motivationl story | बच्चों के लिए प्रेरणादायक कहानी | inspirational stories in hindi |

Motivationl story in hindi ( छोटे बच्चों के लिए प्रेरणादायक कहानी )
सुंदर विचारों वाली एक प्रेरणादायक कहानी जो हम सब के लिए प्रेरणा भी है और हमें motivate भी करती है। कहानियों के माध्यम से हम अपने बच्चों को अच्छी सीख देने वाली समीक्षा प्रेरणादायक कहानियां इंसान को अनुराधा से आशा की ओर ले जाने का मार्ग दिखाती हैं। ऐसी कहानियां पढ़ने से इंसान के विचारो में  सकारात्मक भावना आती है 

Tittle
अच्छाई हमेशा पलट कर किसी भी रूप में वापिस आती रहती है...

ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में फ्लेमिंग नाम का एक गरीब किसान था। एक दिन वह अपने खेत पर काम कर रहा था। अचानक पास में से किसी के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी । किसान ने अपना साजो सामान व औजार फेंका और तेजी से आवाज की तरफ लपका।

आवाज की दिशा में जाने पर उसने देखा कि एक बच्चा दलदल में डूब रहा था । वह बालक कमर तक कीचड़ में फंसा हुआ बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा था। वह डर के मारे बुरी तरह कांप रहा था और चिल्ला रहा था।

किसान ने आनन-फानन में लंबी टहनी ढूंढी। अपनी जान पर खेलकर उस टहनी के सहारे बच्चे को बाहर निकाला। अगले दिन उस किसान की छोटी सी झोपड़ी के सामने एक शानदार गाड़ी आकर खड़ी हुई। उसमें से कीमती वस्त्र पहने हुए एक सज्जन उतरे।

उन्होंने किसान को अपना परिचय देते हुए कहा- " मैं उस बालक का पिता हूं और मेरा नाम राँडॉल्फ चर्चिल है".

फिर उस अमीर राँडाल्फ चर्चिल ने कहा कि वह इस एहसान का बदला चुकाने आए हैं, मांगो कितना धन दू?
फ्लेमिंग नामक उस किसान ने उन सज्जन के ऑफर को ठुकरा दिया ।
उसने कहा, "मैंने जो कुछ किया उसके बदले में कोई पैसा नहीं लूंगा।

किसी को बचाना मेरा कर्तव्य है, मानवता है ,इंसानियत है और उस मानवता इंसानियत का कोई मोल नहीं होता".

इसी बीच फ्लेमिंग का बेटा झोपड़ी के दरवाजे पर आया।
उस अमीर सज्जन की नजर अचानक उस पर गई तो उसे एक विचार सूझा ।
उसने पूछा - "क्या यह आपका बेटा है ?"
किसान ने गर्व से कहा- "हां !"

उस व्यक्ति ने अब नए सिरे से बात शुरू करते हुए किसान से कहा- "ठीक है अगर आपको मेरी कीमत मंजूर नहीं है, तो ऐसा करते हैं कि आपके बेटे की शिक्षा का भार मैं अपने ऊपर लेता हूं । मैं उसे उसी स्तर की शिक्षा दिलवाने की व्यवस्था करूंगा जो अपने बेटे को दिलवा रहा हूं। फिर आपका बेटा आगे चलकर एक ऐसा इंसान बनेगा , जिस पर हम दोनों गर्व महसूस करेंगे।"

किसान ने सोचा "मैं तो अपने पुत्र को उच्च शिक्षा दिला पाऊंगा नहीं और ना ही सारी सुविधाएं जुटा पाऊंगा, जिससे कि यह बड़ा आदमी बन सके,अतः इस प्रस्ताव को स्वीकार करने मे कोई हर्ज नही है!!

बच्चे के भविष्य की खातिर फ्लेमिंग तैयार हो गया । अब फ्लेमिंग के बेटे को सर्वश्रेष्ठ स्कूल में पढ़ने का मौका मिला।
आगे बढ़ते हुए उसने लंदन के प्रतिष्ठित सेंट मेरीज मेडिकल स्कूल से स्नातक डिग्री हासिल की।
फिर किसान का यही बेटा पूरी दुनिया में पेनिसिलिन का आविष्कारक महान वैज्ञानिक सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग के नाम से विख्यात हुआ।
यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती! कुछ वर्षों बाद, उस अमीर के बेटे को निमोनिया हो गया ,और उसकी जान पेनिसिलीन के इंजेक्शन से ही बची।
उस अमीर राँडाल्फ चर्चिल के बेटे का नाम था- विंस्टन चर्चिल, जो दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे !
हैं ना आश्चर्यजनक संयोग।
इसलिए ही कहते हैं कि व्यक्ति को हमेशा अच्छे काम करते रहना चाहिए ,क्योंकि आपका किया हुआ हर अच्छा काम आखिरकार लौटकर आपके ही पास आता है ! यानी अच्छाई पलट - पलट कर आती रहती है!यकीन मानिए मानवता की दिशा में उठाया गया प्रत्येक कदम आपकी स्वयं की चिंताओं को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा .

Second story...( 2)
Tittle ......
नानी की पैंसिल..... 
नानी की पेंसिल की शिक्षा ..
 आज की कठिनाइयां कल के लिए  बहुत बड़ा सबक है।
  निर्भय अपने कमरे में गुमसुम बैठा हुआ था  क्योंकि उसका math का एग्जाम बहुत बुरा हुआ था। वह दुखी था कि उसके बहुत कम नंबर आएंगे और फिर मेरा क्या होगा निर्भय के कमरे में नानी आती है और उसको एक सुंदर से पेंसिल गिफ्ट में दे देती है।  निर्भय कहता है नानी मां मुझे पेन्सिल मत दो मेरा पेपर बहुत खराब हुआ है इसलिए मुझे गिफ्ट नहीं चाहिए। नानी मां कहती है बेटा यह पेंसिल एक दम तुम्हारी ही तरह है यह पेंसिल तुमको बहुत कुछ सिखाएगी। देखो जब या पेन्सिल को छिला जाता है तो इसे भी बहुत दर्द और तकलीफ होती है, जैसे तुम्हें आज पेपर खराब होने की वजह से हो रहा है, लेकिन पेंसिल छीलने के बाद पहले से जयादा सुन्दर और अच्छा लिखती है और अच्छा लिखने के लिए तैयार हो जाती है ।और छिलने के बाद और सुन्दर लिखावट लिखती है। इसी तरह अब तुम भी आगे से और जयादा मेहनत करोगे तो तुम्हें भी पहले से ज्यादा अच्छे नंबर मिलेंगे और आप और होशियार बन जाओगे। निर्भय यह बात सुनकर बहुत खुश होकर नानी की पेंसिल को रख लेता है।
Moral of story....
 शिक्षा... दोस्तों पेन्सिल जब तक छिलती नहीं तब तक कुछ भी लिखा ही नहीं की जा सकता। वैसे ही इंसान को भी अच्छा और कामयाब बनने के लिए बहुत सारी मुसीबतों  का सामना करना पड़ता है। तभी जाकर कहीं सफलता हासिल होती है। आप की आज की कठिनाइयां कल के लिए बहुत बड़ा सबक हैं, इसलिए हमेशा बुरी परिस्थितियों से कभी मत डरो
 परस्थितियां कभी एक जैसी नहीं रहती। अगर आज परिस्थितियां खराब हैं कल वहीं परिस्थितियां बहुत अच्छा मुकाम हासिल करवा सकती हैं। ऐसा कभी नहीं होता कि अंधेरा हुआ हो और दिन ना निकला हो।दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है।

Third story ....Tittle 
 मुंह से निकले हुए शब्द कभी वापस नहीं लिए जा सकते 

एक बार एक किसान अपने पड़ोसी की बहुत निंदा करता था, कुछ दिन बाद उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और वह पादरी के पास क्षमा मांगने गया। पादरी ने उससे कहा कि वह पंखों से भरा एक थैला शहर के बीचो बीच में बिखेर दे। किसान ने पादरी के कहने से वैसा ही किया।  फिर पादरी ने कहा जाओ और सभी पखं थैले में भरकर वापस लाओ। किसान ने ऐसा करने की बहुत कोशिश की मगर सारे पंख हवा में इधर-उधर उड़ गए थे फिर  वह खाली थैला लेकर लौटा। तो फिर बाद में पादरी ने समझाया तुमने उनकी बुराई तो बहुत आसानी से कर दी लेकिन उन शब्दों को आप अब वापस नहीं ले सकते। इसलिए शब्दों को चुनाव करते समय  हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी बात को कहने से पहले परख लो और फिर ही बोलो। यही असली इंसान के गुण हैं। हम किसी की बुराई तो बहुत आसानी से कर सकते हैं लेकिन हमारी एक बात किसी के मन में आकर बैठ गई तो उस रिश्ते को दोबारा हम आसानी से संभाल नहीं पाते। अगर एक बार रिश्ते में गांठ पड़ गई फिर वह कभी खुल नहीं सकती इसलिए रिश्तो को हमेशा संभाल कर रखो और कोई भी इस तरह की बात ना करो जिससे रिश्तो में गांठ पड़ जाए
 अगर मेरी इन कहानियों में से अगर आपको कोई भी कहानी अच्छी लगे तो आप अपने चाहने वाले और दोस्तों में जरूर शेयर करें। प्रेरणादायक कहानियां हमारे जीवन को बदल सकती हैं हमारे नेगेटिव विचारों को पोजिटिव मैं परिवर्तित कर सकती हैं। इसलिए हमेशा ऐसी कहानियां पढ़ें जो आपके बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक बन सके।
Posted by-kiran



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ