सक्सेस मन्त्रा: अपनी असफलता से निराश न हो कारण की खोज करे। ( motivational story )


सक्सेस मंत्र :-----

असफलता से निराश न हों, अपनी असफलता के कारण की खोज करे और फिर से नया जोश भरे।
हमारे जन्म लेने के बाद हमारे माँ बाप और हम खुद बड़े होकर कुछ महान बनने के सपने देखने लग जाते हैं और अगर हमारे सपने पुरे न हो तो हताश निराश हो जाते है ।
इंसान अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए बहुत कुछ करता है। लेकिन जब वह सफल नहीं हो पता है तो निराश होकर अपनी मेहनत से focus हटा देता है और निराश होकर बैठ जाता है। इस बात को अगर दूसरे नजरिए से देखा जाए तो हमारे जीवन में आने वाली असफलताएं हमें तजुर्बा देती हैं और गलतियां करने से बचाती हैं। इसलिए इंसान को कभी मायूस नहीं होना चाहिए, उसे मेहनत करते रहना चाहिए। एक दिन ऐसा आएगा कि मेहनत का फल सफलता में अवश्य बदल जाएगा।
ऐसी ही कहानी है आज की सफलता और असफलता के बीच की। 

अभिनव ने बड़े उत्साह से परीक्षा की तैयारी की। इसके बावजूद वह टॉप नहीं कर पाया और वह बहुत उदास व निराश रहने लगा। असफलता के गम में उसने पहले की तरह प्रयास करना छोड़ दिया। अभिनव की इस परेशानी का पता जब उसके अध्यापक को पता लगा, जो उसके मार्गदर्शक थे तो उन्होंने एक दिन उसे अपने घर बुलाया। उन्होंने अभिनव से परेशानी की कारण पूछा। उस बच्चे ने बताया की ‘उसने दिन रात मेहनत की पर जैसा वो चाहता था वैसे नतीजे नहीं आए इसलिए वो हताश हो चुका है।

अध्यापक बच्चे की बात सुनने के बाद ने उसे अपने साथ बगीचे में चलने के लिए कहा। वो उसे फलों के पौधों के पास ले गए और बोले की इन फलों के कुछ खराब और मरे हुए पौधे को देखो।जब मैंने इस पौधो को बोया था तो मैंने इसे समय-समय पर सही मात्रा मे पानी दिया, खाद भी डाली और कीटनाशक का छिड़काव भी किया, पर फिर भी यह खराब हो गये तो क्या..?, अभिनव बोला। इतनी सारी मेहनत, इतना पैसा और समय देने के बाद भी अगर जैसा रिजल्ट हम चाहते हैं वो न मिल पाए तो इतना सब कुछ करने से फिर क्या फायदा है।

अध्यापक बोले ऐसा नहीं है और उन्होने एक दरवाजे की तरफ इशारा करते हुए कहा की एक बार जरा इस दरवाजे को खोल कर देखो। अभिनव ने दरवाजे को खोला और देखा की सामने बड़े-बड़े फलों के ढेर पड़े हुए थे। उसने पूछा की, ये सब कहां से आए? अध्यापक बोले, फल के कुछ पौधे के खराब होने का मतलब यह नहीं है कि सभी पौधे खराब हो गए। इसी तरह तुमने मेहनत तो की पर टॉप नहीं कर पाए लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की तुम्हारी दिन रात की मेहनत खराब गई और तुम असफल हो गए। 

परीक्षा देते समय कई चीजें मायने रखती हैं, जिसमें लिखने की स्पीड, तबीयत, मनोस्थिति और भी बहुत कुछ जो सिर्फ मेहनत का पैमाना नहीं है। जो तुमने सीखा वो जिंदगी के हर मोड़ पर काम आएगा । मेहनत करने के बावजूद मनचाहा न मिलने का मतलब यह नहीं है की आप असफल हो गए। इसका मतलब है की आपने सफलता तक पहुचने के लिए एक और सीढ़ी चढ़नी है। कयोंकि कई बार हम जल्दबाजी में सिढी के कुछ सटेप छोड़ देते है और वही सटेप हमारी असफलता का कारण बन जाता है
इसलिए अगर आप भी अपनी मेहनत को लेकर परेशान है तो एक बार ठंडे दिमाग से बैठकर अपनी असफलता का कारण की जरूर खोज करे और फिर नये जोश के साथ एक बार और कोशिश करे।

Motivational thoughts
1. आज हार हुई है, तो कल जीत भी हो सकती है। हार के गम में सुधार की कोशिश छोड़ देना समझदारी नहीं मूर्खता होती है...!!


2. निराश होने की जगह ये सोचना चाहिए कि हमसे कहां भुल हुई है औ उस भुल की जड तक पहुचने की कोशिश करो, अगर आप को असली कमी मिल गई तो फुल जरूर खिलेगै।

3. रेस में लंबे समय तक बने रहना है तो तेज दौड़ने से ज्यादा फोकस देर तक दौड़ने पर करना चाहिए..!

4. असफलता कुछ समय के लिए हरा सकती है, पर हमेशा के लिए नहीं ..!!

5. सफलता हमेशा नियम से मिलती है यह एक कड़वी सच्चाई है।

6. लगातार प्रयास ही सफलता की सबसे बडी सिढी है ...!!


7. हमारी मेहनत ही हमारी सफलता का सबसे बडा मन्त्र है। 

8. सफलता प्राप्त करने के लिए भागना है , रोना नहीं ...!!

9. सफलता उनको मिलती, जिनके होंसले बुलन्द होते है...!!


10.लगातार असफल होने वाले ही एक दिन लगातार प्रयास के कारण अपना नाम इतिहास में लिखवाते  है ...!!

Last thoughts:----
Agar aapko Ya aaj ke motivational story acchi lagi ho to aap apne chahane wale aur dosto ko Jarur share Karen. aur agar aap bhi apni asafalta ko Lekar Kisi Tarah se pareshan Ho To niraash Na Hoi asafalta aapko Kuchh der ke liye niraash kar sakti hain, per lagatar mehnat aapko Jarur Vijay Reth ( रथ )bitha sakti hain. yah Ek kadvi sacchai Hai. Success ka ek hi Mool Mantra hai  jo bhi kam karo  Hamesha niyam se karo.






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