अपने सवास्थय को ठीक रखने के लिए कया करे और कया ना करे।

 

ज्यादातर मनुष्य पेट भरने के लिए भोजन करते हैं। किसी भी भोजन के नियम को नहीं जानते या नहीं मानते। भोजन भी एक विज्ञान है। अच्छे स्वास्थ्य का रहस्य और नाना प्रकार की बीमारियों का सीधा संबंध भोजन से ही है ।
प्रकृति से बेमेल भोजन अपवित्र भोजन, बिना पौष्टिक भोजन, नाना प्रकार के रोगों को जन्म देता है। कितना भी सवादिष्ट खाना हो जीभ के स्वाद के लिए ना खाए भरपेट ना खाएं और ज्यादा मात्रा में खाना बीमारियां और कष्ट पैदा करेगा मगर भूख से कुछ कम खाना किसी भी प्रकार की हानि नहीं करेगा ।
खाना घर का बना हुआ ही खाना चाहिए घर के खाने में स्वच्छता, शुद्धता, पौष्टिकता और सबसे सुंदर बात यह है कि उसे खाना बनाने वाली मां, बहन ,भाभी या स्त्री जो भी रिश्ता है उसका प्रेम उस भोजन के कण-कण में समाया हुआ होता है, और खाने वालों को है ये भोजन तंदुरुस्ती, स्वास्थ्य ,खुशियां ,दीर्घायु और शांति प्रदान करता है।

पोष्टिक आहार बढ़िया गेहूं 750 ग्राम ,सोयाबीन 50 ग्राम और देशी काला चना 100 ग्राम 2 ग्राम मोटा आकर बिना छुए चोकर युक्त भोजन रोटी खाएं। शुद्ध शांत स्थान पर बैठकर शांति पूर्वक भोजन धीरे-धीरे ग्रास को 32 बार चबाकर निगले ऐसा भोजन कभी नुकसान दे नहीं होता। चिन्नी कम से कम खाए और कम से कम यूज करें ,मधु ,शहद, गुड़ शक्कर और मिश्री चिनी के बदले और ज्यादा उत्तम हैं। साथ में तेल, मूंगफली, केला ,सेब ,टमाटर ,हरे पत्ते वाली सबजिया, गाजर, अखरोट यादाश्त बढ़ाने के लिए बदाम, अंजीर खजूर ,और दूध और तिल शक्तिवर्धक है। 
अकुरित अन्न ज्यादा खाएं:-अंकुरित अन बहुत ज्यादा गुणकारी होते हैं शरीर को पुष्ट और बलवान बनाता है। रात को 10 ग्राम उड़द की दाल को भिगोकर सुबह छिलका उतारकर पीसकर एक कप दूध में मिलाकर एक उबाल देंकर गरम चबा कर खा लें या  फिर पी ले धीरे-धीरे 50 ग्राम तक बढ़ाने और हल्का मीठा भी डाल ले ऐसा करने से शरीर को बलवान और पुरूषों के y सपर्म के बढ़ोतरी होती है।

सर्दियों में गुड ,तेल और मेथी देसी घी डालकर इस के लड्डू बनाकर सर्दियों में खाने से शरीर में ताकत खाने से खाने से शरीर में ताकत और कमजोरी दूर होती हैं।

नाश्ते में कया खाये:-
 पौष्टिक नाश्ता बनाने के लिए काला चना सबसे ज्यादा अच्छा है, यह ताकत बढ़ाने के लिए ,चना cholesterol को बढ़ने नहीं देता। दिल का दौरा को पढ़ने से रोकता है और दिल को मजबूत बनाता है। और शुगर को लेवल को भी कम करता है ।काले चने को रात को 50 ग्राम भिगोकर साथ में भीगी हुई किशमिश ,मुनक्का, ताजा खजुर खूब चबा चबाकर खाएं यह स्वास्थ्यवर्धक नाश्ता बहुत ही लाभदायक है। और सुुुुबह के नाशता हमेशा मिक्स आटे का करे जिसमें, काले चने, जौ, देशी गेहूँ  और कुछ दाले भी 

पोस्टिक सलाद:- 
लाल पके हुए बड़े टमाटर, गाजर, मूली, पत्ता गोभी पालक, धनिया, सोयाबीन की बड़ी पानी में नमक मिलाकर और काट कर सारी सामग्री को नींबू और काली मिर्च और नमक मिलाकर खाएं यह एक बहुत ही उपयोगी और गुणकारी सलाद है।यह पेट की गैस को खत्म करता है। और रात को कभी भी खीरे का सेवन ना करें। 

पौष्टिक पेय  पदार्थ :- 
 नारियल का पानी या घर में जमी हुई मिठी लस्सी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उत्तम है ।यह शरीर को शक्ति प्रदान करता है।शरीर को शक्तिशाली बनाने के लिए गाजर का रस, आधा गिलास चुकंदर का रस एक चौथाई गिलास, ताजा आंवला का रस एक चौथाई  गिलास,नींबू का रस  मिलाकर सुंबह शयाम सेवन करें । इस प्रकार का पेय शरीर को हष्ट पुष्ट और मौसचर प्रदान करता है।

दिमाग के लिए:-
शरीर को पुष्ट और दिमाग को तरोताजा रखने के लिए सुबह 10 बदाम गिरी सुबह खाली पेट  (मामरा बदाम )भिगोकर शाम को पत्थर के सिल पर चंदन की तरह ही पिस ले जिसमें और असली केसर का चार कतरे मिला ले और अंजीर के सूखे के टुकड़े गाय के दूध में उबाल लें, उबाल आने पर केसर वाले बादाम दुध को हर रोज़ पिये यह दिमाग के लिए सबसे उत्तम और स्वास्थ्यवर्धक दुध है। हष्ट पुष्ट और निरोगी रहने के लिए ऐसा दुध एक समय जरूर ले।

पेट साफ करने लिए उतम जल:-

सुबह उठते ही तांबे के पात्र में रात्रि में रखा हुआ पानी का सेवन करें और दो तुलसीदल भी डाल ले और शुद्ध स्वच्छ स्वच्छ पानी 5 या 6 गिलास आंवले का रस या सूखा आंवला रात को भिगोकर रखा हुआ छानकर तीन-चार छोटे चम्मच श्यामा तुलसी के पत्ते दस नग, थोड़ी सी अदरक, नींबू का रस इन सबको कूट पीसकर छान लें और दो चम्मच असली शहद मिलाकर नाश्ते के साथ में यह काढ़ा पेट साफ करने के लिए सबसे उत्तम औषधि है।

अंकुरित अनाज:-
भोजन अपनी रूचि के अनुसार नित्य अवश्य लें। नाश्ते के बाद शहद थोड़ा सा आंवले का रस मिलाकर हर रोज सेवन करें।
अगर सम्भव हो सके तो अंकुरित किया हुआ भोजन जरूर करें।  जैसे काले चने, साबुत मुंग आदि। 

मनुष्य का आचरण, शयन और भोजन अगर ये तीनों बिल्कुल संतुलित और सही हैं तो उसके जीवन की गाड़ी आराम से बढ़िया और बिना बिना किसी रोक-टोक के बिना डॉक्टर के चलती रहेगी।
 
उषाकाल में उठकर जल पिये, मध्य दिन में यह मट्ठा, नित्य रात्रि में गर्म दूध पियेगा तो वह रहेगा हमेशा हट्टा कट्टा रहेगा।

पौष्टिकता के लिए:- उडद 25 ग्राम में नित्य खाना सबसे अच्छा रहता है।और उसके साथ कभी दूध नहीं पीना चाहिए।
ताजा नारियल लेकर छीलकर कद्दूकस कर लें इन्हें एक गिलास पानी डालकर चलाये, पानी और नारियल में थोड़ी सी छोटी इलायची का पाउडर मिलाकर ठंडा करके पिए और पिलायें इसकी तासिर ठंडी होती है जो हमारे शरीर गर्मी को करता है।

बढ़िया स्वास्थ्य के लिए कुछ नियम:-
दिन में ना सोये, रात में अधिक ना जागे 6 घंटे से अधिक ना सोये । हर रोज प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठ उठते ही भगवान को प्रणाम करो फिर हाथ मुंह धोकर उषा पान करो। ठंडे जल से आंखें धोकर सुबह उठते ही यह प्रतिज्ञा करनी चाहिए कि आज दिन भर ना तो किसी की निंदा करूंगा ना ही क्रोध करूंगा ना ही किसी को बुरा कहूंगा। भोजन करने के बाद लघु शंका अवश्य करनी चाहिए इससे गुर्दे स्वस्थ रहते हैं, सोच या लघु शंका जाकर हाथों के साथ पैर भी अवश्य धोने चाहिए।
 स्नान के समय पहले सिर्फ पहले सिर धोये बाद में जल में प्रवेश करे। ऐसा करने से रोग नहीं होंगे बाद में पूरे शरीर पर पानी डालो।
तेल लगाते समय पहले नाभि को और हाथ पैर की उंगलियों के नाखूनों पर भली प्रकार से तेल लगा लो।  सोमवार ,बुधवार और शनिवार तेल लगाने के लिए उत्तम दिन है यदि आप ग्रहों के अनिष्ट  प्रभाव से बचना चाहते हैं।
 इन दिनों में तेल लगाना चाहिए। मगर अष्टमी, एकादशी, पूर्णिमा एवं आवश्यक हो तेल नहीं लगाना चाहिए। सब दिनो में बाल बनवाने का बुधवार ही उत्तम दिन है। 
पढ़ना लिखना सभी आंखों के द्वारा होने वाला कार्य लगातार काफी देर तक ना करें बीच-बीच में नेत्र बंद करके उन पर उंगलियां  फेरे और दूर की किसी वस्तु पर अपनी नजर जमाए इस प्रकार करने से हमारी दृष्टि ठीक रहती हैं। गर्मी से धूप से आकर तत्काल स्नान ना करें।
 और ना ही है हाथ पैर या मूह को धोए थोड़ा सा विश्राम करें। शरीर  सूख जाने पर शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है, तभी स्नान करें देर रात जागने सुबह देर रात तक सोते रहना आंख और स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं है। साइकिल की सवारी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है इसलिए हर रोज सुबह या शाम को एक घंटा तक साईकल जरूर चलाएं ।इससे बेहतर कोई एक्सरसाइज नहीं है।
 तंबाकू, शराब ,चरस ,अफीम, गांजा आदि जहर से भी खतरनाक है नशीले पदार्थों के सेवन से धन और स्वास्थ्य दोनों से हाथ धोना पड़ता है। 
दूसरे कोई और बुरी  दृष्टि से भोजन की कोई और देख रहा हो तो उस भोजन को दिए बिना भोजन ग्रहण ना करो। ऐसा भोजन हजम नहीं होता। भोजन करते समय मौन रहना चाहिए। भोजन के पश्चात कुल्ला अवश्य करें और अपने दाहिने पैर के अंगूठे पर पानी डाले अंगूठे का अंतराल ब्रह्मा तीर्थ कहलाता है और कृनिष्ठका का अग्रभाग देव तीर्थ कहलाता है।
 स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है अगर स्वास्थ्य सही है सब कुछ सही है अगर स्वास्थ्य ही सही नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज अच्छी नहीं लग सकती चाहे वह हीरे मोती हो या फिर महल इसलिए सबसे पहले अपना स्वास्थ्य ठीक रखना चाहिए इससे बड़ा कोई और धन नहीं हो सकता।
 

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