शराब का नशा और नशीली वस्तुओं का नशा उतारने के लिए कुछ उपाय

 आज के इस लेख में नशा उतारने के लिए कुछ घरेलू और उपयोगी उपाय करके इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। जितने लोग बीमारियों से दुखी हैं इतने ही लोग नशे से परेशान हैं। नशा किसी भी तरह का अच्छा नहीं होता चाहे नशा शराब का हो या फिर कोई और पर थोड़ी सी सूझबूझ और कुछ उपाय करके हम आदत से छुटकारा पा सकते हैं.
 1• शराब का नशा उतारने के लिए एक नींबू एक कप पानी में निचोड़ कर एक कप आवश्कतानुसार कई बार पिलाए। एक कप दो सेबो का रस निकाल कर पिलाएं । 
 
2.  विशेष यदि शराब अत्यधिक पीने से जीवन खतरे में पड जाए तो 25 ग्राम देशी घी में 25 पिसी  हुई मिस्री  या चीनी मिलाकर चटाएं ।
 3. सहायक उपचार :- सिर पर ठण्डा पानी .डाले
 4• अमरूद खिलाना अथवा पिसा हुआ धनिया - खिलाना शराबी के लिए बहुत  हितकर है।
 
5. शराब की आदत छुडानाः सेब का रस बार - बार पीने से तथा भोजन के साथ सेब खाने से अर्थात सेब का अधिका प्रयोग करने से शराब की आदत छुट जाती है। इसके अतिरिक्त इससे अफीम आदि व्यसन भी दूर होते है । या उबले हुए  सेबो को रोगी को यदि दिन में तीन - चार सेवन किया जाए तो कुछ ही दिनों में शराबियों की शराब पीने की आदत छुट जाती है और प्रत्येक नशीली चीज़ से धृणा उत्पन्न हो जाती है।

6• नई देशी अजवायन 500 ग्राम लेकर उसे जो कूट कर ले और उसे 8 किलो ( 10 गुना ) पानी में 48 घंटे तक , किसी मिट्टी , शीशे या कलई के बर्तन में , भीगने दें । बाद में धीमी - धीमी आंच पर पकाएं जब चौथा हिस्सा पानी बच जाने पर आग से उतार ले दूसरे दिन मसलकर बोतल में भर ले, जब भी शराब की तलब लगे , आधा ऑस ( 4 चन्मच ) की मात्रा में इस अजवायन का पानी को शराब की तरह पीए । तीन - चार सप्ताह में इसके सेवन से प्राय : शराब पीने की आदत छुट जाती है । 

7• भाग का नशा •••••••
भांग का नशा ज्यादा बढ़ गया हो तो पकी  हुई इमली का गूदा 30 ग्राम 250 ग्राम पानी में भिगोकर मथकर छानकर उसमें 30 ग्राम गुड मिलाकर यह इमली का पानी पिलाएं। शराब तथा धतूरे का विष या नशा उतारने के लिए भी यह इमली का पन्ना बहुत ही लाभदायक है ।

 8• सूखे बलगम को शीध निकालने के लिए काफी पुरानी लेकिन अच्छी इमली 20 ग्राम , गुड 30 ग्राम पाव किलो पानी में घोलकर दिन में तीन बार पीए । यह कफ - निसारक एवं कबज निवारक है ।
 
9• भांग का नशा उतारने के लिए छाछ (लस्सी) पिलाये अथवा मीठा ताजा  दही  खिलाये।

 10• नींबू चूसने को दे अथया नींबू का अचार खाने को दें ।
 
11. भांग का नशा अमरूद खाने से उतर जाता है 

12. चाय की आदत छुडाने के लिए- एक लौंग , दो काली मिर्च और चार तुलसी की पत्तियों को एक पाय पानी में उबालने के बाद कुछ दूध - मिश्री मिलाकर चाय के स्थान पर इसका प्रयोग  करे दिन में दो या तीन बार , करने चाय की आदत से मुक्ति मिल सकती है ।आप चाहे तो इसे बिना दूध या मीठा मिलाए ही सेवन कर सकते हैं ।किसी प्रकार के विष का शरीर में संचार हो पर यह चाय लाभदायक सिद्ध होती है ।

काली सुपारी के फूल - किसी पंसारी से आप  खरीदकर अलग - अलग सभी को साफ कर अलग - अलग चुर्ण बना लो  फिर इनकी  सात औषधिया के चुर्ण को समभाग मिलाकर रख ले। यह सप्तगुणा चुर्ण है इससे चरस, गजा आदि का नशा छुड़वाने मे बहुत मदद करता है ।

 13• बीडी - सिगरेट तम्बाकू की बुरी लत  छुड़वाने के लिए दालचीनी को बारीक पीसकर शहद में मिलाकर एक  
शीशी में रख ले जब भी  बीडी सिगरेट की लत लगे तो  गोली यह औषधि चाट ले।

 14. प्याज का रस  नियमित  रूप से नित्य एक बार सेवन करने से तम्बाकू का विष  उतर जाता है और तम्बाकू  , खाने की आदत धीरे - धीरे छुट जाती है । 
15•बिना दवा या इलाज  यदि  आप उपरोक्त दवा की सहायता नहीं लेना चाहते तो और एकदम  बीडी तम्बाकू या किसी भी प्रकार का नशा की लत छोड़ने को लिए आवश्यक दृढ विश्वास न जुटा पाए तो इसका विकल्प यह है कि धीरे - धीरे कम करते हुए बीडी या नशे को छोड़ दें।और यह कसम खा ले कि सिगरेट अथवा नशे को कभी  नहीं छुएगे। इसी प्रकार आप अफीम आदि नशीली वस्तुओं की आदत को  से भी मुक्ति आप दृढ संकल्प शक्ति अथवा इच्छा शक्ति के बल पर काबु पा सकते हो।और इस प्रकार अधिक वेदना भी नही होती कि रोगी सहन ना कर सके।
 
अफीम की आदत छुड़वाने के लिए अफीम खाने वाले को बिना बताए ही एक बाजरे के दाने भर या उसके दसवे भाग के बराबर तक की मात्रा ) अफीम नित्य एक नियम से घटा - धटाकर देनी चाहिये और रोगी को  घी , दूध आदि तरल पदार्थ खूब खिलाये तथा मामूली कष्टों से घबराये नही।कुछ ही  दिनों में अफीम आदत छूट  जायेगी  यदि कोई एकदम अफीम छोड़ना चाहे तो केवल 8-10 दिन तक धीरज के साथ भयंकर कष्ट सहने के लिए तैयार रहना पड़ेगा, दिन में 8-10 बार 8-10 बार  दूध पीने और मक्खन , मलाई , घी , हलवा आदि पर पदार्थो के सेवन पर जोर देने तथा दृढ - संकल्प और धर्य की जरूरत है।कभी भी  दस्त रोकने की दवा न ले ऐसे  मरीज को  इस तरह उपाय करने से जरा  जरा सी मात्रा नित्य घटाने और  अफीम कई व्यक्तियों की अफीम खाने की आदत छुट गई है।
 
अनेक प्रकार के जहर , विष  को उतारना की विधि••••

 चौलाई के मूल को चावल के धोवन में पीसकर घी के साथ पान करने पर सभी प्रकार के विष नष्ट हो जाते हैं । कोदो की जड़ पीसकर पान करने से विष की मूर्छा दूर हो जाती है । तीन चुल्लू शीतल जल पीने से ताम्बूल खाने के कारण जलन युक्त मुंह से बहने वाली लार बंद हो जाती है । शर्करा से युक्त घृत का पान करने से मद्यका मद नहीं होता ।कृष्णा ( काली तुलसी ) और अकोल की जड़ के क्वाथ को तीन रात तक पीने से सामान्य अथवा कृत्रिम विष का प्रभाव नष्ट हो जाता है । 
कंजे के बीज , वरुण - वृक्ष के पत्ते , तिल और सरसों का पिसा हुआ लेप भी विष को दूर कर देता है , इसमें  किसी प्रकार संदेह नहीं है ।
 जहरीले कीड़े के काटने पर तुलसी के पत्ते पीसकर लुगदी बना ले और उस स्थान पर रगड़ें , जहां कीडे ने काटा हो । इस प्रकार रगड़ने से जहर का असर कम होगा । और रोगी को तत्काल राहत मिलती है 

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