मोटापा कम कैसे करें |how to reduce fats|

मोटापा एक प्रकार का रोग है , इसके होने के दो मुख्य कारण है। एक है- आनुवंशिक अर्थात् वंशगत यानी परिवार से मिलने वाला मोटापा क्योंकि कई बार हमारे मां-बाप अगर मोटे हैं तो हमारे बच्चे भी मोटे ही पैदा होंगे और कुछ खानपान का तरीका गलत होने के कारण हम मोटापे के शिकार होते हैं क्योंकि कुछ लोग खाने के लिए ही जीते हैं और जबकि सच्चाई है हैं कि खाने के लिए नहीं जीने के लिए खाना है।

साधारणत मोटापा की पहचान:- 

यह है कि, जितने इंच शरीर की ऊंचाई हो उतने ही किलो शरीर का वजन होने चाहिए है। अगर शरीर की लंबाई कम है और वजन ज्यादा है तो इसका मतलब है कि आप के शरीर का मोटापा बढ़ रहा है।
इससे अधिक होने पर मोटा और कम होने पर पतला कहा जायेगा ।

मोटापा कम करने के उपाय:-
मोटापा दूर करने या इससे बचने के दो मुख्य दो ही उपाय है
पहला है - भोजन सुधार और दूसरा है प्रतिदिन शारीरिक श्रम
जिन पदार्थो में कार्बोर्हाइड्रेट अधिक हो उनका सेवन ना करें।
तेल ,घी ,डालडा से बनी चीजे ना खाये। आलू शकरकन्द और चीनी से बनी चीजे ना खायें ।

दिनचर्या इस प्रकार बनायें - सवेरे जल्दी उठे और एक गिलास गुनगने गर्म पानी में कागजी नींबू निचोड़कर उसमें दो चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर पी जायें तथा कुछ समय के लिए टहलें। कुछ देर पेट साफ करने की फीलिंग होते ही शौच के लिये चले जाये।

इसके बाद दांत साफ करने के बाद टहलने के लिए निकल जाएं और हर रोज तीन-चार किलोमीटर अवश्य टहले। जो बाहर नहीं जाना चाहते वह अपने घर की छत पर सैर कर ले। आप घर पर हलके व्यायाम कर सकते हो ।

सुबह के समय नाश्ते में हलका रसेदार ,फल ,मक्खन और घर का निकला हुआ मट्ठा ले। दोपहर के भोजन जौ के आटे की रोटी खाये
उबली हुई सब्जी, कच्चा सलाद , सूप पिले । तीसरे पहर फलो का रस ले। भोजन के तुरंत बाद पानी ना पीये

मोटापा कम करने के लिये भोजन में रोटी कम खायें और सब्जी , कच्चा सलाद और सूप अधिक ले और और नींबू का बिना चीनी वाले पानी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें चर्बी को काटने का काम करता है।


दिन में कम सोये और मोटी महिलाओं को घर के काम यथासम्भव स्वय करने चाहिये । इस तरह मोटापा नहीं बढ़ेगा, शरीर में ताजगी और स्फूति आयेगी। शरीर सुन्दर , स्वस्थ और कान्तिमान् बनेगा । गुस्सा , चिन्ता और शोक यह सब स्वास्थ्य और सौन्दर्य का नाश करते है। अतः इनसे हमेशा बचते रहे ।
वजन को नियंत्रण में रखें । मोटापा ना केवल मधुमेह , उच्च रकतचाप , हृदय रोग , गुर्दो के रोग, जोड़ों के दर्द में अन्य बीमारियों को निमत्रण देता है । बल्कि मोटा व्यक्ति समय से पूर्व अधिक आयु का लगने लग जाता है।

वजन को नियंत्रण में रखने के लिए मोटे पुरुषों को 1500 कैलोरी प्रतिदिन व महिलाओं को 1200 कोलोरी वाला आहार लेना चाहिये अगर आप किस से ज्यादा कैलोरी वाले भोजन खाओगे तो है फायदा कम तो सिर्फ मोटापा ही बढाऐगे।

मोटाप के शत्रु:-
अपने खाने में स्वास्थ्य के तीन शत्रुओ को कम कम प्रयोग करे चीनी , नमक ,घी अधिक चीनी व कार्बोज युकत, भोजन लेने से मोटापा , मधुमेह व हृदय रोगों का जन्म होता है और हमारी जान को खतरा बढ जाता है।

नमक का प्रयोग कम करे :-
अधिक नमक खाने से उच्च रक्तचाप हो जाता है । दैनिक आहार में ताजे फलों व सब्जियों का अधिक से अधिक प्रयोग करें । यह खाध पदार्थ शरीर के प्राणरक्षक के रूप में कार्य करते हैं जो सभी प्रकार के विटामिनों , खजिन लवणों ऐंटी आक्सीडेंटस व रेशे से भरपूर है ।


सेब का सिरका :-
सेब के सिरके को एक ग्लास पानी में मिला लेंऔर अच्छे से पूरे मिश्रण को मिलाएं, फिर ग्लास में एक चम्मच शहद का भी मिला लें।
अब इस मिश्रण को अच्छे से चलाने के बाद पी जाएँ।
इस्तेमाल कैसे करें: –
इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार पियें।
लाभ:- सेब का सिरका और सफेद सिरका, एसिटिक एसिड के बहुत अच्छे स्रोत हैं। यह सूजनरोधी और मोटापा रोधी गतिविधियों को घढ़ाता है और वेट लॉस की प्रक्रिया को कम कर देता है।

अश्वगन्धा :-
अश्वगन्धा का पावडर का सुबह खाली पेट इसे गरम पानी के साथ ले, अश्वगन्धा तनाव के कारण बढ़ने वाले मोटापे में मदद करता है। अत्यधिक तनाव की अवस्था में Cortisol  नामक हार्मोन अधिक मात्रा में बनता है। इसके वजह से भूख अधिक लगती है। आयुर्वेद के अनुसार, अश्वगन्धा शरीर में कोर्सिटोल के लेवल को कम करता है।

त्रिफला :-
एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को रात में 200 मि.ली. पानी में भिगा दें। सुबह इसे आधा होने तक उबालें। पानी गुनगुना रहने पर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर पिएँ। कुछ ही दिनों में निश्चित ही वजन कम होगा। त्रिफला शरीर में मौजूद विषाक्त तत्वों को बाहर निकालता है।

आंवला:-
आंवला में प्रचुर मात्रा में विटामीन-सी पाया जाता है, जो एक उत्तम एंटी-ओक्सीडेंट है। यह शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह मेटाबोलिज्म बढ़ाने और कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और वजन बहुत जल्दी कम करता है ।इसे आप कच्चा भी खा सकते हो और जुस भी पि सकते हो।

गेहूं के आंटे का प्रयोग जयादा करे और चावल से बने पदार्थों का कम सेवन करें। गेंहू के आंटे से बने हुये खाद्य पदार्थो का जैसे कि रोटी आदि का सेवन अधिक करना चाहिए और चावल से बने खाद्य पदार्थो का सेवन कम से कम करना चाहिए।

मुली का जुस :-
मोटापे को कम करने के लिए मूली का जूस बहुत ही लाभदायक और रामबाण उपाय है। यह एक अनुभव किया हुआ प्रयोग है। मूली का जूस एक गिलास प्रतिदिन पीने से 1 महीने के अंदर ही देखते ही देखते आपका मोटापा रफू चक्कर हो जाएगा ।पहले मूली सिर्फ सर्दियों में ही मिलती थी लेकिन अब मुली पूरे साल मिलती रहती हैं। अगर आप अपना वजन बहुत जल्दी कम करना चाहते हो तो मूली के जूस का प्रयोग करे।

मोटापा से बीमारियां-
मोटापा होने से कैंसर का खतराः
मोटापा बढ़ने से कैसर होने का खतरा बढ़ जाता है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर एजेंसी के अनुसार अधिक वजन बढ़ने और व्यायाम न करने से स्तन , गुर्दा और शरीर के अन्य हिस्सों में कैंसर होने का खतरा पैदा हो जाता है अन्तर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान के डाक्टरों का कहना है आपका वजन चाहे जितना भी हो उसे स्थिर रखें ,उसे कतई बढ़ने ना दें क्योंकि वजन बढ़ने से कैंसर का खतरा बढ़ता है ।

मोटापे से बचने का सरल उपाय यही है कि जितनी कैलोरीज आप खर्च करते हैं । उससे कम कैलोरीज वाला भोजन ही खाया जाए । एक साधारण परिश्रम करने वाले पुरुष को 2350 कैलोरीज व महिला को 1800 कैलोरीज की प्रतिदिन आवश्यकता है। जो 400 ग्राम अनाज , 60 ग्राम दालें , 100 ग्राम हरी पत्तेदार सब्जियों ,75 ग्राम अन्य सब्जियों ,75 ग्राम जड़वाली सब्जियों , 50 ग्राम फल, 250 ग्राम दूध , 25 ग्राम फैटस ( धी ) व 30 ग्राम शूगर से व फलों के जूस में थोड़ी सी चीनी मिलाने पर व सब्जियों को तलने पर उनकी कलौरी पूरी हो जाती है ।
जल में कोई कैलोरी नहीं होती ,किन्तु चीनी में बहुत होती है । कैलोरीज दुगुनी तिगनी हो जाती है।
इसलिए ऐसे ही खाने से पहले एक बार अवश्य सोच ले क्योंकि जो हम खा रहे हैं वह हमारे शरीर कुछ कुछ और कुछ अवगुण जरूर पैदा करेगा अगर आप सच में पतला होना चाहते हैं तो अपने खान-पान को कंट्रोल में रखना ही पड़ेगा तभी पतला रहना संभव है ।

मोटापे के लिए डॉक्टर से कब सम्पर्क करना चाहिए ?
अगर आपके शरीर का वजन बढ़ा हुआ है, और इससे आपको छोटी-छोटी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, तो यह आम बात है। अगर मोटापे के कारण आपकी साँस फूलने लग जाये या एड़ियों और जोड़ों में दर्द होने लगे, अगर आप सामान्य दिनचर्या अच्छे से नहीं कर पा रहे हों तो डॉक्टर से मिले और इस समस्या का समाधान जल्दी करे नही तो आपकी जान को खतरा भी हो सकता हैं।

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