शराबी वयक्ति के साथ कैसे ज़िन्दगी जिये | शराबी को कैसे समझें और समझायें |

शराबी पन की समस्या से कैसे उबरे-

अगर आप भी अपने घर के किसी  सदस्य या नजदीकी की शराबी पन की वजह से परेशान हो तो इसके लिए मैं आपको एक ही सलाह दूंगी कि सिर्फ भगवान से प्रार्थना करो। यह समस्या हमारी समस्या नहीं इस समस्या को आप भगवान पर छोड़ दो, फिर आप चमत्कार देखना किस तरह से होता है। हम ज्यादातर औरतें अपने पति की भगवान बनती रहती हैं  और सोचती है कि मैं उसको फोन करके सही समय पर आने के लिए बाधित कर सकती हूँ। 

यह एक सत्य है हम अपने पति के दोस्त बन सकते हैं पर भगवान नहीं।
 भगवान सिर्फ एक ही है वह है अदृश्य शक्ति शिव जो सबका मालिक है। अगर आपको शराबी की वजह से बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जो हमारी शक्ति से बाहर है  जिस सिथ्ती को हम सहन नहीं कर सकते है । 

ऐसी परेेेशानी को हमे ईश्वर को सामने भी उसको वर्णन  नहीं करना चाहिए  क्योंकि वह पहले से ही जानता है उसे हमें बताने की जरूरत नहीं है कि मेरी समस्या क्या है।  वह जानता है कि मेरे लिए क्या सही और क्या गलत है जब हम किसी ऐसी समस्या का सामना कर रहे है, जिसके बारे में निर्णय लेना उससे निपटना मेरे बस से बाहर है तो हम अकेले है। से हम अपनी समस्या को लेकर लोगों के आगे रोने की जरूरत नही है।  अब हमें उस अदृश्य शक्ति  पूछे कि वह मुझे बताएं कि मैं क्या करूं। यह प्रार्थना कुछ मांगने के लिए नहीं बल्कि मार्गदर्शन के लिए है।


 सच्ची प्रार्थना वह होती है और इस बात को स्वीकार करना होगा कि हम पूरी तरह से ईश्वर पर निर्भर हैं ।उसके साथ हमारा अटूट संबंध है। हमारा अस्तित्व तभी होता है जब हम सच्चाई से प्रार्थना करते हैं। अपनी प्रार्थना से हमें अपनी समस्या व कठिनाइयों को समझने की शक्ति मिलती है। कुछ लोगों को किसी धर्म या भगवान में विश्वास नहीं होता या फिर उन्होंने अपना विश्वास खो दिया होता है, जो कभी हमें भी था । कई बार हम निराश होकर उस  चरम सीमा तक पहुंच सकता है ।

जब  हम हताश होकर मदद के लिए भगवान् आगे  चिल्लाने लगते हैं।  हम अनजाने में किसी ऐसी अनजानी शक्ति से प्रार्थना करने लगते हैं कि वह हमारे असहनीय बोझ से हमें मुक्त करें। हम कई बार अपनी उलझन और समस्या के कारण इतने परेशान होते हैं कि चीख-पुकार कर भगवान से मदद मांगने लगते हैं। तो मैं आपको इस बात के लिए वह हमारी शराबीपन की समस्या को चिखने पुकारने से नहीं बल्कि शांत होने से सुनता है। जब हम अपनी समस्या की वजह से परेशान होते हैं उस समय हमारा चिल्लाने का नहीं बल्कि शांत रहकर उससे जवाब लेने का होता है, कि हमें इस समस्या से बाहर कैसे आए।


उस अदृश्य शक्ति से प्रार्थना करे कि अब आप ही इस बात को सुलझा सकते हैं जो मेरे बस से बाहर है। जब हम अपनी समस्या को इस समस्या के आगे  शक्तिहीन होकर सिर्फ ईश्वर को सौंप चुके होते हो, फिर इस समस्या को अपने हाथ में लेने की कोशिश ना करें। जब आप सब कुछ उस ऊपर वाले पर छोड़ देंगे  की  मेेरी समस्या अब  से हवाले है तो वह आप को एक पल बाहर निकाल सकता हैं, तो फिर आप एक दिन चमत्कार जरूर महसूस करेंगे। 


जब आप ईश्वर पर विश्वास करना शुरू कर देंगे तो वह खुद आपकी उंगली पकड़कर चलने आ जाएगा और उसकी मदद से हम कुछ भी कर सकते हैं ।जो कभी हमें असंभव लगता था वह भी संभव हो जाएगा। जैसे हमें लगता है कि मेरे घर में कभी भी शराब खत्म नहीं होगी और ऐसा नहीं होता जब हम अपनी समस्या को उसके ऊपर छोड़ देते हैं तो चमत्कार होते भी देर नहीं लगती।

 प्रार्थना वास्तव में आगे बढ़कर अपने से ऊपर वाली शक्ति के साथ संबंध जोड़ना है। यह हमारी बेबसी को पहचानता भी है और जानता भी है।  जब हम अपनी समस्या को उसके ऊपर छोड़ देते हैं ,वह खुद ही एक कवच बन कर हमारे साथ खड़ा हो जाता है । 

प्रार्थना एक ऐसा संपर्क है जो ईश्वर के साथ अपने विचारों से बनाते है ।यह आत्मा के लिए एक शक्तिशाली दवा है। जब कोई भी हमारे लाइफ में मार्गदर्शन के लिए नहीं होता सिर्फ उस समय हमारी प्रार्थना ही सबसे अधिक शक्तिशाली होती है।

 अब हमें इस बात को स्वीकार करना होगा कि हम शराबी व्यक्ति को काबू में नहीं कर सकते सिर्फ हम अपने से ऊपर उस अदृश्य शक्ति से प्रार्थना ही कर सकते हैं, और वह सच्ची प्रार्थना एक दिन जरूर सुनता है ,और स्वीकार भी करता है।

 उसे हमारा बहुत ही गहरा और पवित्र रिश्ता है। अब हमें समझना होगा कि हमारी जिंदगी में प्रार्थना का कितना महत्व है। प्रार्थना हमारे विचारों और सोच से बनती हैं प्रार्थना का मतलब यह नहीं है कि हम भगवान से कहें कि ईश्वर जो मैं चाहती हूं वैसे ही आप करो ।अगर हम ऐसी प्रार्थना करते हैं तो हम उसको हुक्म दे रहे हैं।


 प्रार्थना का मतलब है कि जो आप कर रहे हैं ,वह मुझे मंजूर है ।जो भी आप आगे करेंगे वह भी मेरे लिए सही होगा क्योंकि मेरी समस्या मेरी नहीं है आपकी है। मेरे लिए जो भी अच्छा होगा वह आप मुझे अवश्य देंगे।


 प्रार्थना ईश्वर को निर्देश देना नहीं बल्कि उसको अपने दिल की बात बताना और अपनी इच्छा को जानने का तरीका जो है वह शब्दों से नहीं सिर्फ मन से मन का होना चाहिए।

 हम सब में कोई नहीं जानता कि हमारे लिए अच्छा क्या है और बुरा कया है ।
यह ज्ञान सिर्फ ईश्वर के हाथों में रहता है यह अपने लिये मार्गदर्शन की याचना स्वीकार करने के लिए खुला दिमाग और इसका इस्तेमाल करने के लिए साहस और विश्वास मांगने तक सीमित रखने का सबसे अलग तरीका है।

 हे ईशवर हमें इतनी शक्ति दे,
मैं ,प्रार्थना करती हूं कि मैं धैर्य के साथ अपने ईश्वर की इच्छा का इंतजार जरूर कर सकूं...!!



प्रार्थना और ध्यान के द्वारा हम अपनी समझ से ईश्वर को अपना सच्चे संपर्क बढ़ा सकते हैं और उस से प्रार्थना करें कि वह हमारे लिए केवल अपनी इच्छा के अनुसार ही करें जो उसको सही लगता है।

 कई बार हम शराबी के साथ रहते हुए  इतने व्यस्त हो जाते हैं कि हमारे पास प्रार्थना के लिए भी समय नहीं होता।  तब थोड़ी देर बैठ कर अपने आप से पूछें क्या मेरा उस भगवान के सिवाय कोई अस्तित्व है. कया .?

 क्या मैं अपनी किसी भी समस्या का हल उसकी मदद के बिना कर पाऊंगी।  जैसे मैं शराबी के साथ रहते हुए हररोज  समस्याओं का सामना करते है, वैसे ही मुझे उसके मार्गदर्शन की प्रतिदिन उसकी  आवश्यकता पड़ती है। हमें स्वीकार करना होगा कि हम ईश्वर के ध्यान के बिना ना तो आज है ना कल होंगे क्योंकि वह एक सर्वोच्च शक्ति  है।

 जो हमारी समस्या को एक पल में खत्म कर सकते हैं।  एक भगवान ही तो है जो कभी बदले में कुछ नहीं मांगता बाकी सब रिश्ते में तो कुछ ना कुछ डिमांड रहती है। कभी भी भगवान को इस तरह की आदेश ना दें प्रार्थना करते समय कि हे भगवान मैं अपने पति को वापस पाना चाहती हूं।

 केवल तब जब वह शराब पीना छोड़ दें। यह उसे निर्देश देने वाली बात होगी, क्योंकि उसे पता है हमारे लिए क्या सही है और क्या गलत। प्रार्थना करते समय इस बात पर महत्व ना दें कि मेरे लिए क्या सही है प्रार्थना करते समय सिर्फ इस बात पर ध्यान दें कि मेरे लिए जो सही है वह आपको पता है वही आप करना।



 प्रार्थना करते समय हम में से कोई नहीं जानता कि हमारे लिए अच्छा क्या है और बुरा क्या है बस हम सिर्फ मांगने पर लगे रहते हैं, पर सही ज्ञान यह है कि ईश्वर के हाथों में ही छोड़ना असली प्रार्थना है। जब हम शराबी की वजह से बहुत ज्यादा परेशान होते हैं निराशा के सिवाय जब कुछ भी हाथ नहीं लगता तो हम सिर्फ इतना ही कर पाते हैं प्रभु आप मेरी मदद करो और वही ही मदद करता है।


 जब हम जरूरत से ज्यादा उसकी  अवहेलना करते हैं और इंसान जब दुख की इंतहा से गुजर रहा होता है  तब  ईश्वर को मदद करने का अवसर देता है।
 प्रार्थना करना यानी अपनी  भावना आभार व्यक्त करते हैं।  जब हम एक शराबी की वजह से बहुत लंबे समय से शराबी पन के साथ रह रहे होते हैं, और अपने किसी प्रिय जन को इस बीमारी से पुनः स्वस्थ होने का आनंद उठा सकते हैं।


  शायद भगवान ने हमें शराबी के  साथ इसलिए जोडा है ताकि हम प्रार्थना करके भगवान् के  साथ जुड जाये। ज्यादातर लोग जब दुखी होते हैं तब भगवान को ज्यादा याद करते हैं और जब सुख में होते हैं तो भगवान की याद नहीं आती।
 क्या हमें अपने आनंद की स्थिति में भगवान को याद नहीं करना चाहिए, करना चाहिए क्योंकि कष्ट और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रार्थना तो कोई भी कर लेता है, पर आनंद की स्थिति में संयम रखना कोई कोई करता है। भगवान क वही सच्चा भक्त है जब आनंद की स्थिति में भी भगवान का धन्यवाद करता है।

 इस तरह अगर आप अपने परिवार में किसी शराबी व्यक्ति से परेशान हैं तो वह समस्या आपके चीखने चिल्लाने रोने से हल नहीं होने वाली, उसको सिर्फ उस उस शक्ति के ऊपर छोड़ दो और अपने लिए जीना सीख लो। शराबी पन एक बहुत बड़ी समस्या है यह कहना बहुत आसान है कि शराबी को सहन करना सीखो और अक्सर इस समस्या को वही लोग समझ सकते हैं, जिन्होंने इस समस्या को झेला हो। हो सकता है आपके परिवार में भी कोई इस तरह का व्यक्ति हो तो जरुर से ज्यादा शराब पीता है और फिर परिवार में लड़ाई झगड़ा करता हो। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो आप पहले अपने लिए जीना सीखो शराबी के लिए नहीं।


 क्योंकि वह तो एक बीमारी का शिकार है पर हम नहीं और आप उसके भगवान बनने की कोशिश मत करो आप यह कभी मत सोचो वह गाड़ी चलाकर कैसे आएगा, क्योंकि उसके साथ गाड़ी चलाने वाला उसका भगवान् उसके साथ है, तो अपनी इस समस्या के लिए अपने भगवान से प्रार्थना करो कि हे भगवान आप मेरी इस समस्या को एक पल में खत्म कर सकते हो जो मेरे बस से बाहर है।


 अब यह मेरी समस्या मेरी नहीं आपकी समस्या है अब इसमें से निकालना भी आपका ही काम है मेरा नहीं। आपको पता भी नहीं चलेगा यह समस्या कब खत्म हो जाएगी।
 इस तरह की समस्या अगर आप  के पास किसी अपने की है तो इस विषय को जरूर शेयर करें,  क्योंकि बहुत कम लोग समझ पाते हैं कि शराबी व्यक्ति एक बीमार व्यक्ति है।

शराबी के बारे गलत धारणा-

 ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि वह शराब पीकर तंग करता है। तंग करने का उसका भी मन नहीं होता वह अपनी बीमारी के कारण परेशान हैं। क्या आपने कभी सोचा है कोई व्यक्ति अगर कैंसर या किसी भयंकर बीमारी के कारण पीड़ित हैं तो क्या आप उसके साथ लड़ाई झगड़ा करते हो, नहीं करते तो फिर शराबी व्यक्ति भी डिप्रेशन का शिकार है। 

जब हम बीमार इन्सान के साथ हम लड़ाई झगड़ा नहीं करते और उनके  लिए भी तो हम प्रार्थना ही करते आए हैं ना,  तो फिर शराबी के लिए क्यों नहीं।
इसलिए अगर आप शराबी  से परेशान हैं तो सिर्फ भगवान से प्रार्थना करें और वह आपकी प्रार्थना एक दिन जरूर कबूल करेगा।  यह 100%  सत्य है, क्योंकि वह कुछ भी कर सकता है।


 वह अदृश्य शक्ति एक ऐसी शक्ति है जो एक पल में चमत्कार कर सकती हैं, और चमत्कार होते देखे भी होंगे और सुने भी होंगे। 

Lastalfaz-
शराबी के साथ रहते हुए एक बात जरूर याद रखो कि हम उसके भगवान् नहीं बन सकते खुद भी जिऔ और शराबी को भी जीने दो।

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