युरिक एसिड के कारण और घेरेलू उपाय:-----



यूरिक एसिड के बढ़ने का क्या कारण है और किन लक्षणों से होती है इसकी पहचान, आईये जानते है इसके बारे में विस्तार से:---------


इस बिमारी मे हमे जोड़ों में सूजन या प्रदाह के कारण उत्पन्न युरिक को रियूमेटायड आर्थराइटिस कहते है । जोड़ों में यूरिक अम्ल के जमा हो जाने के कारण उत्पन्न गाऊटी जिसकी शुरुआत सबसे पहले पैरों के अंगूठे के दर्द से होती है। इस दर्द को नजरअंदाज ना करे। इस रोग से और आमवात में भी हड्डी के जोड़ प्रभावित होते हैं । कन्धों में जकड़न- कन्धों को घेरने वाली मांसपेशियां में सूजन आ जाती है ।

यह प्रॉब्लम हमें उम्र बढने के साथ शुरू हो जाती है। इसमें हमारे कंधे, घुटने और हड्डीयो में दर्द होता है। हमारे खुन के धक्के जोड़ों मे जमा होने के कारण यह बिमारी शुरू हो जाती है। ऐसी स्थिति में ध्यान रखें कि हल्का सा व्यायाम करें और औषधि का सेवन नियम पूर्वक करते रहें।

क्या होता है यूरिक एसिड :-----

यूरिक एसिड शरीर के सेल्स और हमारे आहार से बनता है। शरीर में यूरिक एसिड हमेशा होता है, यह यूरिन के जरिए शरीर से निकलता है। आमतौर पर किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर कर देती है और यह टॉयलेट के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बनने लगता है या किडनी फिल्टर नहीं कर पाती तो खून में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। जो हड्डियों के बीच में जमा हो कर दर्द पैदा करता है। इससे Gout नाम की बीमारी भी हो सकती है जिससे जोड़ों में दर्द उठता है। यह आपके खून और यूरिन को काफी एसिड भी बना सकता है।

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण:---- 

-गलत डाइट या खान-पान
-रेड मीट, सी फूड, दाल, राजमा, पनीर और चावल जैसे खाने से भी यह बढ़ सकता है।
-अधिक समय तक खली पेट रहना भी एक कारण हो सकता है।
-डायबिटीज के मरीजों को हो सकता है यूरिक एसिड,मोटापा,
स्ट्रेस आदि के कारण यह बीमारी जन्म लेती है।

युरिक एसिड के लक्षण (गठिया):--------
जोड़ों में दर्द होना। उठने-बैठने में परेशानी होना।
-उंगलियों में सूजन आ जाना
-जोड़ों में गांठ की शिकायत होना
-इसके अलावा पैरों और हाथों की उंगलियों में चुभन वाला दर्द होता है जो कई बार असहनीय हो जाता है। इसमें आदमी ज्यादा जल्दी थक भी जाता है। इसलिए इन -लक्षणों को नजरअंदाज ना करें।

युरिक एसिड के लिए व्यायाम :-----
यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए फिजिकली फिट रहें। इसके लिए एक्सरसाइज करें, योग करें या सैर पर जाएं। 
-यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने दें। खूब पानी पिएं। 
-यूरिक एसिड को कंट्रोल करना है, तो अपने आहार पर खास ध्यान दें। प्यूरीन प्रोटीन युक्त भोजन को डाइट में शामिल न करें। 
-अपने आहार में ज्यादा अंतराल न डालें। हर दो घंटे में कुछ हेल्दी खाते रहें। 

युरिक एसिड के लिए घरेलू उपाय:-----
1.सुबह एक गिरी लहसुन आधा किलो दूध में डालकर उबालें और दूध जब आधा रह जाए तब तक पकाते रहे फिर उसे छानकर पी लें।
दूसरे दिन भी ऐसा ही करना है। यह प्रयोग लगभग 12 दिन तक करते रहे यह बहुत ही कारगर उपाय हैं ।

2. पुनर्नवा की जड़ 10 ग्राम को 100 ग्राम पानी में उबालें और जब पानी 25 ग्राम शेष रह जाए तब उसे उबाल देते रहे फिर छानकर पी लें।

3. योगराज गूगल सुबह-शाम दो-दो गोली गर्म पानी के साथ ले। यह भी एक रामबाण उपाय है गठिया के लिए ।

4.अश्वगंधा, चोपचीनी, पीपला मूल, सोंठ इन सब को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें और चूर्ण को सुबह-शाम दूध के साथ ले।

5. जोड़ों पर सेंक करे और अरंडी के पत्तों पर तिल का तेल लगाकर बांध ले यह उपाय भी बहुत कारगर है।

6. रात को सोते समय हर रोज 10 ग्राम मेथी का दाना निकल कर पानी के साथ ले यह भी दर्द के लिए एक बेहतर उपाय है.।

7. दर्द के स्थान पर नारायण तेल की मालिश करें यह आपको पंसारी की दुकान से मिलेगा।

युरिक एसिड बढने पर क्या खाएं और क्या ना खाएं:--------

गेहूं, बाजरे की रोटी, मेथी, चौलाई, करेला, सेब ,पपीता ,अंगूर, खजू,र लहसुन आदि वस्तुओं का सेवन करना बहुत ही हितकर है।

क्या ना खाये :-------
चावल, आलू, मूली ,गोभी, सेम, चना उड़द की दाल, केला ,संतरा, नींबू, अमरूद, टमाटर, दही आदि यह सब समस्त वायु कारक पदार्थ इस रोग को बढाते हैं।


All information and articles available on this site are for educational purposes only. The information given here should not be used for diagnosis or treatment of any health related problem or disease without expert advice. A qualified medical practitioner should always be consulted for medical examination and treatment

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ