अंतरिक्ष के बारे में रोचक तथ्य |‍ unknown facts about space in hindi |



अंतरिक्ष केे रोचक तथ्य-
वमें आदमी कैसे रहते हैं अनसुलझे रहस्य और तथ्य  ( how is astronaut live in space in hindi)
ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों की खोज हमेशा से ही वैज्ञानिकों के लिए चुनौती रही है। पर वह अपने लगातार प्रयास और बुद्धि के बल पर असंभव को भी सभंव कर देते हैं।
अंतरिक्ष (ब्रह्मांड )के बारे में आश्चर्य करने के लिए बहुत कुछ है। सबसे बड़ा रहस्य यह है की हम इसके बारे में कुछ नहीं जानते हैं ।
हम सिर्फ इतना जानते है की अंतरिक्ष बहुत बड़ा है और खुबसूरत चाँद सितारों से भरा हुआ है ,लेकिन हमें यह पता नहीं है की यह इतना सुंदर और बड़ा कैसे हैं जबकि हमें ये पता होना बहुत जरुरी हैं। जो सिर्फ हमें astronaut ki मदद से ही पता चल सकती है।

अगर आप ने कभी अंतरिक्ष की pictures ध्यान से देखी हो तो astronauts ki ज्यादातर pictures or Live Video में उनके हाथ Folded हुए नजर आते हैं। हमे ऐसा लग सकता है कि ये तो एक सामान्य बात है। आइए जानते ऐसा कयु होता है।

 ये सब रोचक तथ्य एक astronaut se live video के बताये जाने पर लिखी गई है। अंतरिक्ष मे जाने वाले जब Scott Kelly से पूछा। ये सवाल Reddit वेबसाईट के एक खास प्रोग्राम AMA में बताये गये है। लोग कोई भी सवाल पूछ सकते थे और उसका जवाब पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर दूर International Space Station से स्कॉट केली Live जवाब दे रहे थे। 

Scott Kelly एक अमेरिकन एस्ट्रोनॉट हैं जोकि अंतरिक्ष में 1 साल 5 महीने 5 दिन रह चुके हैं। Scott Kelly ऐसे पहले अमेरिकन अंतरिक्षयात्री हैं जिन्होंने लगातार एक साल से ज्यादा समय अन्तरिक्ष में बिताया था।उनसे बातचीत के आधार पर ये रोचक तथ्य आप के साथ शेयर कर रहे है।  
Scott Kelly ने बताया कि अन्तरिक्ष में इस तरह हाथ मोड़े रहने का एक खास कारण होता है. आप हाथ अपने साइड में नहीं रख सकते जिस प्रकार कि हम पृथ्वी पर रखते हैं। कारण हैं गुरुत्वाकर्षण शक्ति का न होना. इसलिए अगर आप अपने हाथ मोड़ कर न रखे तो वो इधर-उधर हिलते रहते हैं. क्युकि ऐसा करना बड़ा ही असुविधाजनक होता है अतः हाथ मोड़ कर रखना ही सबसे आसान तरीका है।

Scott Kelly ने आगे कहा – मुझे बड़ा अजीब लगता है जब मेरे हाथ मेरे आगे Frankenstein के जैसे तैरते रहते हैं। इसलिए मैं हाथ मोड़े (Folded Hands) रखता हूँ और सोते समय भी हाथों को स्लीपिंग बैग के अन्दर रखता हूँ। 

एक Space suit को बनने में लाख डॉलर खर्च है यानि 77 करोड़ रूपए है।

कया अंतरिक्ष में आदमी कैसे शौच-मूत्र करते हैं ? 

अगर रॉकेट से कोई छोटी यात्रा है तो अंतरिक्ष यात्री एक स्पेशल डायपर MAG प्रयोग करते हैं। लेकिन अगर अंतरिक्ष में कुछ दिन बिताने होते हैं तो स्पेशल टॉइलेट प्रयोग करना होता है जोकि ज़ीरो ग्रैविटी में भी काम करते हैं। 

आप सोचेंगे कि ग्रैविटी नहीं होगी तो सब उड़ने लगता होगा मगर ऐसा नहीं है। इसके लिए टॉइलेट में पॉवरफुल वैक्युम क्लीनर लगे होते हैं जोकि सभी अपशिष्ट को खींच लेते हैं। इस Toilet में पानी नहीं प्रयोग होता, पेपर वाइप या वेट वाइप प्रयोग करते हैं। 

अंतरिक्ष यात्री स्पेस में पानी लेकर जाते हैं या बनाते हैं ? 

Astronauts द्वारा प्रयोग होने वाला ज्यादातर पानी पृथ्वी से ही लोड करके ले जाया जाता है। गंदे पानी को मशीन से Recycle भी किया जाता है।

अंतरिक्ष में आदमी नहाने के लिए शॉवर नही लेते बल्कि कपड़े को गीला करके शरीर को पोंछते हैं। Space में खास तरह का Rinse less soap और Shampoo प्रयोग करते हैं जिसे छुड़ाने के लिए बहुत कम पानी लगता है। 

 Space में बाहर जाते समय अंतरिक्षयात्री Space Suit पहनते हैं। ये स्पेस सूट बहुत स्पैशल मटेरियल से बना होता है। Space suit का वजन 127 किलोग्राम के लगभग होता है। 

इस सूट में न तो आग लग सकती हैं और न ही गर्मी से पिघल सकता है। ये सूट खगोलयात्री को अत्यधिक ठंडी (-270 डिग्री सेंटीग्रेड) और बहुत ज्यादा गर्मी (1260 डिग्री सेंटीग्रेड) से बचा सकता है। 

आप अंतरिक्ष में कभी रो नहीं क्योंकि आपके आंसू नीचे ही नहीं गिरेंगे।

Astronauts कि माने तो अंतरिक्ष में welding के धुएँ और गर्म धातु जैसी बदबू आती है।


अंतरिक्ष में कम गुरुत्वाकर्षण के करना इंसान कि हड्डी पृथ्वी पर होने वाले खिचाव से आजाद हो जाती है, ऐसे में जब कोई astronaut अपनी पीठ कि हड्डी को सीधा करता है तो उसकी लम्बाई 2125 इंच बढ़ जाती है ।

अंतरिक्ष में गरूत्वाकर्षण के ना होने से कमजोरी आती है और ये अंतरिक्ष में जाने वाले हर इंसान के साथ होता है इस कमजोरी से बाहर आने में एक astronaut को लगभग 2-3 दिन का समय लग सकता है ।

International Space Station का space center एक फुटबॉल फील्ड जितना है ।

अंतरिक्ष से देखने पर सूरज काला दिखाई देता है ।

The Great Wall of China अंतरिक्ष से देखने पर नजर नहीं आता क्योंकि चाइना में प्रदूषण बहुत ज्यादा है ।


अंतरिक्ष में अगर आप किसी के सामने खड़े रहकर भी तेज चिल्लायेंगे तो भी वो आपकी आवाज नहीं सुन पायेगा क्योंकि वहां पर आवाज को एक जगह से दूसरे जगह तक पहुँचाने का कोई जरिया नहीं है ।

अगर आप अंतरिक्ष में जाते है तो आपका गला घुटने के बजाय शरीर के फटने से पहले मर जायेंगे क्योंकि वहां पर pressure नहीं है ।


आप अंतरिक्ष suit को पहनकर सिटी नहीं मार सकते क्योंकि इसमें हवा का दबाव बहुत कम होता है ।

अगर इंसान को बिना सुरक्षा उपाय के अंतरिक्ष में छोड़ दिया जाए तो वो सिर्फ 2 मिनट तक ही जिंदा रहेगा ।


इन सब बातों से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि स्पेस में आदमी किस प्रकार जीवन व्यतीत करते हैं।

Last alfaaz:---------
Astronaut कि जिंदगी किसी जोखिम से कम नहीं है और अगर कोई एस्ट्रोनॉट नहीं बनेगा तो फिर हम अंतरिक्ष के बारे में कैसे जान पाएंगे। इसलिए अंतरिक्ष के रहस्य जानने के लिए एस्ट्रोनॉट को अपनी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना पड़ता है और तभी वह हम तक यह जानकारी पहुंचा सकते हैं।
अभी भी आधुनिक विज्ञान के पास अंतरिक्ष के बारे में बहुत कम जानकारी है अंतरिक्ष पर बहुत कुछ असाधारण और आश्चर्यजनक चीजें हैं जिनके बारे हम सब को कुछ ज्यादा पता नहीं हैं।
अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे आप अपने चाहने वालों दोस्तों में जरूर शेयर करें।






एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ