Sawan- सावन में पूजा कैसे करे

2021 सावन आते ही शिव भगवान् के मन्दिरो में भकतो की भीड़ लग जाती है। हमारे शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि भगवान् शिव सावन के महीने में धरती पर विराजमान रहते हैं। इस महीने में पुजा करने से विवाह और संतान प्राप्ति में आने वाली दिक्कतें दूर हो जाती हैं। सावन में शिव पूजा से सभी दुख की समाप्ति होती है। शिव पूजा से⁸ हमारे सारे पाप नष्ट होते है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति मिलती है।


Sawan Month 2021-----
 हिंदी पचांग का पांचवा महीना श्रावण है, जिसे सावन नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में सावन माह को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। सावन माह देवो के देव भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में भगवान शिव की पूजा-अराधना की जाती है। सावन माह के प्रत्येक सोमवार को शिव की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। शिव भक्त पूरी श्रद्धा के साथ इस महीने का इंतजार करते हैं। इस माह के प्रत्येक सोमवार को पूजा करने का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। शिव को प्रसन्न करने के लिए महिलाएं सोलह सोमवार का व्रत पूरी श्रद्धा के साथ रखती हैं। इसी month में शिव भक्त कांवड की यात्रा शुरू करते हैं।

सावन -

सावन के व्रत -
के सोमवार के व्रत करने से आपकी हर मनोकामना पूरी होती है ऐसा माना जाता है लेकिन ये व्रत मीठे ही रखने होते है।

 व्रत कैसे करे-
अगर आप सावन का व्रत कर रहे हैं तो सुबह उठकर स्नान करें और विधि-विधान से पूजा-पाठ करें। धर्म के अनुसार, भगवान शिव की पूजा करते समय हल्दी का उपयोग नहीं करना चाहिए. भगवान शिव की पूजा में भांग, धतूरा, बेलपत्र, सफेद फूल, शहद, फल आदि अर्पित कर सकते हैं.

सावन के महीने में मांस और मदिरा पान के सेवन से बचना चाहिए. अगर आप व्रत कर रहे हैं तो इन चीजों का भूलकर भी सेवन ना करें. ऐसा करने से भगवान शिव नाराज हो सकते हैं.

सावन के महीने में सात्विक भोजन करना चाहिए. इस दौरान मूली, बैंगन, लहसुन, कढ़ी, काली मिर्च और प्‍याज के सेवन से बचना चाहिए.

व्रत या उपवास करने वाले लोगों को काले कपड़े पहनने से बचना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, व्रत में काले कपड़े पहनने से नकारात्मक ऊर्जा आ सकती है.

मान्यताओं के अनुसार, नियमों का पालन करते हुए व्रत करने चाहिए. इस दौरान शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए.

धार्मिक पुराणों के अनुसार, व्रत के दौरान दिन के समय नहीं सोना चाहिए. इसकी जगह आप भगवान शिव के भजन-कीर्तन कर सकते हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को शिवलिंग को छूने की मनाही होती है. ऐसा कहा जाता है कि शिवलिंग को स्पर्श करने से माता पार्वती नाराज हो जाती हैं. इसलिए महिलाओं को शिवलिंग को छूने से बचना चाहिए. इसका मतलब ये नहीं है कि महिलाएं शिवलिंग की पूजा नहीं कर सकती.

सावन के व्रत के दौरान अगर शिव कवच या शिव चालीसा का पाठ कर रहे हैं, तो इसे पढ़ते हुए बीच में किसी दूसरे व्यक्ति से बात न करें. माना जाता है कि ऐसा करने से आपकी पूजा का फल नकारात्मक शक्तियां ले जाती हैं.

सावन माह कब शुरू हो रहा है-

पचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के बाद श्रावण माह की शुरुआत होती है। 24 जुलाई के दिन आषाढ़ माह समाप्त हो रहा है और 25 जुलाई से सावन माह की शुरुआत होगी। श्रावण माह 25 जुलाई से 22 अगस्त तक चलेगा। 

श्रावण माह में पड़ने वाले सोमवार व्रत कि तिथी-------

26 जुलाई को पहला सावन सोमवार व्रत

02 अगस्त को दूसरा सावन सोमवार व्रत

09 अगस्त को तीसरा सावन सोमवार व्रत

16 अगस्त को चौथा सावन सोमवार व्रत

सावन माह का महत्व और पुजा विधि

सावन माह का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस माह में शिव की पूजा से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं। इस माह में सोमवार के व्रत से शीघ्र फल प्राप्त होता है। इस माह में शिव की पूजा से विवाह में आने वाली दिक्कतें दूर हो जाती हैं। सावन में शिव पूजा से सभी तरह के दुख की समाप्ति होती है। शिव पूजा से हमारे समस्त पाप का नाश होता है।
विधि-----
वैसे तो शिव भगवान् एक जल के लोटे से खुश हो जाते है पर हमारे शास्त्रोंके अनुसार भगवान् शिव को धतूरा, भांग, भस्म, दुध, फल फुल और काले तिल बेहद प्यारे है ।अगर आप के पास इनमें से कोई भी सामग्री आप शिव को समर्पित करते हो तो यह पुजा करने के लिए बहुत ही अच्छे उपाय है।

गन्ने का रस ------
गन्ने का रस सावन में शिव पर चढाना अति उत्तम माना गया है, ऐसा माना जाता है कि गन्ने के रस से शिव को स्नान करवाने से हर मनोकामना पूरी होती है। यह उपाय सबसे उत्तम माना गया है सावन के महीने में।
संतान के लिए----
जिन लोगों को संतान प्राप्ति में दिक्कत आ रही हो वह आक के फूल भगवान शिव को 41 दिन तक हर रोज मर्पित करें। इस उपाय से आपको हो जल्दी संतान की प्राप्ति होगी यह सब उपाय शास्त्रों के अनुसार बताए गए हैं।

Disclaimer-----
इस लेख में सारी जानकारी, गणना ज्योतिषियों, पंचांग, धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसे आप एक सूचना और सही मार्गदर्शन का माध्यम समझे।

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