होली पर निबंध कैसे लिखें | होली की कहानी | वृन्दावन की होली सबसे प्रसिद क्यू मानी जाती है |

होली पर निबंध ( holi essay in hindi ) होली  उत्तर भारत का बहुत ही पवित्र और धूमधाम से मानये जाने वाला त्यौहार है और मथुरा और वृंदावन में तो इसको एक महीने पहले ही सेलिब्रेट करना शुरू कर देते हैं । लोग मथुरा और वृंदावन में रंगों के साथ फूलों की भी होली खेली जाती है।

होली भारतीय समाज का महत्वपूर्ण और रोमांचक त्योहार है। यह फाल्गुन मास के पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यह उत्तर भारतीय राज्यों में विशेषकर  पसंद किया जाता है, लेकिन आजकल इसे पूरे भारत में उत्सव के रूप में मनाया जाता है। होली का मुख्य आकर्षण रंगों का खेल है, जो इसे विशेष बनाता है।

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होली का महत्व धार्मिक और सामाजिक दोनों ही है। धार्मिक दृष्टि से, होली का त्योहार प्रकृति का आवागमन माना जाता है। यह समय है जब वसंत ऋतु का आगमन होता है और प्रकृति में नवता और उत्साह का अनुभव होता है। सामाजिक दृष्टि से, होली एकता, सौहार्द और खुशियों का प्रतीक है। यह सभी वर्गों और आयु समूहों के लोगों को एक साथ लाने का अवसर प्रदान करता है।

होली के दिन लोग एक-दूसरे को गुलाल, अबीर और विभिन्न रंगों के पाउडर से रंगते हैं। इस रंगों के उत्सव में सभी लोग समान होते हैं, चाहे वह बड़ा हो या छोटा, धनी हो या गरीब। इस तरह, होली समाज में सामाजिक समरसता का संदेश भी लेकर आती है।

अतिथियों को घरों में आमंत्रित किया जाता है और उन्हें बिना शर्म के रंगों में रंगा जाता है। संगीत, नृत्य, और विभिन्न वानिकी आयोजनों के माध्यम से लोग आनंद और हर्ष का अनुभव करते हैं।

होली का खास त्योहार वृंदावन और मथुरा में मनाया जाता है। यहां लोग ब्रज के लीला का उत्सव मनाते हैं और गोपियों के साथ श्री कृष्ण की रंग-बिरंगी खेलते हैं।

होली का यह उत्सव न केवल रंगों का खेल है, बल्कि यह विश्वास का प्रतीक भी है। यह दिखाता है कि जीवन में रंग और उत्साह का हमेशा अवसर होता है। इसे मनाने के माध्यम से, लोग अपने जीवन में खुशियों की ओर अग्रसर होते हैं। होली एक आनंददायक और सामाजिक त्योहार है जो रंगों के साथ जीवन की खुशियों का संदेश देता है। इसे मनाने से लोग न केवल रंगों के साथ अपने जीवन को रंगीन बनाते हैं, बल्कि एक-दूसरे के साथ सामरस्य और प्रेम की भावना को भी बढ़ाते हैं। हमें होली के त्यौहार को मनाते समय अपने बच्चों को भी है शिक्षा देनी चाहिए की होली संपूर्ण आनंद और संतुष्टि के साथ बनाएं दूसरों के साथ प्यार और सम्मान का आदान-प्रदान करें होली हमारे साथी और पवित्र परंपराओं को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण तरीका है और हमें समर्थन करना चाहिए इसके साथ आनंद के साथ जीवन जीना चाहिए।

होली क्यू मनाई जाती है-  ( होली की कहानी- ) 

होली का मनाने का हमारे धर्म के अनुसार एक ही कथा से जुड़ा हुआ है । इस कहानी के अनुसार होली का आयोजन बहुत पुराने समय से हरियणकश्यप नामक राजा के पुत्र प्रहलाद को बचाने के लिए हुआ था। प्रहलाद हिरण कश्यप के विरोधी थे और वह भगवान विष्णु को ऊपर विश्वास करते थे ।हिरण कश्यप अपनी बहन होलीका की सहायता से प्रहलाद को मारने की कोशिश की, लेकिन होलिका  उसको अग्नि कुंड में ले जाने पर जलकर नष्ट हो गई और प्रहलाद सुरक्षित रह गया ।इसी प्रकार से होली मनाई जाती है, और होलिका दहन का हर साल आयोजन किया जाता है। होली के दिन लोग एक दूसरे पर गुलाल और अबीर लगाते हैं। सभी लोग पानी के रंग उड़ाते हैं और भांग आदि का सेवन करते हैं। चारों तरफ रंगों की बारिश होती है लोग खुशी और आनंद में झूमते हैं और खेलते हैं। विभिन्न तरह के गीत, नृत्य ,संगीत के साथ होली मनाई जाती हैं ।इस दिन लोग खासकर गुजिया नाम की मिठाई भी एक दूसरे को बांटते हैं और गिफ्ट में देते हैं।  होली के दिन सभी भाई-बहन एक दूसरे को तिलक लगाकर आशीर्वाद और बधाई संदेश देते हैं। यह त्यौहार नया जीवन की शुरुआत और मित्रता का और प्रेम का प्रत्येक भी माना जाता है ।होली हमें साथ में रहने को और एकता स्थापित करने की भी एक नई शिक्षा देता है। यह हिंदू संस्कृति का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। हमे धार्मिक संस्कृति और विरासत को मान्यता देनी चाहिए ।होली के दिन हमें अपने अंदर रंगीन  जीवन के प्रति प्रकृति को बचाने का भी इरादा और धार्मिक भावनाओं को मजबूती से रखने की प्रेरणा हमें इस त्योहार से मिलती है ।होली हमें प्यार का संदेश देता है और हमारे बीच एक साथ दूसरे की मदद करने की भावना को दर्शाता है। इसलिए होली को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व देकर हमें इसे सदा सदैव और प्यार के साथ मनाना चाहिए।

● धुलैंडी किसे कहते है - होली का प्रमुख त्योहार धुलैंडी माना जाता है यह होली का पहला दिन होता है। इस रंगों का त्यौहार भी कहा जाता है। जिसको हम हिंदी भाषा में फाग भी कहते हैं और रियल नाम इसका धूलंडी माना जाता है। इस दिन लोग गुलाल और अमीर से एक दूसरे को रंग लगाते हैं और पानी के गुब्बारे और पिचकारियों के साथ इस्तेमाल करके एक दूसरे को पानी से नहलाते हैं। यह एक खुशहाल और खुशी भरा दिन होता है। जब लोग एक दूसरे पर रंग लगाकर पूरी तन मन धन से खेलते हैं और खुशी के साथ अपने अनुभव एक दूसरे के साथ साझा करते हैं। धुलैन्डी का महत्वपूर्ण तत्व रंग है। जो सबको एक साथ समानता, एकता और प्यार की भावना को प्रकट करता है।


वृंदावन की होली सबसे ज्यादा विश्व में प्रसिद्ध मानी जाती है -

वृंदावन उत्तर प्रदेश का एक फेमस प्रसिद्ध पवित्र स्थान है यहां पर हर साल हजारों श्रद्धालु लोग आते हैं और होली का जशन इतनी जोर से मनाते हैं कि वृंदावन में पैर रखने की भी जगह नहीं रहती। वृंदावन की होली विशेष तौर पर अद्भुत और अनोखी होती हैं। यह परंपरागत रीति रिवाज के साथ होली मनाई जाती है और यहां के मंदिरों से प्रार्थना की धवनी गूंजती हैं। यहां लोग अपने आप को राधा कृष्ण के भक्त मानते हैं और  राधा और कृष्ण का होली  सबसे पवित्र त्योहार माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन धरती पर राधा कृष्ण खुद फूलों के साथ आकर होली का खेल खेलते हैं। वृंदावन की होली लोग  गीत, संगीत,  रासलीला और अन्य परंपरागत नृत्य और संगीत का आनंद लेते हैं। वृंदावन की सभी गलियों में रंग और फूलों के साथ होली खेली जाती है। वृंदावन की कोई भी गली ऐसी नहीं होती जहां पर फूलों की बरसात ना हो इस दिन। वृंदावन की होली दुनिया में सबसे प्रसिद्ध होली मानी जाती है और सबसे ज्यादा भीड़ होली पर वृंदावन में होती है।

निष्कर्ष- होली हिंदू धर्म का पवित्र और एकता का प्रतिक  है इसलिए होली का त्यौहार को प्यार और सद्भावना के साथ बनाएं।  इसमें किसी भी तरह की कोई बुरी भावना  न रखें।





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