स्तन कैंसर के लक्षण | स्तन कैंसर की जांच कैसे करें |

Tittle- स्तन  कैंसर के कारण और लक्षण- औरतों के लिए यह एक आम समस्या है इसके कारण और लक्षण जानना बेहद जरूरी है। आजकल हर 10 में से 20 औरतें ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण देखने को मिलते हैं, जबकि महिलाएं घर पर रहकर ही अपनी breast कैंसर की पहचान खुद कर सकती हैं, क्योंकि इसको पहचानना बहुत ही आसान है। स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा फैलने वाली एक भयंकर बीमारी है।

हर साल इस बीमारी के कारण लाखों महिलाएं मर जाती हैं ।इसलिए औरतें इस बीमारी को लेकर सचेत रहें और समय-समय पर अपनी जांच करवाती रहें।
बहुत सारी महिलाएं स्तनों के बारे में बात करना पसंद नहीं करती और कई बार तो कैंसर के लक्षण पाए जाने पर भी डॉक्टर को बताने से डरती या शरमाती है, मेरा उन सभी मां,बहनों से निवेदन है कि अगर आपको इस तरह की समस्या है तो आप अपने शरीर जाँच वैसे ही करवाये।
जैसे हम और बिमारियों को डाक्टर की सलाह लेते है, वैसे ही इस परेशानी को छुपाये नही सामने लाए। अपने स्तन कैंसर की जांच करें और डॉक्टर की सलाह जरूर करें।

स्तन कैंसर के लक्षण:-
स्तन कैंसर महिलाओं में ज्यादा होता है। यह कैंसर अधिक उम्र की औरतों में होता है,और कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के चांस कम होते हैं। अगर आपके परिवार में अगर किसी को ब्रेस्ट कैंसर है तो आप को ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाएगी, ऐसा माना जाता है।
1.महावारी बंद हो जाना,

2. मां बनने में देरी,

3. धूम्रपान या शराब पीना,

4. नींद पूरी ना लेना

5. अधिक उम्र में मां बनना ।

यह सभी ब्रेस्ट कैंसर के मुख्य कारण हैं । कई बार खराब जीवनशैली के चलते महिलाओं में स्तन कैंसर का कारण बन सकती है ।इसके लिए अपनी देख रेख अवाश्यक रखें ।
शुरुआती अवस्था में ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि महिलाएं अगर सर्तक रहे उसको पता लगाने से जांच करवा सकते हैं। हालांकि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज अब संभव है लेकिन इलाज के लिए ऑपरेशन करवाना होता है और ऑपरेशन करने के बाद औरत का स्तन निकाल दिया जाता है।इसलिए उनकी देखभाल आपके ही हाथों में है।
आइए हम ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों के बारे में बताते हैं।
स्तन में गांठ होना महिलाओं में रोज नहाते समय कभी भी अपने स्तनों में अगर गाँठ जैसा कुछ दिखाई दे अगर कोई दर्द नहीं होता हो तो महिलाएं इसे लेकर गंभीर नहीं होती लेकिन अगर आपके स्तन में किसी भी प्रकार की गांठ है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
स्तनों में गड्ढे पड़ना, अपने ब्रेस्ट पर थोड़ा सा ध्यान दें कहीं किसी प्रकार का कोई गड्ढा प्रतीत होता हो या निप्पल अंदर की तरह धंसे हुए नजर आते हैं तो आपको अपने स्तन कैंसर की जांच करवानी चाहिए।
स्तनों में दर्द होना ,कई बार टाइट ब्रा पहनने की वजह से भी दर्द होने लगता है, यह एक सामान्य बात है। लेकिन अगर आपको बिना वजह
और लगातार ब्रेस्ट में दर्द रहता है तो किसी अच्छे कैंसर स्पेशलिस्ट को जरूर दिखाएं।

ब्रेस्ट से तरल पदार्थ निकलना:-
अगर आपकी ब्रेस्ट से किसी प्रकार का सफेद दुध जैसा,या खून किसी भी तरह का तरल पदार्थ निकलता हो तो तुरंत सावधान हो जाएं और अपने स्तन को हाथ से छुने पर और हल्का सा दबाव पर अगर कोई पदार्थ निकलता है,तो यह कैंसर की निशानी है।
कांख के बीच का दर्द अगर महिलाओं में कांख और स्तन के बीच में दर्द रहता है तो अपने स्तनों के अवश्य जांच करवाएं। हो सकता है कैंसर का दर्द ना हो लेकिन और कांख का दर्द होना कैंसर की संभावना को बढा देता हैं।

स्तनों में बदलाव अगर आपके स्तन अचानक पहले से ज्यादा मुलायम और सख्त हो रहे हो तो इसका यह भी एक चिंता का विषय है। स्तनो की लगातार देख रेख करें और मुलायम या सख्त जैसा महसूस होने पर जांच कराएं।

स्तनों के सूजन-.


 आकार में बदलाव कई महिलाओं के स्तन को एक छोटा या बड़ा प्रतीत होता है। यह कुछ समय से स्तनों में आकार में कुछ अजीब सा बदलाव प्रतीत होता है तो यह कैंसर का शुरुआती लक्षण है। breast में सूजन आना कोई सामान्य बात नहीं है, अगर किसी महिलाओं के ब्रेस्ट में सूजन प्रतीत होता है तो बिना देरी किए किसी कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर से संपर्क करें

ब्रेस्ट पर निशान पडने -
अगर आप की स्तनो पर सफेद निशान हो तो किसी प्रकार के तो यह कैंसर के शुरुआती लक्षण।

स्तनो पर खुजली होना-
खुजली होना यह एक आम समस्या है यही बार-बार आपको प्रतीत होती है तो आप अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य करें।
महिलाएं अपने घर पर रहकर ब्रेस्ट कैंसर की जांच कर सकती हैं आप अपने स्तनों को हल्के हाथ से छुएं। अगर छूने पर ऊपर से निचे की और धीरे धीरे लाए और चैक करे कहीं कोई गाँठ नजर आए या महसूस हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं।
स्तन कैंसर के लिए डॉक्टरी परीक्षण स्तन कैंसर का कोई भी लक्षण अगर आपको महसूस हो तो डॉक्टर से मिले है ।
कैंसर की जांच के लिए डॉक्टर दो प्रकार के टेस्ट करते हैं अल्ट्रासाउंड और मैमोग्राफी जाँच।
 जिस महिला की उम्र कम है उसकी मैमोग्राफी कम करते है। भारत में हर  वर्ष  महिलाओं में 40% के आसपास से ज्यादा तो मैमोग्राफी टेस्ट किया जाता है।

इसके साथ एक एफएनसी नाम का टेस्ट और परिक्षण किया जाता है।
इस टेस्ट के द्वारा गाँठ से सुई डालकर तरल पदार्थ निकाला जाता है और माइक्रोस्कोप से उसकी जांच से इस टेस्ट से यह पता चलता है यह गांठ किस प्रकार की है। इस तरह की जांच में कोई ज्यादा तकलीफ नहीं होती अगर आपके साथ भी इस प्रकार की कोई समस्या हो तो अपनी जांच अवश्य करवाएं ।

स्तन कैंसर के बारे में विस्तार से बताया है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक पैदा करना है ना की आपको डराना, इसलिए यह जानकारी अगर आप के काम आए तो इसे शेयर जरूर करें ।
आप अपने डॉक्टर खुद ना बने अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य करें क्योंकि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। स्वास्थ्य से बड़ा कुछ नहीं है इसलिए स्वस्थ रहें और अपने खान-पान और अपनी आदतों पर ध्यान दें।

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