पारद शिवलिंग की पुजा कैसे करें | पारद शिवलिंग घर में कितना बड़ा रखे |

Tittle-  मनोकामना पूरी करने के लिए पारद शिवलिंग की पुजा कैसे करें। 
हमारे हिन्दू धर्म में भगवान शिव की पूजा अत्यंत सरल और शीघ्र फल देने वाली मानी जाती है, कयोंकि भगवान शिव बहुत ही  भोले माने जाते हैं। जो अपने भक्तों पर बहुत जल्दी कृपा बरसा देते हैं, बस जरूरत है थोड़े से भाव के साथ पूजा करने की।  सोमवार का दिन भगवान शिव की पुजा और व्रत साधना के लिए माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शिव पूजन से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. सभी प्रकार के शिवलिंग की पूजा में पारद शिवलिंग का बहुत  बडा महत्व है. 


पारद शिवलिंग कया है -

पारद शिवलिंग पारद (पारा) और चांदी के मिश्रण से बना होता है. मान्यता है कि यदि सोमवार के दिन श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ पारद शिवलिंग की पूजा की जाए तो भगवान शिव से मनचाहा वरदान मिलता है.
पारद शिवलिंग से संसार के विचित्र आश्चर्यजनक व सिद्दि देने वाली वस्तुओं में से एक भगवान पारदेश्वर को प्राप्त होना है। पारद शिवलिंग की अपनी अलग महिमा है। इसे विश्व में श्रेष्ठ शिवलिंग की संज्ञा दी गई है। शास्त्रों के अनुसार मिट्टी या पत्थर से करोड़ गुना अधिक फल सोने से निर्मित शिवलिंग के पूजन से प्राप्त होता है। स्वर्ण से 4 गुना अधिक मणि , मणि से करोड गुना अधिक फल बाणलिगं नम्रदेशवर की अर्चना से व बाणलिगं से करोड़ गुना फल पारद शिवलिंग से प्राप्त होता है।पारद शिवलिंग की पूजा करना और मात्र दर्शन से इंसान की हर इच्छा पूरी हो सकती है जो वह चाहता है।

पारद शिवलिंग की पूजा के लाभ- 

पारद शिवलिंग की पूजा से ना केवल मानसिक पापों से मुक्ति,  दैहीक, सुख शांति, धन धान्य, यश ,कीर्ति ,बुद्धि प्रदान करने वाले शुभफलदाता हैं, बल्कि इसके दर्शन मात्र से अनेक रोगों से भक्त मुक्त हो जाता है। यह माना जाता है कि जो भक्त पारद शिवलिंग का भक्ति पूर्वक सच्चे दिल से पूजन करता है, उसे तीनों लोकों में स्थित शिवलिंग पूजन का फल प्राप्त होता है।

घर में पारद शिवलिंग की पूजा करने के लिए पारे से बना हुआ  शिवलिंग पूरे अंगूठे जितनी लंबाई का शुद्धता से बना हुआ सबसे उत्तम माना जाता है ।

पारद शिवलिंग की श्रद्धा सहित पूजा जलधारा, दुग्ध धारा, प्रतिदिन करने से घर में सुख शांति और धन की वृद्धि होती रहती हैं। 

पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा नहीं करनी पड़ती।

पारद शिवलिंग में सभी देवताओं की पूजा संपन्न हो जाती है।

पारद शिवलिंग में गौरी, गणेश, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, इन्द्र, वरुण कुबेर, नवग्रह, मातृका, अष्ट वसु, द्वादश, आदित्य, चंद्रमा आदि सभी देवताओं का निवास माना जाता है।
 पारद शिवलिंग में महामाया दिनमस्ता, भगवान महाकाल का सदा ही स्थिर निवास रहता है।

पारद शिवलिंग की पूजा करने से निसंतान दंपत्ति को बहुत जल्द संतान की प्राप्ति हो जाती है।

पराद शिवलिंग की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है।

पारद  शिवलिंग  की पूजा करने के लिए कोई ज्यादा विधि विधान की जरूरत नहीं होती। अगर आप हर रोज अपने घर में जल व दुध से स्नान करवाते हैं तो यह पूजा भी पूर्ण मानी जाती हैं इसलिए घर में पारद शिवलिंग रखें और प्रतिदिन दूध की धारा के साथ शिवलिंग को स्नान कराएं और अपनी मनोकामना को मन में रखकर शिव भगवान्  से मन ही मन प्रार्थना करें। 

लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए-
पारद के शिवलिंग की विशेष तौर पर पूजा की जाती है। आर्थिक संकटों से मुक्ति के लिए किसी भी माह में प्रदोष के दिन पारद के शिवलिंग की षोडशोपचार पूजा करके शिव महिम्नस्तोत्र से अभिषेक करें। फिर हर दिन पूजन करते रहें, कुछ ही समय में आर्थिक स्थिति ठीक होने लगती है। कर्ज मुक्ति होती है।

पारद शिवलिंग की विशेषता- 

भगवान शंकर को पारा बहुत प्रिय है. ऐसी धारणा है कि पारद शिवलिंग का जहां पूजन होता है, वहां भगवान शिव साक्षात् विराजमान रहते हैं. यही कारण है कि पारद शिवलिंग की पूजा करने वाले भक्त पर शीघ्र ही शिव कृपा बरसती है और उसके जीवन में कभी किसी चीज की कोई कमी नहीं रहती है.पारद शिवलिंग के बारे में ऐसा माना जाता है कि यह देवताओं के द्वारा मनुष्य जाति को मिला हुआ वरदान स्वरूप है. पारे से निर्मित पारद शिवलिंग का पास में होना और उसकी पूजा का प्रतिदिन सौभाग्य प्राप्त होना शिव की कृपा मिलने जैसा है. पारदलिंग के पूजन से धन, आरोग्य, ज्ञान और ऐश्वर्य आदि प्राप्त होते हैं. जो व्यक्ति पारदलिंग की भक्ति-भावना के साथ पूजा अर्चना करता है, उसे तीनों लोकों  में  शिवलिंगों के पूजन का फल मिलता है.पारद शिवलिंग के दर्शन मात्र से बड़े से बड़े पाप दूर हो जाते हैं.

पारद शिवलिंग को पूजने से न सिर्फ भगवान शिव एवं माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि सभी तरह के ग्रह-दोष, पाप आदि भी दूर होते हैं.
मान्यता है कि लंका के राजा रावण ने भी पारद शिवलिंग की पूजा से भगवान शिव को प्रसन्न कर अनेक प्रकार शक्तियों को प्राप्त कर ली थी।
 जिस घर में प्राण-​प्रतिष्ठित पारद शिवलिंग रहता है, उस घर से जुड़े सारे वास्तु दोश दूर हो जाते हैं.

 पारद शिवलिंग के शुभ प्रभाव से उस घर के लोगों पर किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र, नजर दोष का असर नहीं पड़ता है. यदि कुंडली में पितृदोष हो तो पारद शिवलिंग की प्रतिदिन दुध के साथ स्नान करवाने से यह दोष भी दूर हो जाता है।

नैगटीव एनर्जी खत्म हो जाती है-

हमारे धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि पारद स्वयं सिद्ध धातु होती है। इसका वर्णन चरक संहिता समेत कई पुराणों में मिलता है। पारद शिवलिंग की पूजा करने से यह सभी प्रकार के तंत्र-मंत्र खत्म कर देता है और आसपास मौजूद बुरी शक्तियों को खत्म कर देती है। मान्यता है कि पारद शिवलिंग की पूजा करने वाले की रक्षा स्वयं महाकाल और महाकाली करते हैं। पुराणों में बताया गया है कि इस शिवलिंग में संपूर्ण ब्रह्मांड का ज्ञान समाया हुआ है।

पारद शिवलिंग कहा से खरीदे-

पारद शिवलिंग खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसकी लंबाई अंगूठे से अधिक लंबी ना हो और पारद शिवलिंग खरीदते  समय शुद्धता का जरूर ध्यान रखें कई बार दुकानों वाले नकली पारे का भी शिवलिंग बेच देते हैं। पारद शिवलिंग धार्मिक दुकानों से बहुत आसानी से मिल जाता है। इसलिए इसको खरीदने से पहले इसकी शुद्धता की पहचान होना बहुत जरूरी है। तभी इसकी पूजा फलदाई साबित होगी ।

Last alfaaz- 
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