हल्दी एक गुण अनेक :-

हल्दी के गुण और चमत्कारिक लाभ:- 

आयुर्वेद के अनुसार हल्दी के गुण:-👇🏻

हल्दी को रसोई की रानी भी कहा जाता है. क्योंकि यह विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर हल्दी के उबटन से दूल्हा और दुल्हन के तन बदन को कंचन सा निखारा जा सकता है ।हल्दी हमारे जख्मों को ठीक करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि 

यह एक एंटीसेप्टिक का काम करती है। आयुर्वेद अनुसार हल्दी के गुणों की वर्णन सिर्फ कोरे दिखावे नही बल्कि इनका अपना एक वैज्ञानिक महत्व भी है। यह हमें ना केवल चरम के रोगों से बचाती है और रक्त परिष्कृत करती है, बल्कि नजला, जुकाम, खांसी आदि भी ठीक करती है, तथा त्वचा को आभा माई बनाती है। कच्ची हल्दी का रस 10 ग्राम लेकर उसमें उतना ही शहद मिलाकर चाटने से सर्दी लगना या गला बैठा हुआ ठीक हो जाता है। 

रात को सूखी हल्दी का चूर्ण 2 ग्राम लेकर 5 ग्राम शहद में उंगली से मिला हुआ बकरी का दूध पीने से इस प्रकार करते रहने से बार बार पेशाब का आना, वीर्य का स्खलित हो जाना आदि व्याधियों को दूर कर देती है। यह अरुचि, मंदाकिनी, बेचैनी ,घबराहट ,चिड़चिड़ापन आदि कष्ट भी इसके प्रयोग से दूर हो जाते हैं। 

कान में मवाद आते रहने से बहरा होने का खतरा बने रहने से तथा मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ने से, दांत, गला और आंखों पर मवाद का भी प्रभाव पड़ता है, इसके लिए ताजी हल्दी की गांठ को सरसों के तेल में पका ले और उसे तेल को शीशी में भर लें और उस तेल को कान में दो-दो बुदं हर रोज टपकाते रहे। जिससे कान का बहना बंद हो जाता है। 

हल्दी प्रयोग से नाक बंद रहना, बिगड़े हुए जुकाम को ठीक करने का एकमात्र उपाय है। एक चम्मच पिसी हुई हल्दी 250 ग्राम पानी में उबालें और उस पानी से फिर गुनगुने पानी से गरारे करें अगर संभव हो सके तो नाक से पानी को कुंजल किरया के सामान खीचिए, ऐसा करने से सूखा हुआ कफ बाहर निकल आता है। 

हल्दी के चूर्ण को दूध में घोलकर लगाने से बवासीर के मस्सों पर लगाने से ठीक हो जाते हैं। खूनी बवासीर में बकरी के दूध ताजे पानी के साथ एक चम्मच हल्दी का चूर्ण लेने से लाभ होता है।

 चरक संहिता के अनुसार हल्दी पेट के कीड़ों को मारने वाली कही गई है। 5 ग्राम हल्दी, 5 ग्राम नमक मिलाकर पानी के साथ पीने से तुरंत छुटकारा मिल जाता है। साथ ही पेट में गैस बनने की शिकायत भी नहीं रहती। 

परिवार नियोजन के लिए भी हल्दी एक विशिष्ट औषधि है, मासिक धर्म के दौरान अगर एक चम्मच पिसी हुई हल्दी का एक बडा चम्मच सेवन ईर ले तो गर्भवती होने का खतरा नहीं रहता, ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है, और प्रत्येक माह से ऐसा करने से दीर्घकालीन लाभ होते हैं। 

दांतों में कीड़ा लगने पर हल्दी की गांठ को भुन ले और दांत के गड्ढे में भर देने से कीड़ों से निजात मिल जाएगी, तथा दर्द में आराम मिलेगा। पिसी हल्दी को शहद में मिलाकर मटर के दाने के समान छोटी-छोटी गोलियां बनाकर रख लें सुबह-शाम दो गोली चूसने से खाज, खुजली में लाभ होता है। हल्दी की गांठ रगड़ कर एग्जिमा वाले स्थान पर लगाने से वह दूर होता है। 

दाढ़ी बनाने के बाद पिसी हुई हल्दी को पानी में घोलकर लगाने से चेहरा मुलायम रहता है। 

हल्दी प्रकृतिक और एंटीसेप्टिक का काम करती है। हल्दी और बेसन को चेहरे पर लगाने से गजब निखार आ जाता है, क्योंकि हल्दी में कुदरती तौर से रंग गोरा करने का एक प्रभावी गुण हैं। हल्दी अनेक गुणों से भरी हुई है हल्दी का कोई भी नुकसान नहीं है। 

वैसे तो हम हर रोज हल्दी को अपने खाने में खाते हैं, पर कच्ची हल्दी खाने के और भी ज्यादा फायदे हैं। इसलिए अपने खाने में और इस क्रोना के दौर में हल्दी का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करें। यह रोगो से लडने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले भी एक औषधि का काम करती है। अगर आपको गले में कुछ शिकायत है तो आप हल्दी वाला दूध हर रोज रात को जरूर गर्म करने के बाद पिये। 

आजकल बहुत सारे आयुर्वेदिक डॉक्टर कोरोना के लिए हल्दी वाला दूध बहुत बता रहे हैं। इसलिए इस दूध का उपयोग जरूर करें। अगर आपको हल्दी के उपाय और बहुत अच्छे लगे हो तो प्लीज शेयर करे। 

thankyou everyone 

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