हैवी पिरिडयस को कैसे ठीक करें | अधिक रक्तस्राव के लिए घरेलू उपाय | home remedies for heavy periods in hindi |

Tittle- जरूरत से जयादा जब पीरीयडस मे अधिक रक्तस्राव हो तो उपचार कैसे करें-हर महीने महिलाओं को पीरियड्स होना प्राकृतिक की बनाई हुई एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका सामना हर औरत को जवानी की दहेज पर पैर रखते ही करना पड़ता है और लगभग 45 से 50 साल तक यह प्रक्रिया चलती रहती है । लेकिन यदि खुन का बहाव भारी होने लगे तो तनाव होना स्वाभाविक है । कई बार लड़कियों को इतना ज्यादा रक्तस्राव होता है कि एक दिन में कई बार पैड बदलने की नौबत आ जाती है । यही नहीं  शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा भी कम हो सकती है । मासिक धर्म के समय अगर कुछ भी बदलाव सामने आते हैं तो ये शरीर से जुड़ी समस्याओं के संकेत भी हो सकते हैं । इन संकेतों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है । आइए जानते है आखिर इसका कारण क्या हो सकता है और इस समस्या से आप कैसे निजात पा सकती हैं । साथ ही उन कारणो पर भी प्रकाश डालेंगे जिनके चलते स्त्रियों को मासिक धर्म के दौरान असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है ।


 ● क्या हैं कारण ?

 मासिक धर्म में भारी रक्तस्राव ( ब्लीडिंग ) के सामान्य कारण हॉर्मोनल असंतुलन , फायब्रॉएड ( गर्भाशय में गठान ) , एडिनोमायोसिस ( गर्भाशय की आंतरिक परत बनाने वाले एन्डोमेट्रियल ऊतक में असामान्य बढ़ोतरी होती है और वह गर्भाशय के बाहर अन्य अंगों में फैलने लगता है ) , एंडोमीट्रियोसिस यानी ' माहवारी के दौरान निकलने वाला रक्त बाहर आने के बजाय अंदर की ओर जाने लगता है , गर्भाशय के पॉलिप , बच्चेदानी के अस्तर का मोटा होना या अतिवृद्धि ( एंडोमेट्रियल हायपरप्लासिया ) , यहां तक कि कुछ मामलों में कैंसर भी हो सकता है । इसके अलावा पीसीओडी व थायरॉइड की बीमारी के कारण भी आपको भारी रक्तस्राव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है । सही निदान है पहला क़दम अधिक रक्तस्राव के कारण का निदान जरूरी है । इसके  लिए क्लीनिकल टेस्टिंग , पैल्विक सोनोग्राफी , ब्लड टेस्ट , हॉर्मोनल प्रोफ़ाइल , कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट जैसे पैप स्मीयर ( सर्वाइकल कैंसर की जांच ) आदि किए जा सकते हैं । 


कैसे करें इलाज ?

 यह उपचार अत्यधिक रक्तस्राव के कारण पर निर्भर है । उपचार मासिक धर्म के दौरान 3-5 दिनों की ओरल पिल्स ( गोलियों ) या कुछ महीने हॉर्मोन की गोलियों के रूप में हो सकता है । यह सब पहले आप अपने नजदीकी डॉक्टर से मिले तभी इन दवाइयां को शुरू करें । इस लेख के माध्यम से पढ़कर आप कोई भी दवाई शुरू  ना करें इसके लिए अपने डॉक्टर को मिलना बहुत जरूरी है। यदि कोई समस्या गंभीर  है जिसके लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है।  आजकल लगभग सभी प्रक्रियाएं की - होल या एंडोस्कोपिक सर्जरी द्वारा की जा सकती हैं ।


 ●  निजात हेतु अपनाएं ये घेरेलू नुस्खे-

आयरन से युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में  शामिल करे,  हरी पत्तेदार सब्जियां , बीन्स , फलियां , खुबानी और किशमिश खाएं । इसी के साथ चाय और कॉफी का अधिक सेवन करने से परहेज करें । 

 नियमित रूप से अपने शरीर के वजन को व्यायाम करें संतुलित रखने की कोशिश करें। 

इसके लिए सही डाइट लें और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों में भाग लें ।


घेरेलू औषधि का प्रयोग कैसे करें-

 इन हर्ब्स का करें इस्तेमाल अशोक , अश्वगंधा , बरबरी , रोजमेरी और ग्रीन - टी जैसी जड़ी - बूटियों का इस्तेमाल आपको इस समस्या से बाहर आने में मदद करेगा ।

● सौफं - को पीसकर आप उसका पाउडर बना ले और इसे पानी के साथ लगभग 5 मिनट तक उबालकर ठंडा कर लें और फिर इसे छान कर हल्के गुनगुने पानी को पी जाएं । यह भी हेवी पीरियड्स के लिए एक घरेलू उपाय बहुत कारगर माना जाता है।



विटामिन सी- से भरपूर सामग्री खाएं क्योंकि विटामिन सी शरीर में आयरन को रोकने में मदद करता है। इसके लिए आप नींबू,  संतरा और खट्टे फल जैसे अंगूर, दही आदि का सेवन कर सकते हैं। जिसमें हम किवि, ब्रोकली और टमाटर और स्ट्रॉबेरी को भी शामिल कर सकते हैं। क्योंकि इन सब चीजों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है और अगर हो सके एक समय का खाना लोहे के बर्तन में पका कर खाएं ताकि आपको आयरन के प्रचुर मात्रा शरीर के अंदर पहुंच सके।

साबुत धनिया-धनिया भी इस समस्या को दूर करने के लिए बहुत ही कारगर माना जाता है। अगर आप हेवी पीरियड्स  से परेशान हैं तो इसके लिए आप आधा लीटर पानी में लगभग 6 ग्राम धनिया के बीज डालकर उबाल लें और फिर इसमें थोड़ी से शक्कर मिलाकर इस काढे का सेवन करें यह भी हेवी बलीडिगं  को रोकने के लिए घरेलू उपाय में से एक है। 


अत्यधिक रक्तस्राव के अलावा पेट के निचले हिस्से में असहनीय दर्द ( डिसमेनोरिया ) का महसूस होना भी सामान्य नहीं । लगभग 10 फीसदी महिलाएं इस परेशानी से गुजरती हैं । इनमें से एक - तिहाई महिलाओं को गर्भधारण में परेशानी होती है । एंडोमीट्रिओसिस के दौरान , गर्भाशय की अंदरूनी परत गर्भाशय के बाहर तक बढ़ जाती है ।

 इससे बांझपन का भी खतरा रहता है । 

 पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिसीज़ यह महिलाओं के जननांगों में होने वाला एक प्रकार का इंफेक्शन है । इस बीमारी के कुछ अधिक लक्षण नहीं होते , लेकिन अगर पीरियड्स काफ़ी दिनों तक होते हैं या समय से पहले पीरियड्स होते हैं । तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलने की जरूरत है ।

 ऐसे मामलों में , पीरियड्स के पहले 2 दिनों के दौरान दर्द निवारक लेना सुरक्षित होता है । हालांकि जहां तक संभव हो , आइबुप्रोफेन जैसे दर्द निवारक कम से कम ही लें । इसके अलावा हीटिंग पैड्स का उपयोग , एक्यूप्रेशर , स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम इस अवांछित दर्द से बचाने में मदद करेंगे ।

 अगर आप अधिक रक्तस्राव या डिसमेनोरिया ( मॅस्ट्रुअल क्रैम्प्स ) से परेशान हैं , तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें ।

Disclaimer- यह सब जानकारी केवल आपको सामान्य जानकारी प्रदान की गई है। इसमें हमारा खुद का कोई या किसी चिकित्सक का योगदान नहीं है ।अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने नजदीकी डॉक्टर से मिले।

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