Dil ke alfaaz :- महानपुरूषो के विचार और कीर्तन का महत्व

महानपुरुषोँ के विचार :-
MOTIVATIONAL QUOTES IN HINDI 

☆ अपना जीवन जीने की ऐसी कोशिश करें कि हमारी मौत की घड़ी आ पहुंचे तो हमें कोई अफसोस ना हो कदम पीछे ना हटाने वाला हमेशा  ऐश्वर्या को जीतता है। उचित अवसर के अभाव में योग्यता का मूल्य बहुत कम रह जाता है।और कुछ लोग अपना जीवन यु ही बरबाद कर देते है और बिना कूछ दान ,धर्म किये अपने अंतिम पडाव पर पहुंच जाते हैं फिर पछताने की सिवाए कुछ नही रहता। इसलिए जितना हो सके भजन-कीर्तन और भगवान् की भक्ति में मन लगाने की कोशिश करे।  धन चाहे कितना भी कमा लो पर साथ नहीं जाता लेकिन नेकी और भगवान् का नाम जरूर साथ जायेगा और वो फिर इस लोक में भी और परलोक में भी फिर कभी साथ नहीं छोड़ता।
 
भगवद्गीता और शास्त्रो के अनुसार कीर्तन की महिमा:-⚘⚘⚘

 कीर्तन की महिमा भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कीर्तन की महिमा सबसे उत्तम बताई है। कीर्तन करने वालों को सभी योगियों में श्रेष्ठ योगी कहा गया है, जो श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान के नाम गुण लीला का आदि का वर्णन करता है या कीर्तन करते हुए भगवान को सबसे अधिक प्रिय है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण की ने महिमा इतनी बताई है कि पापी से पापी, दुष्ट से दुष्ट, मूर्ख से मूर्ख भी यदि भगवान के नाम का कीर्तन करता है तो है भगवान उसे अपनी शरण में रख लेते हैं, और उसके सारे दोषो को मिटा डालते हैं एवं उसे धर्मात्मा बना देते हैं तो योगिता प्रदान करता है।
 अयोग्य को योग्य बनाना है कीर्तन का सहज गुण है। भगवान से आसक्त होकर जो निरंतर भजन कीर्तन करता है उन्हें भगवान कृष्ण ने श्रेष्ठ कहा है। सही बात तो यह है कि कपट,मद, मत्सर आदि दोषो को नष्ट  करने के लिए कीर्तन ही सर्व समर्थ है। 
 यही कारण है कि भगवान श्रद्धा और आस्था ज्ञान, अज्ञान  पवित्रता अपवित्रा  पर ध्यान न देकर सबका कल्याण करते रहते हैं। इतना ही नहीं गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने यहां तक कहा है यदि कोई अत्यंत दुराचारी भाव से भगवान का कीर्तन करता है। तो वह सच मे साधु सामान है। शास्त्र कहते है कि भगवान कृष्ण के प्रचार-प्रसार पर बल देते हैं, तब हम प्राणी मात्र का कर्तव्य है और इनका प्रचार प्रसार करें आज के परिवेश को ध्यान में रखते हुए जब तक हम भजन कीर्तन मे नहीं  तब तक कल्याण संभव नहीं है।
⚘ राधे राधे राधे राधे राधे ⚘


 महान पुरूषों के विचार:-⚘⚘

☆. असफल रह जाना ही सफलता की ओर बढ़ना का पहला कदम है और अगर हम प्रयास बनाए रखें तो 1 दिन सफलता भी जरूर मिल सकती है

☆. बुद्धिमान आदमी को जितने अवसर मिलते हैं उससे अधिक वह बनता है।

☆. हमारा अपना धय्य  सत्य होना चाहिए ना कि सुख।

☆. बहुत बोलने की बजाय, सुनना ज्यादा अच्छा है - तुलसीदास

☆. मेहनत वह चाबी है जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है-  चाणक्य

 शिक्षा की जड़े कड़वी हैं ,लेकिन फल मीठा है।
☆. सूर्य भगवान के उदय होने के समय भी और सूर्य भगवान के अस्त होने के समय भी जो मनुष्य सोता है ,वह मलिन कपडे, गंदे दांतो वाला, बहुत ज्यादा खाने वाले, कठोर वचन बोलने वाले को ,घमंडी मनुष्य को लक्ष्मी जी हमेशा के लिए त्याग देती है। 

☆. भगवान के लिए अपनी मनचाही छोड़ देना ही, शरणागति है।

☆. जो अपने घर का सुधार ना कर सका वह दूसरों को सुधारने की चेष्टा करना बड़ी भारी गलती है।

☆. एक गद्दार दोस्त से, एक वफादार दुश्मन ज्यादा अच्छा होता है।

 ☆.शरीर के ,लिए जैसे प्राण शक्ति अनिवार्य है, उसी तरह राष्ट्र के लिए उनकी स्वतंत्रता।

☆. दृष्टि बदलो सृष्टि बदल जाएगी।

☆. अपनी जिन परिस्थितियों को बदल सकते हो, तुम बदल सकते हो उन्हें बदलने का पूर्ण प्रयास करो, जिन्हें तुम बदल नहीं सकते उन्हें सवीकार कर लो। 

☆.अच्छा समय आते ही सब काम अपने आप हो जाते हैं ।


☆ बिना घबराए कर्म करते रहे ।


 ☆. शिक्षा की जड़े कड़वी हैं ,लेकिन फल मीठा है।

☆ यदि तुम अपनी गलतियों के नाम पर घर जाकर सिर पर हाथ रख जन्म भर रोते रहो, तो उससे तुम्हारा उद्धार नहीं होने वाला है, बल्कि तुम और भी दुर्बल हो जाओगे कहना यह है यदि कोई कमरा हजारों वर्षों से अंधकार पूर्ण हो और तुम उसमें जाकर रोने धोने लोगों, हाय बड़ा अंधेरा है तो क्या उसमें  से अंधेरा चला जाएगा ? दिया सलाई जलाओ क्षण भर में ही अंधकार दूर हो जाएगा।


☆. सारा जीवन यदि तुम अब सोच करते रहो अरे मैंने अनेक दुष्कर्म किए हैं बहुत सी गलतियां की उसमें क्या लाभ हममें  बहुत से दोष है, दोष दूर करो

☆ जीवन सत्य बोलने से बड़ा कोई पुण्य नहीं झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं।


☆ शास्त्र भी इसकी घोषणा करते हैं मेरी राय में  सच बोलना पहले नवाज की कमाई ,दूसरी नवाज है परमात्मा से सबका भला मांगना ,तीसरी नवाज है नियत को साफ रखना और मन को भीतर रखना यह चौथी नवाज है। और परमात्मा के यश की महिमा की प्रशंसा करना पांचवी नवाज है।

☆ प्रभु के चरण कमलों में प्रेम ही भक्ति का मार्ग है ।

☆ बिना भगवद भक्ति के यदि संसार में रहोगे तो दिनों दिन उलझन में पड़ जाओगे और यहां तक फंस जाओगे कि फिर पिंड छुड़ाना भी मुश्किल हो जाएगा।

☆ रोग ,शोक ,पाप और तप आदि से अधिर हो जाओगे विषय चिंतन जितना ही करोगे भगवान के प्रेम में  उतनी मजबूती से बधं जाऔगे।

☆ मुक्त होकर हम भगवान के नाम का जप और भगवान का ध्यान करते रहो।

☆ भगवान में प्रेम श्रद्धा भक्ति ज्ञान वैराग्य की बातों को सुनते और पढ़ते रहो और  भगवान को एक क्षण भी कभी नहीं भूले यही सच्ची भक्ति है।

 ☆ वाणी के द्वारा उनके नाम का जाप करते रहें।

 ☆ दुखों का धैर्य पूर्वक सामना करना चाहिए दुख भगवद इच्छा से ही दूर हो सकता है।

 
☆ श्री कृष्ण को पर अटल विश्वास कर उनकी सेवा करो।

  
☆ सौभाग्य हमेशा मेहनत के साथ ही परिलक्षित होता है। 

☆  दिल में बुरे विचार मत आने दो वह अपना असर दिखाएगा बिना नहीं रह सकता।

 ☆ धैर्य मत खोये ईश्वर से बड़ा इस संसार में कोई नहीं है, बस उसमें हमेशा आस्था बनाए रखो।

☆  प्रार्थना और ध्यान में अथाह सक्ती है।

☆ संतों की वाणी गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सेवा है ।

☆  अच्छे विचार रखना ही भीतरी सुंदरता है।

 ☆ आज हमारे पास सब कुछ भगवान का ही है ,यही सच्चाई है।

☆  ज्यादा धन संपत्ति अशांति पैदा करती है।

☆. काम करते समय सोचना सतर्कता है।

☆. शुद्ध शाकाहारी रहो यह उपाय सबसे  उत्तम है।

☆2 करामात एक अनु के भीतर इलेक्ट्रॉन अपनी सीमा में ही घूम रहा है।

☆.  एक अदृश्य शक्ति ही सृष्टि को सुनियोजित ढंग से चला रही हैं।

☆. ईश्वर की शक्ति पर शक करने वाला इंसान पागल है । 

☆ प्रत्येक आत्मा में ईश्वर का वास है।

☆  किसी की आत्मा को कष्ट देना प्रभु को नाराज करना है। 

☆  सच्चे मन और धर्म से पुकारने से वह सब सुन लेता है।

☆  परमात्मा के सिवाय कोई भी वस्तु समान रूप से सबको नहीं मिल सकती। 

☆  सत्य के सामने झूठ ज्यादा देर तक नहीं टिक सकता।

 ☆ सच बोलना प्रभु को प्रसन्न करना है।

☆  जो चीज चली गई उस पर बिल्कुल भी विचार ना करो।।

☆  हंसते रहना अनेक बीमारियों को ठीक करना है।

☆  श्रद्धा और विश्वास में बहुत बड़ी शक्ति है।

☆  धर्म करने का फल कभी निष्फल नहीं जाता।

LAST ALFAAZ:- 
आजके टॉपिक में महान संतों के विचार और कुछ मोटिवेशनल कोटस हैं ,और भगवद गीता के अनुसार कीर्तन की महिमा बताई गई है। जिसमें इस बात पर बहुत जोर दिया गया है कि जिसने कीर्तन और भजन में मन लगा लिया उसने ही भगवान को प्राप्त कर लिया यही सच्ची भक्ति है। अगर आपको अच्छे लगे तो आप उसको अपने चाहने वालों और दोस्तों में शेयर कर सकते हैं।।




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