गर्भ धारण कैसे करें | पैरगनैसी के लिए घरेलू उपाय |

Tittle- गर्भ धारण करने के लिए उपाय-
माँ बाप बनने का सपना हर दम्पति का एक सुखद एहसास होता है। यह एक औरत के लिए खुदा का दिया हुआ एक अनमोल तोहफा है। लेकिन कई बार शादी के बाद जब कोई औरत माँ नही बन पाती तो वह निराश हो जाती है। इसलिए आज हम आज कुछ ऐसे उपाय लेकर आये है जिनको हम अपनाकर गर्भ धारण कर सकते है।
 माँ बनने के लिए प्रेगनेंसी की सम्पूर्ण जानकारी होना बहुत आवश्यक है। प्रेग्नेंसी के लिए सबसे पहले आपको अपनी बॉडी के बारे में जानना पड़ेगा और प्रेग्नेंसी के पूरे प्रोसेस को समझना पड़ेगा, तभी आप इसमे सफल होंगे। दरअसल हमारे समाज में प्रेग्नेंसी जैसी बातों पर लोग ज़्यादा बात नहीं करते या इस पर बात करने पर शर्माते है।

 प्रेग्नेंसी जल्दी हो इसके लिए कया किया जाए-

प्रेग्नेंसी का सही समय क्या है ?

लोगो को ऐसे सवालों का जवाब पाने के लिए और ढूंढने के लिए बड़ा स्ट्रगल करना पड़ता है।

आज हम आपको इस विषय में थोड़ा Detail से बताएँगे कि कैसे आप आसानी से गर्भ धारण कर सकते है।


Ovulation Period का पता करें –

प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी बात है – Ovulation time का पता होना।
Ovulation time ऐसा टाइम है जब महिलाओं के अंडाशय(Ovary) से अंडे निकलते हैं और एक मासिक धर्म में एक ही बार ovulation period आता है, और उसी समय आपको अपने पार्ट्नर के साथ physical relation बनाना है।

अपना Ovulation time जानने के लिए आपको अपने पीरियड का टाइम कन्फर्म होना बहुत ज़रूरी है। जब आपका अगला पीरियड आने का टाइम हो उसे just 12 से 16 दिन पहले का टाइम ovulation period होता है।

लेकिन ये तरीका केवल उन लेडीज के लिए जिनकी menstruation cycle यानी मासिक धर्म 30 दिन का है। अगर आपका मासिक धर्म का समय अनियमित है तो आप प्लीज़ किसी अच्छे डॉक्टर से समपर्क करे।

जैसे आपका अगला पीरियड अगर 30 September तो है तो इससे 12 से 14 दिन पहले का टाइम आपका ovulation time है। इन दिनों में बहुत जल्दी गर्भ धारण कर सकते हो।

Physical Relation का सही समय –

अब आपको पता चल गया होगा कि आपके ovary से अंडे कब निकलते हैं तो अब आप इस टाइम मे अपने पार्ट्नर के साथ फिज़िकल रीलेशन बना सकते हैं और आपको बता दें कि ovulation time के शुरुआती 3 दिन सबसे ज़्यादा fertile days होते हैं यानी इन 3 शुरुआती दिनों में गर्भधारण की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।

महिलाओं की ovary से निकलने वाले अंडे केवल 24 घंटे तक ही जिंदा रहते है और पुरुष का स्पर्म फीमेल के अंदर 7 दिन तक जिंदा रह सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप एक दिन छोड़ कर अगले दिन फिज़िकल रीलेशन ज़रूर बनायें यानी 72 घंटे में एक बार फिज़िकल रीलेशन होना ज़रूरी है।

अगर आप रोजाना फिज़िकल होना चाहते है तो ये आप पर डिपेंड है, लेकिन रोजाना फिज़िकल रीलेशन करने ने sperm count कम हो जाता है । जो कि आपकी फर्टिलिटी में प्राब्लम कर सकता है, इसलिए एक दिन छोड़कर ही रीलेशन बनाए।

नोट- फिज़िकल रीलेशन के दौरान आयल या कोई अन्य चिकनाई का use करना भी आपके sperm count को कम कर देता है।

 Pregnancyमै क्या करें और क्या ना करें-

प्रेग्नेंसी के लिए आपकी बॉडी का फिट और स्वस्थ होना बेहद ज़रूरी है ।वरना आपके होने वाले बच्चे पर इसके नेगेटिव effects हो सकते हैं।अगर आप कोई ड्रग्स, नशा या स्मोकिंग करते है तो प्लीज़ ये सबसे दूर रहे। बहुत ज़्यादा कॉफी और चाय पीना भी नुकसान दे सकता है।

थोड़ा exercise करें, मॉर्निंग वॉक करें और अगर हो सके तो मेडिटेशन करने की कोशिश करें।

पुरुषों के लिए स्मोकिंग करना और शराब का सेवन sperm count को बहुत कम कर देता है इसलिए इन चीजों से दूर ही रहें

तम्बाखू, सिगरेट ना पियें

अपने वजन को कंट्रोल रखें, ज्यादा वजन होना भी प्रेग्नेंसी में प्राब्लम करता है।

गर्म पानी से ना नहायें क्यूंकि गर्म पानी आपके शुक्राणुओं को नुकसान देता है।

जयादा टाईट अंडर गारमैनटस ना पहने कयोंकि ऐसे कपड़े पहनने से सपर्म काउंट पर बुरा असर पड़ता है।

Pregnancy के लिए सही Age –

अगर आपकी उम्र 40 से ज़्यादा है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर आपकी उम्र 35 – 40 है तो आप प्रेग्नेंसी के लिए ट्राइ कर सकते हैं और अगर 6 महीने तक सक्सेस नही हुए तो किसी एक्सपर्ट से चेकप कराए या advice लें। अगर आपकी उम्र 35 से कम है तो आपको प्रेग्नेंसी के लिए कोई प्राब्लम नही होनी चाहिए। आप आसानी से प्रेग्नेन्सी मे सफल हो सकते हैं।

अगर आप 1 साल से ज़्यादा से ट्राइ कर रहे हैं लेकिन आप सक्सेस नही हो पा रहे तो प्लीज़ आप डॉक्टर से जरूर बात करिए क्यूंकी ये फर्टिलिटी प्राब्लम भी हो सकती है।

Pregnancy Ke Lakshan प्रेग्नेंसी के लक्षण –

क्या आप प्रेग्नेंट हैं? बहुत सारी महिलाओं को प्रेग्नेंसी के लक्षण पता नहीं होते और उनको 6 से 8 सप्ताह बाद अपनी प्रेग्नेंसी का पता चलता है।

अगर पहले सप्ताह में ही आपको प्रेग्नेंसी का पता चल जाए तो आप ज़्यादा अच्छे से खुद की देखभाल कर सकती हैं और ऐसा करना आप और आपके बच्चे की सेहत के लिए काफ़ी पॉज़िटिव होगा।

आइये जानते हैं क्या हैं प्रेग्नेन्सी के शुरुआती लक्षण-

खाना अच्छा ना लगना –

अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो आपको चाय और कॉफी से अजीब सी गंध आने लगती है। यहाँ तक की कुछ महिलाओं को फेवरेट खाना भी बुरा लगने लगता है। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो प्लीज़ आप डॉक्टर से चेकअप कराइये क्यूंकि ये प्रेग्नेंसी की शुरुआत का लक्षण है।

मूड में बदलाव आना –

प्रेग्नेंसी के दौरान बॉडी मे हॉर्मोनल चेंजस होते हैं, इस वजह से कुछ महिलायें प्रेग्नेंसी में काफ़ी इमोशनल फील करने लगती हैं, ये इमोशन पॉज़िटिव भी हो सकते हैं और नेगेटिव भी, कई बार होपलेस और डिप्रेशन जैसी फीलिंग आने लगती है और बॉडी मे थकान रहती है. आप डॉक्टर से सलाह लें।

पेट पे सूजन आना –

कई बार पेट और breast मे दर्द और सूजन जैसी आ जाती है कुछ दर्द भी महसूस होता है। कुछ महिलाओं को ऐसे दर्द फील होता है जैसे जस्ट पीरियड होने से पहले होता है।

बार बार पेशाब आना –

बॉडी मे हॉर्मोनल चेंज की वजह से आपका ब्लड फ्लो बढ़ जाता है और किड्नी में ब्लड फ्लो हाइ होने से ब्लॅडर जल्दी भरने लगते हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी में बार बार टॉयलेट जाना पड़ता है।

थकान होना –

क्या आपको अचानक ही बहुत थकान सी फील होने लगी है ? ये प्रेग्नेंसी के शुरूआती लक्षण हैं| हमेशा बॉडी मे कमजोरी सी रहती है और नींद जैसी आती रहती है| सुबह फीवर जैसा महसूस होता है तो आपको प्रेग्नेन्सी टेस्ट के लिए डॉक्टर के पास ज़रूर जाना चाहिए।

जी मिचलाना –
कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी में जी मिचलाना की शिकायत होती है। बॉडी में कमजोरी सी महसूस होती है और मिचली आने को होती है।कई बार उल्टिया भी होती हैं और कई बार जी मिचलता है और उल्टियां नही होती हैं।

पीरियड टाइम पर ना आना –

अगर आपको अपने period cycle का टाइम याद है और आपका पीरियड टाइम पे इस बार नही आया है तो ये प्रेग्नेन्सी का लक्षण हो सकता है।
गर्भ धारण की सही जानकारी का पता लगाने के लिए बाजार में आजकल बहुत छोटी सी किट बहुत आसानी से मिल जाती है। उससे आप घर बैठे प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकते हो ,और अगर आप की प्रेगनेंसी पोसजटीव आ रही है तो इसके लिए सबसे पहले अपने डॉक्टर से जाकर मिले क्योंकि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवाई ना खाये। यह बच्चे पर कुछ भी बुरा इफेक्ट डाल सकते हैं इसलिए जो भी खाएं प्रेग्नेंट होने पर डॉक्टर की सलाह से ही खाएं।


प्रेग्नेंसी में क्या खाये और क्या ना खायें---

प्रेग्नेन्सी में माँ और बच्चे की सेहत का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। प्रेग्नेन्सी में महिलाओं की बॉडी में काफ़ी चेंजस आते हैं और कई बार सही जानकारी ना होने के अभाव में प्रेग्नेन्सी काफ़ी मुश्किल हो जाती है।

इस प्रॉब्लम्स से बचने के लिए हम आपके साथ कुछ बाते शेयर कर रहे हैं जिनसे पता चलता है कि प्रेग्नेंट महिला को क्या क्या करना चाहिए और क्या क्या नहीं –

1. रेगुलर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें –

आप अपने किसी नज़दीकी स्पेशलिस्ट डॉक्टर से time to time चेकअप कराते रहें। अगर कोई प्राब्लम है तो वो जल्दी ही पता लग जाती है और आसानी से ठीक भी हो जाती है इसलिए रेगुलर चेकअप बेहद ज़रूरी है।

2. Prenatal Vitamins का सेवन करें

माँ और बच्चे के सही पोषण के लिए आपकी बॉडी को Prenatal Vitamins की बहुत ज़रूरत है। इन विटमिन्स को आप डॉक्टर से चेकप करा कर ही लें। Vitamins लेने से मदर और बच्चा दोनों की सेहत अच्छी होगी।

3. प्रोटीन खायें –

प्रेग्नेंट महिला को रोजाना 75 ग्राम प्रोटीन की ज़रूरत होती है लेकिन कई बार 100 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन भी चल जाता है।प्रोटीन खाने से बच्चे का माइंड डेवेलप होता है।

4. योगा और एक्सरसाइज करें –

सबसे पहले तो आप अपने खाने पीने का शेड्यूल बनाए और उसका सही से पालन करें। अनियमित खाना भी आपको नुकसान पहुँचा सकता है। इसके बाद आप हल्की एक्सरसाइज भी करे और योगा करें। योगा करने के लिए आप किसी एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं।

5. वसा का सेवन करें –

नॉर्मली हम लोग ज़्यादा फैट खाने से बचते हैं क्यूंकी इससे शरीर का मोटापा बढ़ता है लेकिन प्रेग्नेन्सी में आपको फैट उचित मात्रा में खाना चाहिए, फैट आपकी बॉडी को stretchable बनाता है।


6. Be Positive and Think Good –

कहते हैं बच्चा माँ के पेट में ही बहुत कुछ सीखता है। प्रेग्नेन्सी के दौरान आप पॉज़िटिव रहें, अच्छी किताबें पड़े, अच्छी मूवी देखें क्यूंकि आपके विचारों का सीधा प्रभाव आपके बच्चे पर पड़ता है।

7. लम्बी यात्रा से बचें –

थोड़ी वॉकिंग अच्छी है लेकिन प्रेग्नेन्सी में ज़्यादा यात्रा करना अच्छा नहीं है। कोशिश कीजिए कम से कम ट्रेवल किया जाए और अगर बस में ट्रेवल कर रही हैं तो सीट पर बैठकर ही ट्रेवल करें।

क्या ना करे---

1. धूम्रपान ना करें –

प्रेग्नेन्सी के दौरान स्मोकिंग ना करें। स्मोकिंग से बच्चे की हेल्थ में प्रॉब्लम्स हो सकती है। बच्चे का वजन कम होना या समय से पहले प्रसव होना, ये सब स्मोकिंग के ही दिक्कतें हैं. प्रेग्नेंट महिला को तो स्मोकिंग करने वाले लोगों से भी दूर रहना चाहिए क्यूंकि उनके स्मोकिंग का धुआँ भी आपको नुकसान कर सकता है।

2. शराब का सेवन ना करें –

शराब पीने से आपके होने वाले बच्चे में काफ़ी कमियां आ सकती हैं। बच्चों में विकलांगता इसी का उदाहरण है।आपको अपने बच्चे की हेल्थ का पूरा ध्यान रखना है तो ड्रिंक ना करें।

3. कॉफी ज़्यादा ना लें –

अगर आप ज़्यादा टी और कॉफी पीने की शौकीन हैं तो आपको अपनी इस आदत को प्रेग्नेन्सी मे छोड़ना होगा क्यूंकि ज़्यादा चाय और कॉफी पीने से बच्चे को डाइयबिटीज होने का खतरा रहता है।

4. X-Ray ना करायें –

X-Ray के दौरान निकलने वाली किरणें बॉडी के आर – पार जाती हैं ये किरणें ह्यूमन बॉडी के लिए बहुत नुकसानदायक होती हैं जो आपकी बॉडी सेल को डैमेज भी कर सकती हैं। प्रेग्नेन्सी के दौरान X-Ray ना कराएं।

5. जंक फ़ूड ना खायें –

प्रेग्नेन्सी में जंक फुड खाने से बचें, ये सब फ़ूड एनर्जी नहीं देते बल्कि वेट बड़ा देते हैं। प्रेग्नेन्सी में महिलाओं का पहले से ही वजन बढ़ जाता है तो जंक फ़ूड खाने से आपकी बॉडी का साइज़ बिगड़ सकता है इसलिए जंक फ़ूड से दूर रहें।

6 .प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में मिट्टी खाने की ललक उठती है कई औरतें इस समय मिट्टी खाने के लिए इच्छुक हो जाती हैं, पर ऐसा होने पर आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें भूलकर भी मिट्टी ना खाएं। मिट्टी खाने से बच्चे की ग्रोथ पर बहुत बुरा असर पड़ता है। अगर आपके साथ ऐसी समस्या हो तो इसके लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

7.गर्भधारण करने के बाद 4 महीने तक भूलकर भी आनानास और पपीते का सेवन ना करें ,क्योंकि इन दोनों के सेवन से हमें गर्भ गिरने का डर रहता है। इसलिए भुलकर भी इन दोनों फलो का इन सेवन ना करें।

पेरगनैंसी होने के बाद बिना डॉक्टर की सलाह कोई भी पेट साफ करने की दवाई ना खाएं अगर आपको कब्ज की शिकायत रहती हैं तो इसके लिए पहले डॉक्टर से सलाह करें तभी कोई पेट साफ करने की दवाई खाएं ।

प्लीज इस लेख को आप अपनी social media per जरूर शेयर करे । 

Disclaimer: -All information and articles available on this site are for educational purposes only. The information given here should not be used for diagnosis or treatment of any health related problem or disease without expert advice. A qualified physician should always be consulted for medical examination and treatment.


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ