आखों की ज्योती बढाने के लिए घेरेलू उपाय:-

आंखें हमारे शरीर का दीपक है इसलिए आंखों के लिए कोई भी लापरवाही ना बरतें। अगर आप भी अपनी आंखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो कुछ सुझाव और उपाय हैं। जिनको करने के बाद आप अपनी आंखों को  रोशनी बढा सकते हैं, और उनको स्वस्थ कर सकते हैं। बस ध्यान रहे की आंखों को कोई भी उपाय करने से पहले खुद डॉक्टर ना बने पहले किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह जरूर लें। आज मैं आपको यहां कुछ ऐसे उपाय बता रही हूं जिनके खाने से आप अपनी आंखों की रोशनी बढ़ा सकते हो और हमेशा के लिए चश्मा उतर आ सकते हो।

यदि आप चाहते हो कि तुम्हारे नेत्रों की शक्ति क्षीण और कमजोर ना हो तो इन नियमों का पालन करना मत भूलो: -

1.सुबह उठते ही आखों में अपना बासी थूक लगान से कुछ दिनों में नेत्रों की शक्ति बढ़ जाती है इस बात विश्वास करके पालन करो ।

2 .नेत्रों की रक्षा के लिये तेज प्रकाश में नहीं पढ़ना चाहिये इस प्रकार नहीं पढ़ना चाहिये कि प्रकाश सीधे पुस्तक के पृष्ठों पर पड़े और कभी भी लेटे - लेटे भी नहीं पढ़ना चाहिये और ना झुककर या पुस्तक को नेत्रों के बहुत पास करके पढ़ना चाहिये ।

3. बहुत कम प्रकाश में पढ़ना भी हानिकारक है ,इसलिए हमेशा पढने के लिए पहले सही ढंग से रोशनी का इन्तजाम करो।

4 . जरूरत से जयादा टीवी देखना नेत्रज्योति को नष्ट करता है तथा इससे पढने वाले बच्चों के लिए समय का भी बहुत नुकसान है ।

आखों की रोशनी बढाने के उपाय:-

नेत्र ज्योतिवर्धकः त्रिफला चूर्ण दो चम्मच रात को एक गिलास पानी में भिगो दें , प्रातः इस पानी को छान कर आंखें धोयें ऐसा करने से नेत्र - ज्योति बढ़ेगी तथा नेत्रों के सामान्य रोग ठीक हो जायेंगे।

2- नित्य पैरो के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश सोते समय करे ।

3. शुद्ध शहद प्रतिदिन आंखों में लगायें, लेकिन लगाने से पहले यह परख ले कि शहद बुहत पुराना ना हो और वह किसी अच्छी कम्पनी का हो, कयोंकि आखों के साथ किसी भी प्रकार खिलवाड़ सही नही है, यह बहुत नाजुक होती हैं। 

4. जब भी आंखें धोये और स्नान करें , अपने मुह में पानी भर लें जब मुंह थक जाये , मुंह में पानी गर्म हो जाये तो उसे थूक दें और पुनः मुंह में पानी भर लें इससे नेत्र - ज्योति बढ़ेगी और नियमित नित्य लम्बे समय तक करते रहने से चश्मा भी उतर जायेगा ।

5. गाजर के जुस का भरपूर मात्रा में सेवन करने से ज्योति बढ़ती है और अगर जुस नही पी सकते हो तो कच्ची गाजर का सेवन करें। 


 6.  खाना खाने के पश्चात नियमित रूप से सौंफ का सेवन करने से जहां पाचन शक्ति में वृद्धि होती है, वहीं   नेत्र ज्योति भी बढती है।

 7. प्रातः हरी घास पर नंगे चलना व हरियाली देखना आँखो को बहुत  गहरा आराम पहुंचाता है ।

 8  रोज सुबह खाने से पूर्व नीबू शरबत पीए कयोंकि नींबू में विटामिन, सी होता है। आंवला, संतरा ,अमरूद आदि भी विटामिन सी ' के अन्य स्रोत है,इनका पर्याप्त मात्रा में उपयोग करे।

9. मुख में जल भरकर नित्य प्रात : काल स्वच्छ शीतल जल के छींटे मारकर नेत्र धो लिया करो ऐसा करने से नेत्रो की ज्योति बढती और आखों को ठंडक मिलती है। 

 10 नींबू का प्रयोग:-  एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर प्रातः भूखे पेट हमेशा पीते रहे हैं  ऐसा करने से नेत्रज्योति ठीक बनी रहेगी और इससे पेट भी साफ रहता है ,शरीर स्वस्थ रहता है और यह निरोग रहने का यह प्राथमिक उपचार है ।
  
आंवले का प्रयोग:-  आंवला खाने से  आप अपना चश्मा उतार सकते हो।  हर रोज कच्चा आंवला नमक लगाकर खाएं आंवला आप किसी भी टाइम खा सकते हो। आंवले में विटामिन सी पाया जाता है ऐसा करने से आप अपना चश्मा भी उतार सकते हो।यह एक अनुभव किया हुआ प्रयोग है ।इससे आपकी आंखों की रोशनी तेज होगी और चश्मा भी उतर सकता है। बस शर्त इतनी सी है कि आपको आंवला हर रोज खाना है लगातार तीन महीने तक।

भुरी मिर्च:- 
 भुरी मिर्च बाजार में बहुत आसानी से मिल जायेगी। आप इसको सुबह शाम एक चम्मच दूध के साथ सेवन करें इसका प्रयोग करने से भी हमारी आंखों की खोई हुई रोशनी भी वापस आ सकती है। कहने का भाव है जब हमारी आंखो की रोशनी  बहुत कमजोर पड जाती हैं। इससे भी बहुत ज्यादा फर्क पड़ता है इसलिए आंखों के लिए खाने का किसी भी प्रकार का प्रयोग कर सकते हो, पर कोई भी वस्तु आंखों में भूल कर ना डालें बिना डॉक्टर की सलाह के पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करें। क्योंकि आंखें हमारे शरीर का सबसे नाजुक हिस्सा है।

 रतौंधी रोग:- 
यह आंखों की एक ऐसी बिमारी है जिसमें इन्सान रतौंधी का रोगी दिन में तो अच्छी तरह से देख सकता है , किंतु रात में वह देख नहीं सकता। यह एक तरह की खानदानी बिमारी होती है  कुछ लोगों मे ये बीमारी कई  पीढियों के बाद भी आ जाती है। 
 उपचार:- 
इसका सफल उपचार है कि आयुर्वेद के अनुसार चौलाई "की सब्जी भैंस के घी में बनाकर प्रतिदिन सूर्यास्त के बाद जितनी खा सके खा लें इसके साथ रोटी - चावल या और कुछ भी ना खायें ऐसा करने से  दो माह तक सेवन से ही पूर्ण आराम आ सकता है।
 रतौंधी रोग में पालक में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है। विटामिन ए शारीरिक वृद्धि के साय ही साथ आंखों को स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पालक का नियमित सेवन करने वाले व्यक्तियों में यह रोग नहीं पाया जाता । रतौंधी के रोगी को एक गिलास पालक का रस सुबह और शाम दिया जाए तो महीने भर में इस रोग की शिकायत दूर हो जाती है।
विद्यार्थियों और कंप्यूटर चलाने वालों  पढ़ने -लिखने का कार्य अधिक करने वालों को ये सब उपाय अवश्य अपनाने चाहिये।
हमारी आखें शरीर का सबसे नाजुक अंग है। 
कयोंकि आँखो से हम दुनिया की हर चीज देख सकते हैं ।इसलिए आंखों के लिए किसी भी प्रकार का समझौता ना करें और अगर आपकी समस्या बहुत बड़ी हो तो फिर किसी अच्छे डॉक्टर को जरूर दिखाएं किसी भी घरेलू उपाय को करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर करें। खाने की चीजों को आप बिना डाक्टर की सलाह के भी खा सकते हो पर आंख में कोई चीज डालने से बुरा प्रभाव पड़ सकता है। कृपया करके कोई दवाई या उपाय अपनी मर्जी से ना करें  पहले किसी  नेत्र विशेषक को जरूर सलाह करें तभी आंखों में कुछ डालें। 


आंखों की देखभाल कैसे करें:-

 छोटा बच्चा पैदा होने पर अगर उसकी आंखों में से पानी बहता है, तो एक नरम कपड़ेे की मदद से उसकी आंखें हल्के गुनगुनेे पानी से साफ करें
अधिक दस्त आने पर या पेट से कीडे गिरने की दिशा में अगर आंखों की चमक कम खो रही हो तो दस्त का इलाज करें और जल्दी डॉक्टर से मिलकर इलाज करें । अगर बच्चे की आखों से पानी गिरता हो और पुतली बड़ी दिखाई देती हो तो जल्दी  ही डाक्टर से इलाज ले यह काला मोतिया भी हो सकता है इसकी लापरवाही ना बरते । 
अगर बच्चे को स्कूल में ब्लैक बोर्ड देखने में परेशानी होती हो या पढ़ने में आंख से पानी गिरता हो या दर्द होता या किताब को आँखो के बहुत पास रख कर पढ़ता हो तो तुरन्त आखो की जांच करवायें ।
 गाजर के मौसम में बच्चे को गाजर या गाजर का रस जरूर पिलायें ।
 बड़े लोगो में अगर आंख को रोशनी दिन पर दिन कम हो रही हो या रात में रोशनी देखने पर बल्ब या बत्ती के आस पास इन्द्रधनुष दिखाई देता हो तो यह एक तरह की बिमारी हो सकती है .इसलिए आंखो की रोशनी भी जा सकती है।
 वृद्ध लोगों को अगर धुधंला दिखता है जो दिन पर दिन बढ़ता जाता है तो यह मोतिया बिन्द हो सकता है।  ऐसा होने पर आखों के डाक्टर से मिलकर इसका आप्रेशन करवा लें। या कोई दवाई शुरू करें वरना आप को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है।
 खुली आंखो में सूरज या तेज रोशनी , जैसे तेज रोशनी वाला बल्ब या वेल्डिंग की रोशनी की ओर ना देखें ।  गर्मी और लू में सर पर कपडा बांधे जो थोड़ा आखों को भी ढके रहे। आंखो के आने पर चश्मे का इस्तेमाल करें। सुबह शाम आंखों को साफ ठंडे पानी से धोयें और  छपके मार मार कर धोये।  आंख में कुछ पड़ जाने पर उसे मलें नहीं ठण्डे पानी से छपके मारकर ऊपर नीचे करके कण को निकालें, या फिर य
 आप उल्टे चलें यह उपाय भी आंख में से कुछ गिर जाने का एक सरल उपाय हैं। आंख में कुछ गिर जाने से आंखों को बार बार झपकाने  से भी गिरी हुई वस्तु पानी के साथ बैहकर बाहर निकल जाती है।
 इस तरह आप कुछ उपाय करके अपनी आंखों को स्वस्थ और निरोगी रख सकते हो। अपनी आंखों को स्वस्थ रखने के लिए इनमें से किसी भी एक उपाय को कर सकते हो। खाने का उपाय करने का कोई भी नुकसान नहीं है इसलिए आप अपनी आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गाजर, आंवला, नींबू कुछ भी खा सकते हो और अपनी रोशनी को बढ़ा सकते हो ।
आंखें हमारे शरीर का दीपक है अगर यह सही है तभी हम दुनिया की किसी भी वस्तु को देख सकते हैं।इसलिए इस दीपक की रोशनी के लिए  कभी भी लापरवाही ना बरतें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ