motivational story in hindi ( राजा और किसान )

Motivational Story hindi story 

कई बार कई बार जब हमारे पास किसी बात को लेकर पूरी तो हम आधी अधूरी जानकारी के कारण अपने काम को लेकर कुछ गलतियां कर देते हैं और गलती इंसान से ही होती है, ना कि पशुओं से। गलती करना इन्सान की नॉर्मल प्रवृत्ति है जबकि हम किसी जानकारी के अभाव में बड़ी गलती कर देते हैं। हमें उस बात का एहसास बहुत  समय निकल जाने के बाद पता चलता है।

 जबकि इन्सान गलती करने के बाद ही सीखने की प्रक्रिया होती है। समझदारी इस बात में होती है कि उस गलती को जितनी जल्दी सुधार लिया जाए। यदि आप जानकारी होने के बाद भी अपनी गलती नहीं सुधारते हैं, तो फिर वह आपकी सबसे बड़ी गलती है। यही कारण होता है आपकी असफलता का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। 

अगर आप  को भी किसी बात का पछतावा है तो उसे भुलकर आगे बढने की प्रेरणा ले।

यह कहानी आज आपको ऐसी ही प्रेरणा देने वाली है।  Motivational story in hindi 

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राजा और किसान की कथा

एक दंत कथा है। एक बार एक राजा वन में शिकार के लिए गया, लेकिन अंधेरा हो जाने की वजह से वह रास्ता भटक गया। उसे एक किसान की झोपड़ी दिखाई दी। राजा ने किसान के पास जाकर पूछा, 'क्या मैं रात भर के लिए यहां ठहर सकता हूं?' किसान ने हामी भर दी और राजा की खूब खातिरदारी की।

अगली सुबह जाने से पहले राजा ने किसान से कहा, 'मैं तुम्हारी आदर , सेवा-सत्कार से बहुत खुश हुआ हूं । उसने किसान से कहा कि वह पास में स्थित चंदन का वन तुम्हें तोहफे में देता हूं। गरीब किसान ने राजा का धन्यवाद किया, लेकिन उसे चंदन के कीमत के बारे में कोई  

 भी अंदाजा नहीं था।

वह चंदन की लकडि़यों को जलाकर उसका कोयला बेचने लगा। एक दिन बारिश के कारण लकड़ियां भींग गई और वह कोयला नहीं बना सका। वह कुछ चंदन की कुछ टुकडो को काटकर बाजार ले गया। तब चंदन की खुशबू हवा में तैरने लगी। ग्राहक किसान को मुंह मांगी कीमत देने को तैयार हो गये।

किसान अब बहुत हैरान था कि ऐसा क्यों हो रहा है। एक ग्राहक से पूछने पर उसने चंदन की कीमत बतायी, तो किसान की आंखों में आंसू आ गए। उसे एहसास हुआ कि कैसे उसने जानकारी के अभाव में चंदन की लकड़ियों को किस तरह बर्बाद करता रहा।

तभी एक संत वहां से गुजरे। उन्होंने किसान से कहा कि पछताओ मत। दुनिया में हर व्यक्ति कोई न कोई गलती करता है। इसी प्रकार हर क्षण कीमती होता है, इसलिए उसे कभी बर्बाद नहीं करना चाहिए। किसान को अपनी गलती का एहसास हो गया। वह जंगल वापस गया और उसने चंदन के बहुत सारे पौधे वहां लगा दिए।

Moral of the story -----

गलती करना इन्सान की फितरत है, और उसको सुधार करना सबसे बडा धर्म है।

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