डायबीटीज के लिए घरेलू उपाय | home remedies for diabetic patients |

डायबीटीज के  लक्षण और घेरेलू  उपाय-
डायबिटीज एक ऐसा रोग है जिसके होने के बाद हमारे शरीर में किसी प्रकार का दर्द नहीं होता है। लेकिन फिर भी हमारा शरीर दीमक की तरह खा लिया हो वो ऐसी हालत हो जाती है। इस रोग होने के बाद इसके लक्षण कैसे मालूम होते हैं आइए हम जानते हैं ।किस प्रकार इसकी जांच करें और कैसे पता लगाएं ।
 
डायबीटीज लक्षण :-------
 के सबसे सामान्य लक्षण होते हैं बार बार पेशाब आना , तेज प्यास व भूख लगना, वजन बढ़ना या असामान्य कम होना, थकान , कट या घाव लगने पर उनका जल्दी ठीक न हो पाना, और हाथ-पैर में गुदगुदी महसूस होना या उनका सुन्न होना।

डायबीटीज की जाँच कैसे करे:------
समय के साथ-साथ खून में बहुत ज्यादा ग्लूकोस होने के कारण कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इससे आपकी आंखों, किडनी और नसों को नुकसान हो सकता है। शुगर के कारण दिल का दौरा जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।यहां तक कि इसके कारण आपका कोई हाथ या पैर निकालने की आवश्यकता भी  पड़ सकती है। 
डायबीटीज के मालूम होते ही मूत्र तथा रक्त की जांच करवाएं जिससे हमें पता चल सके कि यदि पेशाब में शक्कर की मात्रा अधिक आ रही हैं तो रक्त शर्करा सामान्य से अधिक तो नहीं इस टेस्ट के लिए प्रातः काल खाली पेट खून में शुगर की मात्रा 80 से 120 मिली ग्राम के मध्य होने पर सामान्य मनुष्य स्वस्थ माना जाता है। अगर 120 से अधिक 140 से कम हो तो मधुमेह की प्रारंभिक अवस्था होती है। 

परंतु यह मात्रा 140 से अधिक होने पर समझ ले कि आप डायबिटीज से ग्रस्त हैं, और इस बिमारी ने अपनी जड़ जमा ली है। 
 भोजन करने के 2 घंटे बाद की गई जांच में अगर शुगर 120 मिलीग्राम से कम होने पर मनुष्य स्वस्थ और 140 मिलीग्राम या इससे कम होने पर मधुमेह की प्रारंभिक अवस्था मानी जाती है, किंतु 140 मिलीग्राम से अधिक पायी जाने पर इस रोग से ग्रस्त माना जाएगा।

 डायबिटीज रोग में संतुलित आहार और सख्त परहेज़  करने का महत्व औषधि सेवन  से अधिक माना जाता है।
 मधुमेह  होने के बाद मीठे से जितने ज्यादा दूरी बना सके उतनी ज्यादा ही आप स्वस्थ रह सकते हैं।
 आइए जानते हैं कुछ ऐसे घरेलू उपाय जिनको करने के बाद हम इस बीमारी को कुछ हद तक ठीक कर सकते हैं।

घेरेलू उपाय:------

तुलसी की पत्त‍ियों के इस्तेमाल से कंट्रोल करें डायबिटीज तुलसी की पत्त‍ियों में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पैंक्रियाटिक बीटा सेल्स को इंसुलिन के प्रति सक्रिय बनाती हैं. ये सेल्स इंसुलिन के स्त्राव को बढ़ाती हैं. सुबह उठकर खाली पेट दो से तीन तुलसी की पत्ती चबाएं. आप चाहें तो तुलसी का रस भी पी सकते हैं।

दालचीनी------- 

 दालचीनी का पाउडर लेना भी है बहुत फायदेमंद दालचीनी भारतीय व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख मसाला है. दालचीनी के प्रयोग से इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है. ये ब्लड में शुगर के लेवल को कम करने और नियंत्रित करने में मददगार है. इसके नियमित सेवन से मोटापा भी कम किया जा सकता है. दालचीनी को महीन पीसकर पाउडर बना लें और उसे गुनगुने पानी के साथ लें. मात्रा का विशेष ध्यान दें. बहुत अधिक मात्रा में ये पाउडर लेना खतरनाक हो सकता है।

Green टी---------

ग्रीन टी पीना भी है फायदेमंद ग्रीन टी में उच्च मात्रा में पॉलीफिनॉल पाया जाता है. ये एक सक्रिय एंटी-ऑक्सीडेंट है. जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार है. प्रतिदिन सुबह और शाम ग्रीन टी पीने से फायदा होगा.

सहजन--------

 सहजन की पत्त‍ियों का रस भी है फायदेमंद सहजन की पत्त‍ियों का रस भी डायबिटीज कंट्रोल करने में बहुत कारगर है. ड्रमस्ट‍िक की पत्त‍ियों को पीसकर उसे निचोड़ ले और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें. इससे शुगर लेवल बढ़ेगा नहीं.

 जामुन के बीजों के सेवन-

 जामुन के बीज भी  जामुन के बीजों को अच्छी तरह सुखा लें. सूखने के बाद इन्हें पीसकर एक चूर्ण बना लें. सुबह खाली पेट जामुन के बीजों को गुनगुने पानी के साथ लें. इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.

करेला------

करेला डायबिटीज के ल‌िए बेहद फायदेमंद होता है। करेला रक्त से ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है। ये किसी खास अंग के बजाए पूरे शरीर से ग्लूकोज का मेटाबोलिज्म नियंत्रित करता है।

मेथी दाना------

मेथी दाना धोकर  कुट पीसकर इसका चूर्ण  बना ले फिर  एक चम्मच पानी के साथ सेवन करें जो मधुमेह रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होता है। 

आंवला--------

 आधा चम्मच पिसी उदी और एक चम्मच आंवला का चूर्ण पानी के साथ लेने से शुगर सामान्य  मात्रा में बनी रहती है,  क्योंकि इसके सेवन से अग्नाशय को बल मिलता है जिससे  इनसुलिन नामक हार्मोन उचित मात्रा में बनता रहता है। यदि स्वस्थ व्यक्ति इसका सेवन करें तो वह इस व्याधि से बचा जा सकता है।

ढाक के फुल-------

 ढाक के फूलों का रस आधा चम्मच सुबह शाम लेना डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत ही लाभदायक रहता है।

बेल--------

बेल के ताजे हरे पत्तों का रस दो चम्मच सुबह शाम पीना डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत ही गुणकारी और उत्तम है।

गुडमार 80 ग्राम,  बेल के सुखे पत्ते 60 ग्राम, जामुन की गुठली 40 ग्राम और नीम की सूखी प्रति 20 ग्राम को कूटकर चूर्ण बना लें और सुबह शाम आधा-आधा चम्मच पानी के साथ प्रयोग करें । यह उपाय इस बिमारी के रामबाण का काम करता है। 


मेथी दाना:------- 

मिट्टी के बर्तन में रात को 50 ग्राम मेथी दाना पानी में भिगोए और सुबह मसलकर छानकर इस पानी को पी एस इस प्रकार का भिगोया हुआ मेथी दाना शाम को मसलकर छानकर पीने से डायबिटीज  रोगियों के लिए बहुत लाभदायक है।

मुगं मोठ:-------

सुबह नास्ते में रात को पानी में भिगोए मूंग और मोठ को इच्छाअनुसार ले और उसे खूब चबा चबाकर खाएं। इस भीगी हुई  मुगं मोठ  को सुबह तवे पर थोड़ा सा तेल नमक, जीरा डालकर  सेंक ले यह प्रयोग भी लाभदायक है ।

जामुन :-------

मधुमेह में सुबह-शाम भोजन के बाद आधा कप पानी के साथ जामुन की गुठली का चूर्ण 5 ग्राम लेने से दिन में एक बार 15- 20 बेलपत्र को चबाकर खाना सफल घरेलू इलाज है।


डायबिटीज होने पर ये इन सभी जड़ी बूटियां जो डायबिटीज में पेनक्रियाज को सक्रिय करने और इंसुलिन को नियंत्रण करने में लाभकारी रहती हैं।


 डायबिटीज मे कया ना खाये:------

 जौ, चना ,गेहूं की रोटी ,पुराना चावल, मूंग ,मसूर , अरहर की दाल, पतियों की सब्जी, परवर ,बैंगन ,करेला बहुत अधिक लाभदायक हैं।

क्या ना खाएं:----'

कंद ,शाक,मीठे फल ,चिनी, चाय आदि कफकारक चीजें बहुत हानिकारक है।

 डायबिटीज रोगियों को मोटापा कम करना चाहिए दिन में खाने में दो रोटी ,सब्जी, सलाद, दाल अंकुरित चना,  थोड़ी मात्रा में हरी सब्जियों, थोड़ा सा चावल ले सकते हैं।

योग और exercise -------

 डायबीटीज होने पर कम से कम 20:25 मिनट खुली हवा में योग और व्यायाम जरूर करें और सुबह शाम सैर करना बहुत जरूरी है। इसके अतिरिक्त इस बीमारी में ताजा करेले का रस दो तोला नित्य पीने से बहुत जल्दी लाभ होता है। ऐसे रोगियों को भोजन में जिनमें फाइबर पाया जाता है वह अधिक मात्रा में लें। इसलिए मधुमेह रोगियों माँसाहारी भोजन का सेवन कम ही करना चाहिए। ऐसे रोगियों को दूध का सेवन भी कम मात्रा में करना चाहिए।


 


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