां के द्वारा विभिन्न संकेत प्राप्त कर लेता है। साधारण शब्दों में ये कहा जा सकता है कि मां वह गर्भवती बच्चे के मस्तिष्क में एक ऐसे सामंजस्य स्थापित हो जाता है कि  वह मां के मस्तिष्क में जो विचार बनते हैं वह सभी गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क में अपनी छाप बना देते हैं ।उदाहरण स्वरूप एक गर्भवती माँ एक कार या  स्कूटी चलाने वाली गर्भवती मां अनजाने में अपने शिशु को सुरक्षित वाहन चलाने का विज्ञान सिखा देती है । 
गर्भपात यानी जीवित मनुष्य की हत्या है ।इस काम से खुद भी बचो और दुसरो को भी बचाओ।
 अपने द्वारा पैदा किए गर्भ की अपने ही द्वारा हत्या करना इससे बढ़कर क्या कोई  पाप हो सकता है। जन्म से पहले हिंसा गर्भपात यह कैसा न्याय है, कलयुग की देखो चतुराई हत्या कर रहे है और रहे कि बच्चे की करवाई सफाई ।गर्भपात से बढ़कर कोई पाप नहीं कोई अपराध नहीं, यह एक बहुत बडा अन्याय है कि जन्म से पहले ही किसी जीव जान लेना। एक बार सोचो बाहर मारो तो हत्या पेट के भीतर मारो तो केवल सफाई ?
 ब्रह्म हत्या से जो पाप लगता है उससे दुगना पाप गर्भपात कराने से लगता है। ऐसा हमारे शास्त्रों में लिखा गया है । गर्भपात इतना बड़ा पाप है यदि अन्न पर गर्भपात करने वाले की दृष्टि भी पड़ जाए तो अन्न अभक्ष्य हो जाता है। एक बार अवश्य सोचो आप अपने मास या उससे भी कम उम्र के लड़के यह लड़की को अपने हाथों से या अन्य वयकित  द्वारा सुकोमल प्यारी सी नन्ही सी जान को काट काट कर जान से मार कर बाहर निकाल सकते हैं। काटने की कटवाने की सोच भी सकते हैं,तो फिर उस प्यारी सी जान को गर्भ  के अंदर कटवा देने का फैसला कैसे कर लेते हो। जितना हमें बाहर कुछ कट जाने से तकलीफ होती है उतना ही उस छोटी सी नन्ही सी जान को पेट में कटवाने पर होती है, और यह मत सोचो यह कर्म हमें ही भुगतना नहीं पड़ेगा। अब नहीं तो अगले जन्म में इसका बुरा फल हमें अवश्य मिलेगा। सन्त कहते है कि ब्रह्महत्या जैसा कोई महापाप नही है इससे बड़ा दुनिया मे कोई अपराध नहीं है। इसलिए ऐसा करने से पहले बहुत धयान से सोचे कि हम यह बुरा कर्म करे ना किसी और को करने की सलाह दे।

1.कानून और सरकार का फैसला ••••••
अब मेरे देश की सरकार बहुत जागरूक हुई और ऐसे गर्भपात पर रोक लगी है। गर्भपात करवाना अब  कानूनी जुर्म है ।कुछ समय पहले मुझे बहुत अच्छे से याद है  लगभग  20 साल पहले लोग लड़कियों को तो पैदा ही नहीं होने देते थे जैसे ही पता चलता तक गर्भ में लड़की है तो बड़े गर्व से बताते थे कि लड़की थी और सफाई करवा दी। शुक्र है भगवान का कि मेरे देश की सरकार कोई सूझबूझ आई है और इसको कड़ी कार्रवाई और  सखत कानून से इस काम को बंद किया है। वरना जिस तरह से लड़कियों की सफाई करवाई जाती थी शायद हम लड़कियों को देखने के लिए तरस जाते ।बच्चा लड़का हो या लड़की दोनों एक समान होते हैं इसलिए यह बुरा कर्म कभी मत करें जिस जीव ने गर्म में पैर पसार लिए उसको जन्म जरूर लेने दे ।

आज का मेरा यह लेख अगर आपको अच्छा लगे तो प्लीज इसे अपने चाहने वाले और दोस्तों में जरूर शेयर करें।

There is no greater sin than abortion.👇🏻

 Having a abortion is a major sin. Abortion means that most people who commit feticide are under the illusion that the life of a fetus is not communicated only after three to four months of the abortion.  Before this, there are only those bodies of flesh that do not have an organism, it is only an illusion and misconduct. As stated earlier, it is impossible to develop an organism without the development of a new organism.  
 At the same time, the height of the personality of the organism, the intellectual level, blood group, etc. are determined in it as soon as the combination of the male and female chromosomes.  The 9 years of time spent in the mother's womb is the story of the organism's constant progress.
 According to the scientists, this progress happens in the following way: The first week, the splitting of shells occurs. A new life makes its way into the mother's womb. A new born baby begins to develop.

 second week.....
 The food made by the mother starts nourishing the new organism, nails are started on the fingers.  Now he only needs to grow.

Third week: - The process of creation of big stomach, liver and kidneys of this superficial creature, eyes, back, muscular spinal no nervous system starts.  In this way, something keeps increasing every month, and after beating, the whole body is ready for almost 7 months, and in this, the gender of the baby can be detected.

 Now the baby shakes its limbs and the tickle reacts to the baby.  At 8 weeks the child experiences touch and pain. Can close the fist, and starts sleeping. Tries to save an object when it is touched.  His heartbeat can be heard on the ultrasonic stethoscope. His thumb impression is the same as it would be at the age of 80.

Impressed by the incident of Mahabharata Abhimanyu, the Orissa government has started the program of teaching pregnant mothers to their pregnant mother in the womb first of all, to make this test successful. This program is being started by the National Institute of Habitat Management Bhubaneswar, under which pregnant women will be educated from the fourth and 5 months.  According to doctors, the fetus's brain has developed so much at this time that it receives various signals from the mother.  In simple words, it can be said that the mother creates such harmony in the brain of the pregnant child that the thoughts that are formed in the mother's brain all make their mark in the brain of the fetus.  Mother A pregnant mother driving a car or scooty unknowingly teaches her infant the science of driving a safe vehicle.

 Abortion is the killing of a living human. Save yourself from this work and save others as well.

 What could be a sin more than killing the womb you have born by yourself?  Violence before birth Abortion what is this justice, look at the Kaliyuga is being cleverly murdered and kept cleaning the child. It is a great injustice that no one lives before birth  to take.  Think once, kill outside, then kill inside the stomach, then only cleanliness?

 The sin committed by killing Brahm is double that of abortion. It is written in our scriptures.  Abortion is such a big sin, if the abortionist's eyesight falls on the grain, then the food becomes a target. Do think once, you can get a boy out of his mass or even younger, with his own hands or by another person, by killing a sweet sweet little boy with his life.  You can even think of cutting a cut, then how do you decide to cut that sweet life inside the womb.  As much as we get hurt due to cutting something outside, that small little life is on the stomach to be cut, and do not think that we will not have to suffer this action.  If not now, we will definitely get its bad fruit in the next life. The saint ( सन्त ) says that there is no crime like bravery is no crime in the world.Therefore, before doing this, think very carefully that we do this bad deed or advise someone else to do it.


 1. Law and Government's decision ••••••

 Now the government of my country has become very aware and has stopped such abortion.  Abortion is now a legal offense. Some time ago I remember very well, about 20 years ago, people did not allow girls to be born, as soon as it is known that there is a girl in the womb, they would proudly tell that the girl was and cleanliness  Got it done. Thank God that the government of my country has come to an understanding and has stopped this work with strict action and strict law.  Otherwise, the way the girls were cleaned, we might have longed to see the girls. The child or the girl are both alike, so do not ever do this bad deed, the creature that has spread its feet in the heat, must take birth.  .

If you like this article of mine today, then please share it among your loved ones and friends.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ