बालों के लिए घरेलू शैम्पू कैसे बनायें | बालों के घेरेलू उपाय | how to make homemade shampoo |

Tittle- बालों को लंबे काले घने बनाने के लिए कुछ घरेलू शैम्पू कैसे बनायें - काले, घने ,  लम्बे और मुलायम  बाल हर किसी को पसंद होते हैं खासकर महिलाओं के लिए सुंदर बाल उनकी सुंदरता में और चार चांद लगा देते हैं। बालों को सुंदर बनाने के लिए जरूरी नहीं है कि आप बहरी प्रोडक्ट इस्तेमाल करें । हमारे घर में भी बहुत सारी ऐसी घरेलू सामग्रियां पाई जाती हैं जिनको अपना कर हम अपने बालों को सुंदर, काले और घने बना सकते हैं ।

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको कुछ ऐसे घरेलू शैंपू और उपाय बताने की कोशिश करेंगे जिनको आप घर बैठे बना सकते हैं।


बांलो को मजबुत और चमकदार बनाने के लिए हम महंगे शैम्पू का युज  करते हैं, पर अफसोस , आजकल ज्यादातर सैम्पू केमिकल्स से भरपूर होते हैं । इन रासायनिक हेयर केयर उत्पादनों के इस्तेमाल से त्वचा को प्राकृतिक नमी नहीं मिल पाती और रूसी बाल झडने आदि की समस्याएं हो जाती हैं । खुशबूदार शैम्पू बडे चाव  से खरीदे जाते हैं , पर इनमें कृत्रिम सुगंध से सिर दर्द और त्वचा पर फोड़े - फुंसी और खुजली की समस्या हो जाती है ।

  •  शैम्पू में मौजूद हानिकारक रसायनों के प्रभाव कुछ इस प्रकार हैं- 

  • 1. सरफेक्टेंट सैम्पू को बनाने में विशेषतः सरफेक्टेंट का इस्तेमाल होता है । शैम्पू में झाग मुख्यतः इसी घटक से देखने को मिलता है । इसके लिए सोडियम लॉरिल सल्फेट , सोडियम लॉरथ सल्फेट और अमोनियम लॉरथ सल्फेट आदि तत्त्वों का प्रयोग किया जाता है । इन रसायनों से आँखों और लिवर के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है । यदि अनजाने में यह शैम्पू पेट में चला जाए , तो दस्त और आँतों की समस्या हो सकती है । त्वचा के संपर्क में अधिक देर तक रहने पर इनका दुष्प्रभाव खुजली , खुश्की व बालों के झड़ने के रूप में उभरता है ।

  •  2पैराबेन- शैम्पू  उत्पादक कंपनियों द्वारा शैम्पू को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए पैराबेन नामक रसायन का प्रयोग किया जाता है । शैम्पू में कई तरह के पैराबेन जैस ब्यूटाइल पैराबेन प्रोपाइल पैरावेन , आइसोल्यूटाइल पैराबेन , मिथाइल पैराबेन आदि का उपयोग चर्चित है । यह रसायन कैंसर , मुख्यतः स्तन कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है । इसका त्वचा और खोपड़ी ( scalp ) पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है । इसका प्रयोग युवतियों में हॉर्मोनल असंतुलन पैदा करता है ।

  •  3. सिलिकॉन-  बालों को चमकदार बनाने के लिए शैंपू में सिलिकॉन का प्रयोग किया जाता है । इसकी मोटी परत बालों तक पोषक तत्त्वों को पहुँचने नहीं देती । रसायन युक्त शैम्पू के दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्राकृतिक शैम्पू का इस्तेमाल कर बालों के स्वास्थ्य और सुन्दरता को बरकरार रखा जा सकता है । 


  • आइए जानते हैं , हर्बल शैम्पू बनाने की सरल विधियाँ- रीठा - आँवला - शिकाकाई शैम्पू प्राचीन समय से बालों को धोने के लिए रीठा , शिकाकाई , गुड़हल के फूल आदि का इस्तेमाल किया जाता रहा है । ऐसा माना जाता है कि भारत का सबसे पहला शैम्पू रीठा , आँवला और अन्य जड़ी को एक - साथ उबालकर बनाया गया था । रीठा पल्प एक कुदरती सरफेक्टेंट है , जो बालों को चमकदार स्वच्छ और मुलायम बनाने में मददगार साबित होता है । इसकी प्रकृति एंटी बैक्टीरियल और एंटी - फंगल होती है , जिससे बालों का झड़ना , असमय सफेद होना और रूसी की समस्या खत्म होती है । 

इसके इस्तेमाल से बाल तेजी से बढ़ते हैं । रीठा और आँवला में बालों के लिए आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते है ।  

शिकाकाई - बालों के कुदरती तेल को बनाए रखता है । इसमें मौजूद विटामिन सी बालों की कडिशनिंग में बेहद असरदार सामग्री- 100 ग्राम बीज निकला हुआ रीठा , 100 ग्राम सूखा आँवला , 100 ग्राम शिकाकाई , 100 ग्राम मेथी दाना , एक नींबू।

 विधि- एक पैन में 1 लीटर पानी लें । उसमें नींबू के अलावा उपरिलिखित चारों सामग्रियाँ डाल दें । इस पानी को आँच पर रखकर तब तक उबालें , जब तक कि पानी आधा न रह जाए । रात भर इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें । सुबह छान लें । फिर इसमें एक नींबू का रस मिलाएँ । इसे एयरटाइट बोतल में डाल ले।


नीम का  शैम्पू कैसे बनायें-

 गर्मियों में पसीने से बालों में खुजली की समस्या आम होती है । इससे सिर में रूसी हो जाती है और कई एंटी डैंड्रफ शैम्पू भी इस परेशानी से निजात दिलाने में कारगर सिद्ध नहीं होते । ऐसे में नीम से बना हर्बल शैम्पू बेहद उपयोगी है । नीम में मौजूद एंटी फंगल , एंटी बैक्टीरियल और एंटी पैरासिटिक गुण इस शैम्पू को असरदार बनाते हैं । 

सामग्री- 2 कप नीम की पत्तियाँ , आधा किलो बेसन , आधा किलो शिकाकाई पाउडर , 125 ग्राम चंदन पाउडर।

 विधि- सबसे पहले नीम की पत्तियों को सुखाकर पीस लें । फिर इस चूर्ण में उपरिलिखित मात्रा में बेसन , शिकाकाई पाउडर और चंदन पाउडर मिलाएँ । इसे एक एयरटाइट बोतल में भरकर रख लें । शैम्पू करने के समय एक कप पानी में इस मिश्रण का दो चम्मच पाउडर डालकर अच्छे से मिला लें और उसे सिर पर लगाएँ ।


● एलोवेरा शैम्पू कैसें बनायें-

एलोवेरा एक तरह का कंडीशनर है , जिससे बाल मुलायम और चमकीले बनते हैं । एलोवेरा में विटामिन ए , बी -12 , सी , ई और फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं । ये बालों को लम्बा और मजबूत रखने में फायदेमंद होते हैं । 

सामग्री- 1/3 कप ग्लिसरीन साबुन बेस , 1 कप ताजा एलोवेरा जेल , विटामिन ई के 1 कैप्सूल का तेल , जैतून तेल की कुछ बूँदें , 300 मिलीलीटर पानी।


 विधी -एक पैन में 300 मिलीलीटर पानी डालें और आँच पर रख दें । उसमें ग्लिसरीन साबुन बेस मिलाएँ । साबुन पानी में अच्छे से मिल जाने पर आँच बंद कर दें । ब्लेंडर द्वारा एलोवेरा जेल , विटामिन ई तेल और  तेल की उपरिलिखित मात्रा अच्छे से मिलाएँ । एक बोतल लें । इसमें साबुन वाले पानी और एलोवेरा जेल के मिश्रण को डालकर अच्छे से हिलाएँ । आपका प्राकृतिक एलोवेरा शैम्पू तैयार है ।

निष्कर्ष -इस प्रकार आप अपने बालों को सुंदर और स्वस्थ रहने के लिए घर बैठे या शैंपू तैयार कर सकते हैं जिनका नुकसान कुछ भी नहीं है। अगर आपकी समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है तो आप अपने त्वचा संबंधित डॉक्टर से सलाह अवश्य करें।




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