इस्बगोल खाने के फायदे || वजन और कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए इसबगोल का सेवन कैसे करें ||

Tittle- इस्बगोल खाने के स्वास्थय लाभ-हमारे आसपास कुछ ऐसे औषधीय पौधे होते हैं जो बहुत ही गुणकारी होते है। इन्हीं में से एक है इसबगोल जिसे हम इंग्लिश में psyllium husk भी कहते हैं। बहुत ही कम लोग इसबगोल के बारे में जानते होंगे, लेकिन यह आयुर्वेद की एक गुणकारी पौधा माना जाता है। इसके खाने के बहुत सारे लाभ और स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियों को दूर करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। यह खास तौर पर पेट के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है आइए जानते हैं पेट के लिए इसबगोल खाने के क्या-क्या फायदे हो सकते है ।


इसबगोल क्या है---इसबगोल का पौधा एक झाड़ी की तरह दिखने वाला पौधा होता है जो कुछ-कुछ गेहूं के पौधे की तरह दिखाई देता है इसका वैज्ञानिक नाम plantago ovata है इसकी बलिया गेहूं की बालियां जैसी ही दिखाई देती हैं । इसके बीजो के ऊपर  सफेद रगं की भूसी होती है। जिसे हम इसबगोल कहते हैं । यह स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के लिए दूध के दही के साथ लेने से हमारे पेट संबंधी समस्याओं को दूर कर सकते हैं। इसबगोल की भूसी और फूलों का उपयोग किया जाता है।  आइए जानते हैं इसके  खाने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। 

*इसबगोल को कितना खाएं-

 सबसे पहले तो यह जानना बहुत जरूरी है कि इसबगोल को दिन में कितना खाना चाहिए। इसबगोल की 1 दिन में 5 से 10 ग्राम यानी एक या डेढ़ चम्मच की मात्रा का सेवन किया जा सकता है। यह मात्रा व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य के हिसाब से कम या अधिक भी हो सकती है ।इसलिए इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर के अवश्य सलाह ले।

*इसबगोल को खाने का तरीका-

यह है कि आप इसे पानी के साथ ले लें। एक चम्मच इसबगोल को एक ग्लास ठंडे पानी में घुलाकर उसे तुरंत पी लें। इसे रात को सोने से पहले या सुबह उठकर खाने से पहले लेना फायदेमंद होता है। यदि आप इसे नहीं पी सकते हैं, तो इसे दूध, फल जूस, दही या खिचड़ी के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं।

* इसबगोल का सेवन करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें-

• इसबगोल को ज्यादा मात्रा में न खाएं, अन्यथा दस्त और उलटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर, एक दिन में 1-2 बड़े चम्मच की मात्रा काफी होती है।

 इसे बिना पानी के न खाएं, क्योंकि वह जेली जैसी बन जाता है और फायदे के स्थान पर नुकसान कर सकता है।

• इसे कई घंटों तक भिगोकर रखने के बाद खाना चाहिए, इससे यह ज्यादा लाभदायक  होता है।



*कब्ज को ठीक करता है-कबज से राहत दिलाने के लिए इसबगोल बहुत ही लाभदायक माना जाता है क्योंकि इस गोल में लैक्सेटीव  प्रभाव होता है, जो हमारे मन की निकासी की प्रक्रिया को आसान और पतला करके मल  को बाहर निकालने में मदद करता है। क्योंकि कबज होने की वजह से कम फाइबर वाला भोजन आहार एक मुख्य कारण माना जाता है और इसबगोल में बहुत ज्यादा फाइबर पाया जाता है।


*पाचन शक्ति को दुरुस्त  करता है-

 इसबगोल सवासथय के लिए पाचन दायक माना जाता है और  इससे और मददगार साबित हो सकते हैं ।इसमें लैक्सटीव के प्रभाव होने के कारण व पाचन  को अच्छी तरह से काम करने में मदद करता है। उसके साथ इस्बगोल आयुर्वेद  में आंतो  के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है क्योंकि यह आंतो की गहराई से सफाई करते हमारे पाचन तंत्र को और मजबूत बनाता है।

*कोलेस्ट्रॉल और वजन घटाने के लिए-इसबगोल औषधि को वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए बहुत ही 1 घरेलू औषधि माना जाता है क्योंकि इसमें फाइबर बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसी कारण फाइबर युक्त आहार का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है जिसके अतिरिक्त भोजन करने की इच्छा कम होती है और इस प्रकार यह वजन को नियंत्रित करने में काम कर सकते हैं। इसबगोल में फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण यह हमारे खून में बढ़े हुए केलोस्ट्रोल की मात्रा को कम करने में भी बहुत मददगार साबित होता है। जिन लोगों को कोलेस्ट्रोल बढ रहा है तो वह इसको प्रतिदिन दूध के साथ एक-एक चम्मच सुबह-शाम सेवन करें अगर हो सके तो खाली पेट सेवन करने से ज्यादा लाभदायक माना जाता है।


 डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करता है- इसबगोल के उपयोग से खाली पेट शुगर के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है।

*बावासिर की  समस्या को ठीक करने के लिए-

बवासीर होने पर पीड़ित व्यक्ति को मल त्याग करते समय खून आने के साथ दर्द भी होने लगता है। अगर आप भी समस्या से जूझ रहे हैं तो और आपको इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो ऐसे में इसबगोल की भूसी बहुत ही लाभदायक हो सकती है आपके लिए। एक रिसर्च के अनुसार इस्बगोल की भूसी का सेवन करने से इसमें मौजूद फाइबर बवासीर के दौरान होने वाले रक्तस्रव  को कम कर सकता है।

बैक्टीरियल इन्फेक्शन को रोकने में सहायक-

 इसबगोल के उपयोग से बैक्टीरियल इन्फेक्शन को रोकने में मदद मिल सकती है।

आंत विकारो के लिए उपयुक्त-

 यह आंत् विकार (बाउल सिंड्रोम) के उपचार के लिए उपयुक्त हो सकता है।

एलर्जी और एस्थमा को कम करने में सहायक- इसबगोल के सेवन से एलर्जी और एस्थमा के लक्षण कम हो सकते हैं

*डायरिया के लिए-

ईसबगोल की भूसी को डायरिया या दस्त को रोकने के लिए भी लाभदायक माना जाता है अधिकांश डॉक्टर  इसबगोल खाने की सलाह देते हैं। अगर आप को दस्त लगने की समस्या हो रही है तो इस समय इसबगोल को दही के साथ लेना की सलाह दी जाती है।


कब्ज के लिए-

कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए इसबगोल को हमेशा त्रिफला पाउडर और इसबगोल की भूसी को मिलाकर दोनों को गर्म पानी और दूध के साथ सेवन करें।

 अगर आप को दस्त लगने की समस्या है तो इस समय इसबगोल की भूसी को दही  के साथ लेने से इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और बाद में आप ठंडा पानी पी सकते हैं,  और पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए एक गिलास गर्म पानी में इसबगोल की भूसी मिलाएं और रात को खाना खाने के बाद इसका सेवन करें तब यह आपके लिए ज्यादा लाभदायक सिद्ध होगी।

निष्कर्ष- इसबगोल को एक आयुर्वेदिक औषधि माना जाता है इसे खाने के बहुत सारे फायदे हैं इसको जरूरत से ज्यादा खाने को नुकसान भी हो सकते हैं इसलिए जब भी आप ही किसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं इसको खाने से पहले एक बार अपने नजदीकी डॉक्टर की सलाह अवश्य करें।





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