मासिक धर्म में बाल कब धोये | मासिक धर्म मिथ || मासिक धर्म में सावधानियां ||


 Tittle-मासिक धर्म में  बाल धोने का धार्मिक और वैज्ञानिक कारण-
महिलाओं के लिए मासिक धर्म आना एक नोरमल बात है यह यह प्रक्रिया महिलाओं में महीने में 30 या 28 दिन के बाद होती हैं महिलाओं के लिए एक आवश्यक चक्र माना जाता है इससे जुड़ी कुछ भी बातें नित है और कुछ का वैज्ञानिक आधार है बचपन से ही हमने अपनी दादी नानी को यह कहते सुना है कि पीरियड्स के दौरान मंदिर में प्रवेश ना करना अचार को ना छूना और बालों को ना दो ना निषेध माना जाता था बलिया बात सुनने में थोड़ी अटपटी लगती हो पर शास्त्रों में ऐसी बातें बताई गई हैं कि पीरियड्स के दौरान बाल धोने और नाथ होने के क्या कारण हैं आइए जानते हैं थोड़ा सा इसके बारे में विस्तार से वैज्ञानिक और धार्मिक कारण क्या कहते हैं बाल धोने के बारे में

असल सच्चाई तो है शास्त्रों में लिखी गई जीवन के प्रति कुछ भी जो बातें लिखी होती है उनको कुछ ना कुछ वैज्ञानिक कारण अवश्य होता है सिर्फ उसको धर्म के साथ जोड़कर बयान किया जाता है यही कारण है कि पीरियड्स के दौरान बाल नहीं धोने चाहिए की पिक्चर वैज्ञानिक और पवित्रता दोनों ही कारण माने जाते हैं क्योंकि इस समय औरत का शरीर पूरी तरह से शुद्ध हो जाता है जिसको बाल धोने के बाद ही शुद्ध किया जा सकता है।


मासिक धर्म के समय महिलाओं को बाल क्यो नही धोने चाहिए वैज्ञानिक और धार्मिक कारण-
मासिक धर्म (पीरियड्स) के समय महिलाओं को बाल नहीं धोने की परंपरा कुछ वैज्ञानिक और धार्मिक कारणों से जुड़ी हुई है। 

 मासिक धर्म के वैज्ञानिक कारण----
• रोग और संक्रमण: मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, जिसके कारण वे संक्रमण के बढ़ते खतरे से जूझ सकती हैं। बालों को धोने के दौरान भी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। हमारेे धर्म हमारे धर्म शास्त्रों में कही गई बातों और नियम का संबंध विज्ञान से भी जुड़ा होता है । अगर हम इस बात को विज्ञान के नजरिए से देखेंं तो महामारी केेेेेे कारण बाल ना धोने का यह माना जाता हैैैैैैै। एक शोध के अनुसार पता लगाया कि  इस दौरान शरीर का तापमान कम हो जाता है और पिरिडयस  खुलकर नहीं हो पाते जिससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। यदि सही तरीके से ब्लीडिंग नहींं होगी पेट संबंधी संक्रमण आदि समस्याएं हो सकती हैंं। शरीर के अंदर गाँठ  तक बन जाती हैं जिससे कैंसर तक का खतरा बढ़ जाता  है । कभी-कभी तो डीएनसी तक की नौबत आ जाती हैै। तभी  इन दिनों में सिर धोने के लिए मना किया मना किया जााता है।

• रक्तस्राव : -----
मासिक धर्म के समय शरीर का रक्तस्राव अधिक होता है और विशेष रक्त लौह तत्व (हीमोग्लोबिन) की कमी होती है। इससे बालों को धोने के दौरान कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।

मानसिक तनाव से कैसे दूरी बनाए  ----
मासिक धर्म के समय महिलाओं के मन में तनाव और चिंता की स्तिथि होती है, जिसके कारण संतुलित मानसिक रख रखाव बहुत ज़रूरी होता है। इसलिए, इस दौरान बालों को धोने से मानसिक तनाव कम हो सकता है।

रंग और सुन्दरता में कमी ---
बालों को धोने के लिए शैम्पू और साबुन का उपयोग करना आम होता है। ये उत्पाद बालों का प्राकृतिक तेल हटा देते हैं, जो उन्हें स्वस्थ और चमकदार रखता है। मासिक धर्म के समय बालों को धोने से ये प्राकृतिक तेल नष्ट हो सकता है और बाल बेज़ान दिखने लग सकते हैं।

  मासिक धर्म  मे 
साफ़ाई कैसे करे--- 

 मासिक धर्म के समय महिलाओं के रक्तस्राव के कारण उन्हें अधिक बार नहाने की ज़रूरत होती है। इसलिए बालों को धोने का अधिक बार नाहने के साथ मिलाने से अनुकरणीय साफ़ाई की समस्या हो सकती है।

धार्मिक कारण------ 
• धर्म और परंपरा: कई धार्मिक परंपराओं में मासिक धर्म को शुभ और पवित्र माना जाता है, लेकिन इस दौरान शुद्धता  और पवित्रता के संकेत के रूप में बालों को नहाने से इन्कार किया जाता है।

• पूजा और अवधारणाएं:----
कुछ धार्मिक प्रथाओं में महिलाओं को मासिक धर्म के समय पूजा, व्रत या अवधारणाओं में शामिल होने से रोका जाता है। इसलिए इस समय बालों को धोने से इन्कार किया जाता है।

• आचरण और नियम:------
 कुछ धार्मिक संस्कृति में मासिक धर्म के समय महिलाओं को बालों को धोने या स्पर्श करने से बचने के नियम और आचरण होते हैं। ये नियम समाज में स्थापित किए गए हैं और महिलाओं के लिए यह मान्यता रखते हैं।

• शरीरिक आराम:-
 मासिक धर्म के समय महिलाओं को शरीरिक आराम की ज़रूरत होती है। बालों को धोने में जुटने से शरीरिक आराम को प्रभावित किया जा सकता है, इसलिए इसे नहीं किया जाता है।

• संयम और नियमितता:-
 मासिक धर्म के समय बालों को नहाने से बचने का एक और कारण संयम और नियमितता को बढ़ावा देना है। यह धार्मिक अभ्यास का हिस्सा हो सकता है और महिलाओं को अपनी शक्ति और सामर्थ्य को संयंत्रित करने में मदद कर सकता है।

निष्कर्ष -
अंत में हम इस लेख  के माध्यम से आपको यही समझाना चाहेंगे कि अगर कुछ बातें धर्म के साथ जोड़कर बताई जाती हैं उनके अवश्य ही वैज्ञानिक कारण भी होते हैं।  यहा हम इस बात को  भुला नहीं सकते कि जब महिलाओं को महामारी के दिन आते हैं उसमें शरीर का तापमान बढ़ जाता है और एकदम अचानक ठंडे पानी नहाने से हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। अगर आपको इन दिनों में सिर धोना बहुत जरूरी हो  तो हल्का गुनगुने पानी का ही यूज़ करें। ठंडे पानी से बिल्कुल भी नाहाये नहीं तो इसका शरीर पर बुरा असर पड़ता ही है इसमें किसी भी प्रकार का शंका  नहीं है।  शरीर की शुद्धता के लिए कई बार मजबूरी वश औरतों को सिर धोना भी पड़ सकता है तो इसलिए इस बात को बहुत ज्यादा गंभीरता से ना लें। अगर आपको  बाल धोने की जरूरत है तो आप गर्म पानी से धो सकते हैं।
Disclaimer- इस लेख के माध्यम इस लेख के माध्यम से यह सिर्फ सूचना और जानकारियोंं वैज्ञानिक और धार्मिक कारणों से बताई गई है . इसमें हमारा खुद का कोई योगदान नहीं है.

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