alcohol is a disease motivational topic (बोतल का दोष)

 आज इस टोपिक मे शराबी के साथ कैसे जिया जाये और अपने लिये जिऔ और दुसरो को भी जीने दो। यही एक मन्त्र है शराबी वयकित के परिवार और बीवी बच्चों के लिए  जिसने भी ये मन्त्र अपना लिए वो इस समस्या मुक्ति पा गया ।


शराबी के साथ रहते हुए हमारी सोच इस तरह की हो जाती है कि हम सब समस्याओ के लिए बोतल को ही दोषी मानने लग जाते है।

कई बार तो हम इस हद तक सोचते है कि शराबी शराब पिनी बंद करे तब हमे जिंदगी में बहुत सारी खुशिया  मिल सकती है, लेकिन ऐसा कुछ  नही होता।आप में से बहुत सारे परिवार ऐसे भी देखे होगे, जो शराब को टच भी नही करते ,लेकिन फिर भी वो लोग दुखी है,तकलीफ के कुछ भी कारण हो सकते है.अब हमे यह सीखना है कि शराबी ही हमारी मुश्किलो का अकेला दोषी नही है ,कुछ हद तक हम भी अपना गलत रवैया अपनाकर समस्या को पैदा करने और बढाने मे हिस्सेदार है.
अब हमे अपनी जो गलतिया हम आज तक शराबी के साथ मिलकर करते आये है  सबसे पहले उन्हें सुधारना होगा। 
गलती को स्वीकार करना मतलब भगवान् को स्वीकार  करने के  बराबर है.
अब हम अपनी मुसीबतो के लिए या किस्मत खराब के लिए किसी और को बली का बकरा नही बनाएँगे 
क्या हम सब मे से कोई आज तक किसी भी शराबी को धिक्कार कर या उसको नीचा दिखाकर ठीक कर सका है.
क्या हमने कभी शराबी के मन मे कभी झाँक कर उसके कष्टो की सच्चाई जानने की कोशिश की है.
नही हम सब बस शराबी को दोषी  साबित करने मे लगे हुए होते हैं.
यह हर उस घर की कहानी है जहां शराबी शराब पिकर जब अपनी  दिल की भड़ास निकालना चाहता है,पर उसकी  सुनने वाला कोई नही होता ...
फिर उसके पास बोतल के सिवा कोई और साथी नही होता. जिसके साथ वो अपने दुख बाँट सके इसलिए हम हर बार अपने दुखों के लिए शराबी की बोतल को दोष ना दे ...     
  यह अधिकार किसी को नही की शराबी को जबरदस्ती काबू मे करने की कोशिश करे चाहे माँ बाप हो या बीवी, बच्चे हो आप के ऐसा करने से परिस्थितिया और बिगड़ सकती है लेकिन शराबी ऐसे कभी सुधरते नही. हमारे साथ अच्छा, बुरा जो भी होता है वो हमारे द्वारा किये बुरे कर्मों का फल है तभी हमें शराबी पति, औलाद या शराबी बाप मिला है.

अब इस समस्या को आप भगवान् भरोसे छोड़ दो जैसे वो शराबी को रखता रखने दो. आप अपने लिये जिओ शराबी के लिए नहीं और आप शराबी के भगवान् नही बन सकते उसका भगवान् है जब तक वो उसके साथ है ,तब तक शराबी सही सलामत घर पहुँच सकता है .

आज का विचार .....

सबसे पहले हम बाहर के सच को जान सकें, हमे अन्दर से सच्चा होना चाहिए .और हम स्वयं के प्रति सच्चे हो,लेकिन हम सब सच्चाई जैसी है उसे वैसा ही प्रकट करके अपने  अन्दर सच्चाई  ला पाते है.

उन सब परिवारो को परमात्मा सद्बुद्धि दे जो इस समस्या से  ग्रसित है, और इस समस्या को और शराबी को सहन करने की शक्ति और शराबी को झेलने की शक्ति दो

हे परमात्मा मुझे शराबी को सहन करने की और उसे समझने की सदबुददी दो अब मेरी समस्या आपकी है मेरी नहीं ऐसे हररोज प्रार्थना करके सोये एक दिन जरूर चमत्कार होगा आपकी जिन्दगी में भगवान के घर देर है अन्धेर नहीं अगर कोई समस्या आती तो वापिस भी ले सकता है .वो अन्तर्यामी हैं कुछ भी कर सकता है बस विशवास सच्चा होना चाहिए .


Today in this topic how to live with drunkard and let live for yourself and others too.  This is the only mantra for the family and wife of the alcoholic person, whoever took this mantra got rid of this problem

While living with an alcoholic, our thinking becomes such that we start blaming the bottle for all the problems.

 Many times we think to the extent that alcoholic liquor stops the pinny, then we can get a lot of happiness in life, but nothing like this happens. Many of you will have seen many families who do not even touch alcohol.  , But still those people are unhappy, there can be any reason for the problem. Now we have to learn that alcoholic is not the only one responsible for our problems, to some extent we also adopt our wrong attitude to create and aggravate the problem.  Is a partner.

 Now we have to correct the mistakes that we have been doing with alcoholics till date.To accept a mistake means to accept God.

 Now we will not make anyone else a scapegoat for our troubles or for bad luck

 Have any of us been able to cure any alcoholic till today by humming or degrading him.

 Have we ever peeped into the mind of an alcoholic and tried to know the truth of his problems.

 No, we are all just trying to prove the drunkard guilty.

 This is the story of every house where the alcoholic liquor picker wants to vent his heartbreak, but there is no one to listen to him ...

 Then he has no other partner except the bottle.  With whom he can share his sorrows, so we do not blame the alcoholic bottle every time for his sorrows…

 No one should have the right to forcefully control an alcoholic be it a parent or a wife or a child, the situation can worsen by doing this, but the alcoholic never improves.  Whatever happens to us, good and bad, is the result of bad deeds done by us, only then we have got an alcoholic husband, children or alcoholic father.


 Now leave this problem to God as you let the drunkard keep you. You cannot live for yourself and you cannot become the God of the drunkard. His God is as long as he is with him, till the drunkard reaches home safely  Can.

Today's thought .....

First of all, we can know the truth outside, we must be truthful from inside. And we should be true to ourselves, but we are able to bring the truth inside ourselves by revealing the truth as it is.


 Give divine wisdom to all the families who are suffering from this problem, and give this problem and the power to bear the alcoholic and the power to bear the alcoholic


 O God, give me the courage to bear the alcoholic and understand it, now my problem is not yours, but sleep every day by praying such heroes, one day there will definitely be a miracle in your life the house of God is late and if there is any problem, you can take it back.  It is. They are transcendent, they can do anything, but faith must be true.

Thankyou everyone and please follow me 


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